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गोगामेड़ी के मर्डर में आनंदपाल की बेटी का कनेक्शन:प्रॉपर्टी विवाद था; रोहित गोदारा के साथ साजिश का आरोप, बोली- मेरा रोल नहीं

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आनंदपाल सिंह की बेटी चीनू का नाम राजू ठेहट मर्डर में भी सामने आया था। राजू को आनंदपाल का जानी दुश्मन माना जाता था। - Dainik Bhaskar

आनंदपाल सिंह की बेटी चीनू का नाम राजू ठेहट मर्डर में भी सामने आया था। राजू को आनंदपाल का जानी दुश्मन माना जाता था।

राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना के अध्यक्ष सुखदेव सिंह गोगामेड़ी की हत्या के मामले में सूत्रों के हवाले से चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है। राजस्थान के कुख्यात गैंगस्टर आनंदपाल सिंह की बेटी चरणजीत सिंह उर्फ चीनू ने रोहित गोदारा के साथ मिलकर इस मर्डर को प्लान किया था। पुलिस के शक की सुई भी आनंदपाल गैंग के पुराने सदस्यों तक पहुंच गई है, जो अब रोहित गोदारा के साथ मिलकर काम कर रहे हैं।

करीबी सूत्रों ने बताया कि आनंदपाल की बेटी चीनू फिलहाल दुबई में रहकर रोहित गोदारा के साथ लॉरेंस गैंग के लिए काम कर रही है। हालांकि चीनू ने फेसबुक पेज पर एक वीडियो शेयर करते हुए इन आरोपों से इनकार किया है। चीनू ने वीडियो में कहा है कि मैं अपने काकोसा की हत्या के बारे में सोच भी नहीं सकती।

पढ़िए पूरी रिपोर्ट….

आनंदपाल सिंह के एनकाउंटर से पहले ही चीनू इंजीनियरिंग करने दुबई गई थी। उसका नाम राजू ठेहट मर्डर में भी सामने आया था। अपने पिता के जानी दुश्मन से बदला लेने के लिए चीनू ने लॉरेंस गैंग के रोहित गोदारा से साथ मांगा था। इसके बाद ठेहट मर्डर को रोहित गैंग के शूटरों ने अंजाम तक पहुंचाया था।

अब सामने आया है कि उसी दौरान चीनू ने अपने पिता के पुराने गुर्गों को साथ लेकर लॉरेंस गैंग जॉइन कर ली थी। उसे आनंदपाल की पुरानी महिला साथी रही लेडी डॉन अनुराधा का भी साथ मिल रहा था।

अपने दोनों चाचा मंजीतपाल और रुपेंद्रपाल उर्फ विक्की के साथ भी चीनू के विवाद की जानकारी सामने आ रही है। बताया जा रहा है कि जयपुर में किसी बड़ी प्रॉपर्टी पर कब्जे को लेकर विवाद हुआ था। सुखदेव सिंह गोगामेड़ी भी इस मामले में चीनू के अगेंस्ट हो रहे थे।

सुखदेव सिंह गोगामेड़ी की 5 दिसंबर को उनके घर में घुसकर दो शूटरों ने हत्या कर दी थी।

सुखदेव सिंह गोगामेड़ी की 5 दिसंबर को उनके घर में घुसकर दो शूटरों ने हत्या कर दी थी।

वसूली में भी लॉरेंस गैंग के लिए रुकावट बन रहे थे गोगामेड़ी
राजू ठेहट मर्डर के बाद लॉरेंस गैंग ने राजस्थान में रोहित गोदारा के जरिए व्यापारियों और प्रॉपर्टी कारोबारियों से फिरौती वसूलने के लिए उन्हें धमकाना शुरू कर दिया था। इनमें से कई मामलों में सुखदेव सिंह गोगामेड़ी, आनंदपाल के भाई मंजीतपाल सांवराद के साथ पीड़ित व्यापारियों और प्रॉपर्टी कारोबारियों के पक्ष में खुलकर आ गए थे।

करीब एक साल पहले रतनगढ़ के रहने वाले प्रॉपर्टी कारोबारी महिपाल सिंह राजपूत को गैंगस्टर रोहित गोदारा के नाम से धमकी दी गई थी। 8 दिसंबर को महिपाल सिंह के फोन पर वॉट्सऐप से वॉइस मैसेज आया कि ‘मैं रोहित गोदारा बोल रहा हूं। 15 तारीख तक 50 लाख रुपए की व्यवस्था कर देना। नहीं तो सीकर वाला अंजाम तुमने देखा ही है। अब आगे भी अगर काम करे तो हमें पैसे देने होंगे।’

इस मामले में गोगामेड़ी और आनंदपाल गैंग ने महिपाल सिंह को सपोर्ट किया। उसे लॉरेंस गैंग को फिरौती देने से मना कर दिया। इसके अलावा भी कई दूसरे मामलों में गोगामेड़ी खुलकर लॉरेंस गैंग के खिलाफ पुलिस के पास जा रहे थे।

