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बदमाशों ने सुरंग में लगा रखी थी ‌वाईफाई डोर बेल:कोई दुकान पर आता तो बेल बजाकर काम रोकने का इशारा करते, 12 घंटे तक करते खुदाई

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बदमाशों ने सुरंग में लगा रखी थी ‌वाईफाई डोर बेल:कोई दुकान पर आता तो बेल बजाकर काम रोकने का इशारा करते, 12 घंटे तक करते खुदाई

जयपुर

जयपुर में दो बैंक और ज्वेलरी शोरूम में चोरी करने के लिए सुरंग खोदने वाले बदमाश से पुलिस पूछताछ में चौंकाने वाले खुलासे सामने आ रहे हैं। बदमाशों ने सुरंग में वाईफाई डोर बेल लगा रखी थी, ताकि कोई दुकान में आए तो सुरंग में घुसे साथियों को अलर्ट कर सकें और खुदाई का काम रोका जा सके।

इन बदमाशों ने लूट के लिए 3 दिनों तक बैंक की रेकी कर लॉकर रूम की डायरेक्शन पता की थी। इन लोगों ने एक लॉकर धारक से लॉकर खुलवाने के बहाने लॉकर रूम के बारे में पूरी डिटेल ली थी।

गैंग के सरगना रिजवान ने अपने एक साथी के साथ स्टेट बैंक में जाकर 3 दिनों तक बैंक की रेकी की थी और लॉकर रूम की डायरेक्शन पता की थी।

गैंग के सरगना रिजवान ने अपने एक साथी के साथ स्टेट बैंक में जाकर 3 दिनों तक बैंक की रेकी की थी और लॉकर रूम की डायरेक्शन पता की थी।

सुरंग में लगा रखी थी ‌वाईफाई डोर बेल
पुलिस पूछताछ में सामने आया कि बदमाशों ने एक वाई-फाई डोर बेल सुरंग में लगा रखी थी। खुदाई के दौरान अगर कोई दुकान पर आता तो ये लोग एक बार बेल बजा देते थे, ताकि खुदाई का काम रोक दिया जाता। वहीं दो बार बेल बजाते तो खुदाई का काम फिर से शुरू कर दिया जाता। एक बेल का मतलब था कि काम रोक, दो खतरा है। दो बार बेल बजने का मतलब था कि खतरा खत्म हो चुका है, काम दोबारा शुरू करना है। 12 घंटे तक ये लोग सुरंग में रहकर काम करते और मिट्‌टी के कट्‌टे भरते। रात होने पर एक ट्रक को बुलाया जाता और उसमें मिट्‌टी के कट्टे भरकर उन्हें क्राइम सीन से दूर ले जाकर खाली किया जाता था।

खाता खुलवाने के बहाने स्टेट बैंक में जाकर की रेकी
बदमाश ने बताया- रिजवान और उसके साथ एक अन्य युवक ने 3 दिनों तक बैंक की रेकी की थी। ये लोग बैंक में खाता खुलवाने के बहाने और कागजों को लेकर कई बार बैंक गए। बैंक में बैठकर ये लोग सेफ हाउस और लॉकर की जानकारी जुटाते। जो लोग लॉकर से सामान निकालने के लिए आते उन पर ध्यान देते कि वह किस तरफ जा रहे हैं। लॉकर कितना नीचे है और लॉकर से सामान निकालने और बाहर आने में कितना समय लग रहा है।

इन लोगों ने एक लॉकर धारक से लॉकर खुलवाने के बहाने लॉकर रूम के बारे में पूरी डिटेल ली। इस पर लॉकर धारक ने उनको बैंक के लॉकर की जगह की जानकारी देते हुए बताया कि यहां पर तो बड़े-बडे़ लोगों का लॉकर है। आपको डरने की जरूरत ही नहीं है। यहां पर बहुत सारे लॉकर हैं, जिसमें लोग अपना पैसा, कागजात और सोना रखते हैं। लॉकरों में पैसा और गोल्ड होने के साथ-साथ रिजवान को यह पता चल गया था कि लॉकर किस डायरेक्शन में हैं। बैंक के नजदीक आने पर कितना गहरी खुदाई करनी होगी।

