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रेलवे के कबाड़ से बने हथियार आतंकी-गैंगस्टर्स को सप्लाई:राजस्थान बना तस्करों का ‘सिल्क रूट’; 3 साल में 80 गन पंजाब में गैंगस्टर्स को बेची

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रेलवे के कबाड़ से बने हथियार आतंकी-गैंगस्टर्स को सप्लाई:राजस्थान बना तस्करों का ‘सिल्क रूट’; 3 साल में 80 गन पंजाब में गैंगस्टर्स को बेची

जोधपुर

राजस्थान का जोधपुर देश में आतंक फैलाने वाली गैंग के लिए हथियार सप्लाई का ‘सिल्क रूट’ यानी बड़ा अड्डा बन गया है। पंजाब में गन सप्लाई करने वाली एक गैंग के सदस्यों को पुलिस ने चार दिन पहले ही पकड़ा है, जिसने कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। गैंग ने बताया कि उन्होंने तीन साल में 80 गन सप्लाई की हैं।

सप्लाई किए गए सारे हथियार गैंग ने रेलवे के कबाड़ से तैयार किए थे। पड़ताल में सामने आया कि देश के तीन बड़े हत्याकांड सिद्धू मूसेवाला, राजू ठेहट और सुखदेव सिंह गोगामेड़ी के लिए भी हथियार जोधपुर की इसी गैंग ने सप्लाई किए थे।

बदमाशों ने 4 राज्यों के तस्करों के साथ मिलकर प्रदेश में हथियार सप्लाई का नेटवर्क तैयार कर रखा है। इसका मुख्य सरगना गैंगस्टर कैलाश खीचड़ है, जिसके सहयोगी सुखदेव जांगू को जोधपुर पुलिस ने खेड़ापा से पकड़ा है।

पड़ताल में सामने आया कि उसकी गैंग लॉरेंस गैंग समेत पंजाब के कई बदमाशों और आतंकवादियों को हथियार सप्लाई कर चुकी है।

सोशल मीडिया पर बदमाश इस तरह के कई वीडियो पोस्ट कर रहे हैं। ऐसे में ये भी पुलिस के रडार पर हैं। (फाइल)

सोशल मीडिया पर बदमाश इस तरह के कई वीडियो पोस्ट कर रहे हैं। ऐसे में ये भी पुलिस के रडार पर हैं। (फाइल)

7 बदमाश पकड़े तो खुले राज
पंजाब में हुए सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड, राजस्थान के सीकर में राजू ठेहट मर्डर और दो महीने पहले जयपुर में हुए सुखदेव सिंह गोगामेड़ी मर्डर पूरे देश में चर्चा में आए थे।

तफ्तीश में सामने आया कि तीनों ही मर्डर में हथियार सप्लाई का कनेक्शन जोधपुर से है। पुलिस ने इनपुट के आधार पर बीते शुक्रवार को एक साथ कार्रवाई कर हथियार सप्लाई करने वाली गैंग के 7 बदमाशों को पकड़ा। सामने आया कि राजू ठेहट मर्डर मामले में इन लोगों ने ​हथियार पहुंचाए थे। बदमाशों ने पूछताछ में बताया कि वे कबाड़ से बने हथियार खरीदकर लाते हैं।

80 से 100 रुपए किलो के भाव से कबाड़ खरीद
सुखदेव जांगू ने पूछताछ में बताया कि एमपी में जिस गैंग से वह हथियार खरीदता है, वो 80 से 100 रुपए किलो के भाव से रेलवे का कबाड़ खरीदती है। इसमें कुछ खास तरह के कलपुर्जे शामिल होते हैं, जिन्हें ढाल कर खतरनाक हथियार बनाते हैं। इसमें हैवी मेटल्स से बने ट्रक के कलपुर्जे भी शामिल हैं। ट्रकों की स्टीयरिंग और रेलवे के कबाड़ को मिलाकर इन बदमाशों के लिए ​हथियार तैयार किए गए थे।

इस तरह के हथियार…
कट्टा : इसे लोहे के पॉइंट को काटकर बनाया जाता है और इसमें 12 बोर की बैरल होती है। इसमें बंदूक में काम आने वाली गोली डाली जाती है। इसकी रेंज ज्यादा नहीं होती है। चलाने वाले के हाथ में फटने का डर ज्यादा रहता है।