आनंदपाल की बेटी चीनू की यह एकमात्र तस्वीर ही इंटरनेट पर उपलब्ध है।

आनंदपाल की बेटी चीनू की यह एकमात्र तस्वीर ही इंटरनेट पर उपलब्ध है।

चीनू दुबई से ऑपरेट करती थी आनंदपाल गैंग
चीनू शुरू से ही आनंदपाल के कई गुनाहों में मास्टरमाइंड रही है। साल 2015 में नागौर के लाडनूं में पेशी से लौटते वक्त आनंदपाल फिल्मी अंदाज में फरार हो गया था। उसकी फरारी की प्लानिंग चीनू ने ही की थी। चीनू के बताए अनुसार ही आनंदपाल गुप्त ठिकानों पर छिपकर रहा था। इस मामले में पहली बार पुलिस ने चीनू को आपराधिक साजिश में आरोपी बनाया था। हालांकि तब दुबई से ही चीनू ने इन आरोपों का खंडन किया था।

इसके बाद 3 दिसंबर 2022 को कुख्यात गैंगस्टर राजू ठेहट का मर्डर हुआ। इस मर्डर की जिम्मेदारी लॉरेंस गैंग के रोहित गोदारा ने ली। पुलिस पड़ताल में साफ हो गया कि दुबई में बैठी चीनू ने ही लॉरेंस गैंग की मदद से यह मर्डर करवाया था। उसने पिता आनंदपाल सिंह का बदला लिया था। इस मामले में भी पुलिस ने अपनी चार्जशीट में चीनू को मुख्य साजिशकर्ता माना है।

यहां तक तो सब ठीक था, लेकिन अब 5 दिसंबर 2023 को श्री राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना के अध्यक्ष सुखदेव सिंह गोगामेड़ी की उनके जयपुर स्थित घर में घुसकर गोली मार हत्या कर दी गई। इस मर्डर की सोशल मीडिया पर लॉरेंस गैंग के गैंगस्टर रोहित गोदारा ने जिम्मेदारी ली। जबकि गोगामेड़ी पुलिस एनकाउंटर में मारे गए गैंगस्टर आनंदपाल और उसके परिवार के सबसे करीबियों में से एक थे।

गोगामेड़ी मर्डर में शामिल दोनों शूटर रोहित राठौड़ और नितिन फौजी।

गोगामेड़ी मर्डर में शामिल दोनों शूटर रोहित राठौड़ और नितिन फौजी।

फेसबुक पर वीडियो शेयर कर कहा- मेरा इस हत्याकांड में कोई रोल नहीं
चीनू ने फेसबुक पर एक वीडियो शेयर किया है। वीडियो में चीनू कह रही है- ‘आदरणीय सुखदेव जी काकोसा को भावपूर्ण श्रद्धांजलि। सुखदेव जी काकोसा हमेशा से हमारे परिवार के आदरणीय सदस्य रहे हैं, परन्तु कुछ दिनों से भ्रान्ति फैलाई जा रही है कि मैं काकोसा की ह्त्या में लिप्त हूं। इसके लिए मैं सभी से ये कहना चाहूंगी कि सुखदेव जी काकोसा वो शख्स हैं जो मेरे पिता की पुलिस द्वारा हत्या करने पर उन्हें न्याय दिलाने के लिए सबसे आगे खड़े थे। ऐसे में तो मैं उनके बारे में ऐसा करने के लिए कभी सोच ही नहीं सकती हूं। इसके लिए मैं यही कहना चाहूंगी कि इसमें मेरा कोई रोल नहीं है।’

‘मैं एक बात से हैरान हूं कि कुछ प्रशासनिक पदाधिकारी जो मेरे पापा का नाम ले रहे हैं वो भी बिना किसी जांच के, मेरा उन्हें यही कहना है कि सही जांच करें, राजनीति नहीं। जिस तरह मेरे पिता पर मुकदमे दर्ज करवाए गए थे सिर्फ राजनीतिक द्वेष के चलते, अब उसी द्वेष का शिकार मुझे बनाया जा रहा है। अंत में मैं यही कहना चाहूंगी कि सुखदेव जी काकोसा मेरे व मेरे परिवार के लिए हमेशा आदरणीय रहेंगे।’

चीनू ने फेसबुक पर वीडियो शेयर कर दावों को खारिज किया है।

चीनू ने फेसबुक पर वीडियो शेयर कर दावों को खारिज किया है।

बठिंडा जेल में रची गई थी साजिश, संपत नेहरा से भी दुश्मनी
अंडरवर्ल्ड की दुनिया में बेखौफ अंदाज से अपना वर्चस्व बढ़ा रही लॉरेंस गैंग को राजस्थान में चुनौती मिलने लगी थी। संपत नेहरा से भी गोगामेड़ी की दुश्मनी की बातें सामने आ रही हैं। बताया जाता है जब संपत नेहरा के सबसे खास दोस्त अंकित भादू का एनकाउंटर हुआ था, तब गोगामेड़ी ने कोई विवादित कमेंट किया था। यही कारण था कि पंजाब की बठिंडा जेल में बंद लॉरेंस विश्नोई गैग का गैंगस्टर संपत नेहरा गोगामेड़ी की हत्या की साजिश रचने लगा था। इस मर्डर के लिए वह AK-47 अरेंज करवा रहा था।