मिट्टी धंसने वाली जगह जब पुलिस जेसीबी से खुदाई करवाई तो पूरी सुरंग का राज खुलकर सामने आ गया।

मिट्टी धंसने वाली जगह जब पुलिस जेसीबी से खुदाई करवाई तो पूरी सुरंग का राज खुलकर सामने आ गया।

कर्जा ज्यादा होने पर बैंक लूटने का प्लान बनाया
पुलिस रिमांड पर चल रहे बाबा खान ने पूछताछ में बताया कि रिजवान इस गैंग को ऑपरेट कर रहा था। हालांकि बाबा खान ने पुलिस को अभी तक गैंग द्वारा की गई दूसरी वारदातों के बारे में नहीं बताया है। उसने बताया कि रिजवान बुलंदशहर (उत्तर प्रदेश) में लोगों से कर्जा लेकर अपना और अपने परिवार का जीवन यापन करता था। कर्जा ज्यादा होने पर उसने बैंक लूटने का प्लान बनाया। उसने पैसा ज्यादा मिलने का लालच दिया था। इस पर हम लोग भी उसके साथ शामिल हो गए।

बाबा खान ने बताया- रिजवान ही सबसे पहले जयपुर आया था। 7 महीने पहले जालूपुरा में उस्मान नाम के व्यक्ति के घर में कमरा किराए पर लिया। उसके बाद सभी को जयपुर लेकर आया। यहीं पर बैठकर उसने पूरी प्लानिंग बनाई। इसके बाद सभी लोगों ने काम करने के लिए हां कहा। इसके बाद दुकान किराए पर ली गई और वारदात के लिए सुरंग तैयार की गई।

दिल्ली रोड स्थित ईदगाह जाते थे प्लान तैयार करने
पकड़े गए बदमाश ने पूछताछ में बताया कि पुलिस को शक नहीं हो और वारदात के बाद इन लोगों को कोई पकड़ नहीं सके, इसके लिए रिजवान ने एक प्लान बनाया था। सभी बदमाश सुरंग खोदने के लिए किराए पर ली गई दुकान और रहने के लिए जालूपुरा में लिए मकान पर रहने के दौरान अपने मोबाइल से सिम कार्ड निकालकर रखते थे, ताकि वारदात के बाद भागने पर पुलिस ट्रेस नही कर सकें।

इन बदमाशों को परिवार के लोगों या अन्य किसी से जरूरी बात करनी होती तो दिल्ली रोड स्थित ईदगाह जाते थे, जहां पर सिम कार्ड लगाकर बात करते और वापस ​सिम कार्ड निकाल लेते थे। इसके अलावा दुकान पर एक सिम कार्ड ऑन रखते थे, जिस पर लोगों से केवल लोन या पशु आहार के संबंध में सामान्य बात करते थे। ये लोग उसी इलाके में बैठकर आगे की प्लानिंग करते थे।

मोबाइल इस्तेमाल नहीं कर रहे फरार बदमाश, पकड़ से दूर
जयपुर पुलिस की 4 टीमों ने फरार चारों बदमाशों के घर और संभावित ठिकानों पर दबिश दी, लेकिन आरोपी पहले ही घर से भाग चुके थे। पुलिस ने इन बदमाशों के इलाके के पुलिस थानों से इनका आपराधिक रिकॉर्ड भी निकाला, लेकिन कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं मिला।

ये बदमाश इतने शातिर हैं कि मोबाइल का भी इस्तेमाल नहीं कर रहे हैं। ऐसे में पुलिस के लिए इन बदमाशों को पकड़ना बड़ा चैलेंज साबित हो रहा है। हालांकि जयपुर पुलिस की टीमें लगातार इन बदमाशों को ट्रेस करने का प्रयास कर रही है।

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