Home » प्रोफेसर जयशंकर तेलंगाना राज्य कृषि विश्वविद्यालय (पीजेटीएसएयू) को ड्रोन के इस्तेमाल की छूट मिली :प्रमुख कीटों और रोगों के निदान के लिए पौधों के सुरक्षा समाधान और विकासशील प्रोटोकॉल के मूल्यांकन और मानकीकरण के लिए अनुमति मिली
Ministry of civil aviation

प्रोफेसर जयशंकर तेलंगाना राज्य कृषि विश्वविद्यालय (पीजेटीएसएयू) को ड्रोन के इस्तेमाल की छूट मिली :प्रमुख कीटों और रोगों के निदान के लिए पौधों के सुरक्षा समाधान और विकासशील प्रोटोकॉल के मूल्यांकन और मानकीकरण के लिए अनुमति मिली

देश में ड्रोन के उपयोग को प्रोत्साहन देने के भारत सरकार के उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए, नागर विमानन मंत्रालय और नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने प्रोफेसर जयशंकर तेलंगाना राज्य कृषि विश्वविद्यालय (पीजेटीएसएयू) को ड्रोन के इस्तेमाल की सशर्त छूट दे दी है। ड्रोन के इस्तेमाल के लिए यह छूट तेलंगाना में पीजेटीएसएयू की अनुसंधान के लिए कृषि भूमि में प्रमुख कीटों और रोगों के निदान के लिए पौधों के सुरक्षा समाधान, कृषि छिड़काव और विकासशील प्रोटोकॉल के मूल्यांकन और मानकीकरण के लिए दी गई है।

यह सशर्त छूट इस संबंध में पत्र जारी होने की तिथि के बाद से 16 मार्च 2022 तक या डिजिटल स्काई प्लेटफॉर्म (फेज-1) के पूरी तरह परिचालित होने तक, जो भी पहले हो, मान्य है। यह छूट तब ही मान्य होगी जब नीचे दी गई सभी शर्तों और सीमाओं का सख्ती से पालन किया जाएगा। इनमें से किसी शर्त का उल्लंघन करने पर, ड्रोन का उपयोग करने की यह छूट अमान्य और निरस्त मानी जाएगी।

ड्रोन के इस्तेमाल के लिए पीजेटीएसएयू और मारुत ड्रोनटेक प्राइवेट लिमिटेड, हैदराबाद के लिए शर्तें और सीमाएं:

  1. सरकार द्वारा निर्धारित मौजूदा नियमों के अनुसार, संचालन प्रतिबंधों का पालन करना होगा।
  2. नागर विमानन मंत्रालय/नागर विमानन महानिदेशायल/रक्षा मंत्रालय/भारतीय वायु सेना/भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण/राज्य/जिला/नागरिक प्राधिकरण जैसी विभिन्न एजेंसियों द्वारा निर्धारित छूट या अनुमति पर शर्तें लागू होंगी। ड्रोन के संचालन से पहले थर्ड पार्टी इंश्योरेंस करवाना होगा।
  3. मानक संचालन प्रक्रिया का पालन करना होगा। हालांकि अपरिहार्य कारणों से इनमें बदलाव किया जा सकता है। अगर ऐसी स्थिति आती है तो उन्हें लिखित में रिकॉर्ड किया जाए।
  4. ड्रोन के सुरक्षित संचालन और यदि इससे किसी व्यक्ति और संपत्ति को क्षति पहुंचती है तो किसी भी कानूनी मामले के लिए प्रोफेसर जयशंकर तेलंगाना राज्य कृषि विश्वविद्यालय (पीजेटीएसएयू) और मारुत ड्रोनटेक प्राइवेट लिनिटेड, हैदराबाद जिम्मेदार होंगे।
  5. इस गतिविधि की वजह से या इससे संबंधित किसी के जीवन/संपत्ति को होने वाली क्षति या इसके परिणामस्वरूप होने वाले किसी प्रत्यक्ष, अप्रत्यक्ष नुकसान के लिए नागर विमानन मंत्रालय और नागर विमानन महानिदेशालय जिम्मेदार नहीं होगा।
  6. यह मानक संचालन प्रक्रिया विशेष रूप से तेलंगाना स्थित पीजेटीएसएयू की अनुसंधान कृषि भूमि में ड्रोन का उपयोग करके कीटों और रोगों के निदान के लिए पौधों के सुरक्षा समाधान और विकासशील प्रोटोकॉल्स के मूल्यांकन और मानकीकरण के लिए प्रोफेसर जयशंकर तेलंगाना राज्य कृषि विश्वविद्यालय (पीजेटीएसएयू) के लिए मान्य है।
  7. ऊपर दिए गए अनुमोदन बिना किसी पूर्वाग्रह के, मौजूदा नियमों, नागर विमानन आवश्यकताओं (सीएआर) और नागर विमानन महानिदेशालय द्वारा समय-समय पर जारी विभिन्न सर्कुलरों के प्रावधानों के पालन के लिए हैं। यदि इस अनुमोदन की उपरोक्त मान्यता के दौरान किसी प्रकार के नियमों का कोई उल्लंघन पाया गया तो इस अनुमोदन को बिना कारण बताए बदला, निलंबित या रद्द किया जा सकता है।

About the author

THE INTERNAL NEWS

Add Comment

Click here to post a comment

CommentLuv badge

Topics

Translate »
error: Content is protected !!