तमंचा : इसे कट्‌टे का लेटेस्ट वर्जन कहा जा सकता है। इसमें 15 बोर का बैरल होता है। इसमें डालने के लिए गोलियां बनाई जाती हैं।

पिस्तौल : पिस्तौल में 10 इंच का बैरल होता है। इसमें मैगजीन डाली जाती है। यह सेमी-ऑटोमैटिक और ऑटोमैटिक, दोनों तरह की होती है।

रिवॉल्वर : इसमें मैगजीन नहीं होती है। बैरल के आगे ही एक सिलेंडर लगा दिया जाता है। उसमें गोली डाली जाती है। फायर होने के साथ ही सिलेंडर घूमता है और दूसरी गोली बैरल के आगे आ जाती है।

माउजर : माउजर एक सेमी-ऑटोमैटिक पिस्तौल है। इसमें कारतूस डाला जाता है। इसमें रिवॉल्वर से बड़ा कारतूस उपयोग में आता है।

25 हजार में खरीद, 80 हजार में सप्लाई
पकड़े गए बदमाशों ने बताया कि वे इन हथियारों को क्वालिटी के हिसाब से एमपी-यूपी में बने उनके ठिकानों से 25 हजार रुपए में खरीद कर लाते हैं। आगे इन्हें 50 से 80 हजार रुपए तक में पंजाब में जाकर बेचा गया था। पड़ताल में सामने आया कि सुखदेव जांगू पिछले तीन साल से सभी बड़ी गैंग को हथियार सप्लाई कर रहा था। इन तीन साल में सुखदेव ने 80 से ज्यादा हथियार इन गैंग को दिए हैं। सबसे ज्यादा डिमांड तमंचा और हैंडमेड माउजर की आती थी। अब पुलिस इस पूरे नेटवर्क को खंगाल रही है।

किसी भी बदमाश को चेहरे से नहीं जानता
हथियार सप्लायर सुखदेव जांगू बताया कि उसने पंजाब में जिन बदमाशों को हथियार बेचे, उनको वह चेहरे से नहीं जानता। गैंग के गुर्गे फोटो देखकर हथियार सिलेक्ट करते थे। पैसे फिक्स होने के बाद वह उस हथियार को अपने रिस्क पर पंजाब में सप्लाई करने जाता था।

यह सुखदेव जांगू है, जिसे जोधपुर ग्रामीण पुलिस ने कुछ दिन पहले पकड़ा था। इसने पूछताछ में कई राज उगले हैं।

यह सुखदेव जांगू है, जिसे जोधपुर ग्रामीण पुलिस ने कुछ दिन पहले पकड़ा था। इसने पूछताछ में कई राज उगले हैं।

जब सुखदेव राजस्थान सीमा पार कर जाता तो गैंग से जुड़े बदमाश उसे पंजाब में अनजान लोकेशन पर बुलाते थे। वहां 4 से 5 घंटे तक इंतजार करवाते ताकि किसी को शक न हो। इसके बाद वह इन गुर्गों को उसी लोकेशन पर ​हथियार देकर वहां से निकल जाता था।

एमपी, यूपी, बिहार और हरियाणा इस पूरे रूट की चेन
जोधपुर ग्रामीण पुलिस की जांच में सामने आया कि इन तीन साल में मध्यप्रदेश के साथ उत्तर प्रदेश, हरियाणा और बिहार तक बदमाशों ने सप्लाई का पूरा रूट तैयार कर रखा है। यह रूट आज भी बड़ी मात्रा में नशे की खेप राजस्थान में सप्लाई करने के लिए कुख्यात है। अब इसी रूट पर हथियार का जखीरा इधर से उधर हो रहा है। पुलिस पड़ताल में सामने आया कि बिहार के मुंगेर में बनने वाले हथियारों की तस्करी बढ़ रही है। वहां से कई हथियार जोधपुर पहुंचे थे।

जोधपुर ग्रामीण एसपी धर्मेंद्र यादव ने बताया- जोधपुर से हरविंदर सिंह रिंदा गैंग, लॉरेंस गैंग, जग्गु भगवानपुरिया गैंग और लखविंदर लंडा गैंग को हथियार सप्लाई हुए हैं। इन गैंग का कनेक्शन सिद्धू मूसेवाला, राजू ठेहट और सुखदेवसिंह गोगामेड़ी हत्याकांड से रहा है। उन्होंने बताया कि पहले ये लोग एक दूसरे को लूटने और गैंगवॉर के लिए हथियार लाते थे। लेकिन, अब गैंगस्टर इन लोगों से हथियार खरीदने लगे हैं।