पंजाब पुलिस को ये जानकारी मिलते ही उन्होंने इसी साल मार्च महीने में राजस्थान पुलिस एंटी टेररिस्ट सेल को सूचना दी थी कि गैंगस्टर संपत नेहरा गोगामेड़ी को मरवाने के लिए AK-47 अरेंज करवा रहा है। इस पर राजस्थान आतंकवाद निरोधक दस्ता के डीआईजी अंशुमान भोमिया ने 14 मार्च को एसओजी को गोगामेड़ी पर हमले की साजिश का अलर्ट भेजा था।

पंजाब इंटेलिजेंस ने 7 महीने पहले ही गोगामेड़ी मर्डर की आशंका जाहिर कर दी थी।

पंजाब इंटेलिजेंस ने 7 महीने पहले ही गोगामेड़ी मर्डर की आशंका जाहिर कर दी थी।

गोगामेड़ी को भी अंदाजा था, गैंगस्टर हत्या की साजिश रच रहे हैं
गोगामेड़ी को पिछले कुछ दिनों से लॉरेंस विश्नोई गैंग से जान से मारने की धमकियां मिल रही थीं। इतना ही नहीं, उसे अपने नेटवर्क और पुलिस सूत्रों से भी ये जानकारी थी कि उसकी हत्या की साजिश रची जा रही है। इसे लेकर एक सार्वजनिक सभा में भी गोगामेड़ी ने कहा था कि मुझे मारने के लिए AK-47 खरीदी जा रही है, इसके बावजूद पुलिस मुझे सुरक्षा नहीं दे पा रही है।

वहीं इसको लेकर कुछ दिन पहले ही गोगामेड़ी ने जयपुर में पुलिस कमिश्नर से मिलकर सुरक्षा की मांग की थी। सूत्रों के मुताबिक गोगामेड़ी पुलिस से 3 बार सुरक्षा मांग चुका था, लेकिन नहीं मिली।

शूटर्स को पकड़ने के प्रयास चल रहे हैं
चीनू की भूमिका को लेकर सवाल पूछने पर ADG क्राइम दिनेश एमएन ने बताया- आनंदपाल की बेटी चरणजीत उर्फ चीनू राजू ठेहट के मर्डर में सस्पेक्टेड है। उसकी गिरफ्तारी नहीं होने से फिलहाल जांच पेंडिंग है। अभी हम गोगामेड़ी मर्डर के शूटर्स को पकड़ने का प्रयास कर रहे हैं।

आनंदपाल का छोटा भाई मंजीतपाल (बाएं) और रुपेंद्र पाल (दाएं)। रुपेंद्रपाल फिलहाल जेल में बंद है।

आनंदपाल का छोटा भाई मंजीतपाल (बाएं) और रुपेंद्र पाल (दाएं)। रुपेंद्रपाल फिलहाल जेल में बंद है।

मर्डर से 4 दिन पहले ही कारतूस के साथ पकड़ा गया था नागौर का लड़का
पड़ताल में यह भी सामने आया है कि जयपुर के जिस श्यामनगर इलाके में गोगामेड़ी की हत्या की गई थी, उससे कुछ दूर 1 दिसंबर को नागौर के एक युवक को पुलिस ने तीन जिंदा कारतूस के साथ पकड़ा था। आरोपी लड़के के पास मिले 7.62 MM कारतूस एसएलआर राइफल और AK-47 जैसी हाईटेक गन में यूज होते हैं।

हेड कॉन्स्टेबल सतीश कुमार ने बताया- एक लड़का स्पोट्‌र्स बैग कंधे पर लटका कर आया था। संदेह होने पर हमने उसे श्यामनगर पुलिस स्टेशन की कस्टडी में सौंप दिया था। इस मामले की जांच करने वाले श्यामनगर थाने के तत्कालीन SI (अब निलंबित) जितेंद्र से बात की तो उन्होंने बताया कि आरोपी लड़के का नाम मनोज रेवाड़ पुत्र कैलाश रेवाड़ था। वह नागौर के जायल तहसील के राजोद गांव का रहने वाला था। आरोपी मनोज ने पूछताछ में कुछ नहीं बताया था। ऐसे में एक दिन के पुलिस रिमांड के बाद उसे जेल भेज दिया गया था।

मनोज उसी जायल तहसील से आता है जहां आनंदपाल की महिला सहयोगी लेडी डॉन अनुराधा चौधरी ने अपने नए पति काला जठेड़ी के साथ लंबी फरारी काटी थी। खुद आनंदपाल और राजू फौजी भी इस इलाके में फरारी काट चुके थे। यही कारण है कि जायल कस्बा गैंगस्टरों के नेटवर्क का ठिकाना हमेशा से रहा है। हालांकि अब पुलिस जांच के बाद ही पूरा खुलासा सामने आ पाएगा।

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