Home » सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के शासन सचिव ने योजनाओं की समीक्षा कर निर्देश दिए जरूरतमंदों को अनुग्रह राशि वितरण सुनिश्चित करें टीम गठित कर पेंशनर्स का भौतिक सत्यापन पूरा कराएं
Uncategorized

सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के शासन सचिव ने योजनाओं की समीक्षा कर निर्देश दिए जरूरतमंदों को अनुग्रह राशि वितरण सुनिश्चित करें टीम गठित कर पेंशनर्स का भौतिक सत्यापन पूरा कराएं

जयपुर, 23 अप्रेल। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के शासन सचिव डाॅ. समित शर्मा ने शुक्रवार प्रातः 9.30 बजे अम्बेडकर भवन स्थित सभागार में कोविड को देखते हुए वेबएक्स के माध्यम से विभागीय योजनाओं की समीक्षा की।

शासन सचिव ने, 33 लाख असहाय, निराश्रित व मजदूर परिवारों को अनुग्रह राशि के रूप में दिए जाने वाले एक-एक हजार रूपये का शत-प्रतिशत वितरण सुनिश्चित करने को कहा। ऐसे करीब 28.74 लाख परिवारों को अप्रेल के प्रथम सप्ताह में डीबीटी से राशि हस्तान्तरित हो चुकी है। शेष ऐसे परिवार जिनके खाते नहीं हैं, उनको जिला स्तर पर स्वयं पहल कर विभागीय अधिकारियों को फील्ड में जाकर और जिला कलक्टर एवं संस्थाओं के माध्यम से यह राशि वितरण सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विभाग की पहचान पेंशन योजनाओं से है। करीब 85 लाख पेंशनर्स विभाग से लाभान्वित हो रहे हैं। अतः इनके भौतिक सत्यापन के कार्य को विभाग के अधिकारी स्वयं का दायित्व मानते हुए पूरा करें। इसके लिए जिला, ब्लाॅक अधिकारी और छात्रावास अधीक्षकों की टीमें बनाकर फील्ड में भेजी जाएं और यह कार्य शीघ्र सम्पन्न कराया जाए।

शासन सचिव ने सुशासन से सुपरिणाम का मंत्र देते हुए अधिकारियों के समक्ष जीरो पेंडेंसी तथा जीरो करप्शन का लक्ष्य निर्धारित किया। उन्होंने कहा कि, किसी आवेदन का निस्तारण करना ही कार्य नहीं है, बल्कि वंचित लोग भी आवेदन करने हेतु प्रेरित हों एवं उन्हें भी विभागीय योजनाओं से जोड़ने का पूरा प्रयास किया जाए, वह सुशासन है। इस प्रक्रिया में किसी भी स्तर पर, किसी भी तरह का भ्रष्टाचार नहीं हो, यह भी आवश्यक है।

डाॅ. शर्मा ने विभाग के छात्रावासों और आवासीय विद्यालयों की शत-प्रतिशत सीटें भरने का लक्ष्य देते हुए अधिकारियों से कहा कि वे इसके लिए गांव-गांव तक जाएं। उन्होंने भवनों को सुन्दर, सुव्यवस्थित बनाने और उच्च स्तरीय सेवा देने पर जोर दिया। उन्होंने छात्रवृत्ति, अनुप्रति जैसी विभिन्न योजनाओं में बजट होते हुए और पात्र अभ्यर्थियों के होते हुए भी प्रक्रियात्मक खामियों के कारण लाभार्थियों तक लाभ न पंहुचने और बजट लैप्स होने को गंभीरता से लेते हुए उन्होंने भविष्य में इसकी पुनरावृत्ति न होने के निर्देश दिए। उन्होंने मुख्यमंत्री कन्यादान योजना को प्राथमिकता बताते हुए इसके बकाया आवेदन निस्तारित करने तथा गुरूशरण छाबड़ा जन जागरूकता अभियान के लिए होमवर्क तैयार करने के निर्देश भी दिए। पालनहार योजना के तहत 18 वर्ष की आयु पूर्ण करने वाले लाभार्थियों के लिए जयपुर के राजकीय अम्बेडकर छात्रावास की भांति अन्य स्थानों पर भी कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू करने के निर्देश दिए। इसके अतिरिक्त कोविड के दौरान विभाग के सभी गृहों और संस्थाओं का निरीक्षण कर वहां साबुन, सैनेटाइजर, स्वच्छता व्यवस्था पुख्ता रखने को भी कहा।

बाल अधिकारिता विभाग की योजनाओं की भी समीक्षा करते हुए शासन सचिव ने स्पेशल कवारंटाइन होम में बच्चों के लिए सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने और समर्थ एवं वात्सल्य योजना में बच्चों को चिन्हित कर शीघ्र लाभान्वित करने के निर्देश दिए। बाल देखरेख संस्थाओं का सतत निरीक्षण करने और CPMIS PORTAL एवं NCPCR PORTALपर समय-समय पर सूचनाएं अपडेट करने के निर्देश दिए।

बैठक के प्रारंभ में दिवंगत अधिकारी श्री शरद शर्मा एवं विभागीय अधिकारी श्री संदीप की दिवंगत पत्नी श्रीमती शिल्पी मीणा को श्रद्धांजलि दी गई।

बैठक में निदेशक एवं संयुक्त शासन सचिव श्री ओ.पी. बुनकर एवं समस्त प्रभारी अधिकारी उपस्थित थे।

About the author

THE INTERNAL NEWS

Add Comment

Click here to post a comment

CommentLuv badge

Topics

Translate »
error: Content is protected !!