बढ़ रही मुंगेर के हथियारों की मांग
एमपी, यूपी और बिहार में अवैध हथियार के कई ठिकाने हैं। अभी बिहार के मुंगेर में बने हथियारों की डिमांड तस्कर और अपराधी काफी कर रहे हैं। मुंगेर में ओरिजिनल पिस्तौल की नकल करके अवैध पिस्टल बनाई जाती है। अवैध हथियार बनाने में यहां के कारीगर एक्सपर्ट हैं।

मुंगेर के जमालपुर में रेलवे का कारखाना है। तस्कर नीलामी में स्क्रैप आयरन किसी तरह हासिल कर लेते हैं, जिससे उन्हें आयरन का पाइप मिल जाता है। वे स्किल्ड हैं इसलिए विदेशों में बनने वाली पिस्तौल से बढ़िया हथियार बना लेते थे। अगर दूसरे राज्यों में बने तमंचों को देखें तो कई बार फायर करते वक्त पाइप फट जाता है या अटक जाता है। चलाने वाला ही घायल हो जाता है।

कई व्यापारी थे हैप्पी पासिया गैंग के निशाने पर
पंजाब पुलिस से राजस्थान पुलिस को इनपुट मिला था कि आतंकी हरविंदर सिंह रिंदा गैंग के गुर्गे हैपी पासिया के निशाने पर कई व्यापारी थे। इस गैंग के बदमाशों को जोधपुर से ही हथियार सप्लाई किए गए थे। तीन महीने पहले पुलिस ने हैप्पी पासिया गिरोह के बावा सिंह और विक्रमजीत को गिरफ्तार किया था। विक्रमजीत को राजस्थान के कई व्यापारियों को टारगेट करने के लिए पासिया ने 15 लाख रुपए दिए थे।

राजस्थान के बड़े मामले, जिनमें जोधपुर से सप्लाई हुए ​हथियारों का कनेक्शन

3 अगस्त 2018 : पाली जिले में बाड़मेर के कुख्यात तस्कर खरताराम ने पुलिस को पीछा करता देख नाना के जंगल में अपने आप को गोली मार ली थी। खरताराम अवैध हथियार रखने और उन्हें पुलिस पर चलाने के बदनाम था। पुलिस को यह भी इनपुट था कि खरताराम ने मुंगेर से AK47 भी खरीद रखी थी।

21 अप्रैल 2021 : भीलवाड़ा में कुख्यात तस्कर राजू फौजी और सुनील डूडी की गैंग की रायला व कोटड़ी पुलिस से मुठभेड़ हो गई थी। इस दौरान तस्करों ने फायरिंग कर दो कॉन्स्टेबल की हत्या कर दी थी। साथ ही प्रदेश में आ रहे अवैध हथियारों की चेन की पोल खोल दी थी।

22 नवंबर 2022 : भीलवाड़ा में आदर्श तापड़िया हत्याकांड के बाद उसकी हत्या का एक नाबालिग द्वारा बदला लिया गया। नाबालिग ने इब्राहिम नाम के युवक को रोड पर गोली मार दी। पुलिस जांच में सामने आया कि नाबालिग एमपी से तीन से चार पिस्टल इस हत्याकांड के लिए खरीद कर लाया था।

31 दिसंबर 2022 : सीकर में कुख्यात गैंगस्टर राजू ठेहट की उसके घर के आगे ही गोली मारकर हत्या कर दी थी। हत्याकांड में सभी अवैध हथियारों का उपयोग किया गया था। इसमें कनेक्टिविटी हरियाणा पाई गई थी।

6 फरवरी 2023 : उदयपुर में बदमाशों द्वारा बजरंग दल के संयोजक राजू तेली की रोड पर गोली मारकर हत्या कर दी थी। बदमाशों के पकड़ में आने के बाद इन अवैध हथियारों को एमपी और यूपी से लाने की बात सामने आई थी।

11 दिसंबर 2023 : जयपुर में राष्ट्रीय करणी सेना के अध्यक्ष सुखदेव सिंह गोगामेड़ी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। हत्यारों ने ऑटोमैटिक पिस्टल का उपयोग किया था। यहां भी हथियारों की कनेक्टिविटी हरियाणा सामने आई थी।

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