एमजीएसयू : इतिहास विभाग के विद्यार्थियों ने पैनोरमा के माध्यम से जाना देशनोक की करणी माता का इतिहास

FacebookWhatsAppTelegramLinkedInXPrintCopy LinkGoogle TranslateGmailThreadsShare
https://twitter.com/TIN_NETWORK_/status/1827316973975564406?t=9XWIDDj22s-V4mIwHb9aEw&s=19

बीकानेर राजघराने की कुलदेवी करणी माता का है वृहद इतिहास : डॉ. मेघना शर्मा

एमजीएसयू के इतिहास विभाग के विद्यार्थियों ने भ्रमण प्रभारी डॉ. मेघना शर्मा के नेतृत्व में आयोजित शैक्षणिक भ्रमण के तहत शनिवार को करणी माता मंदिर व पैनोरमा के माध्यम से करणी देवी की ऐतिहासिकता व जीवन दर्शन को जाना समझा।
सर्वप्रथम विभागाध्यक्ष प्रो. अनिल कुमार छंगाणी ने विद्यार्थियों की बस को हरी झंडी दिखाकर परिसर से देशनोक हेतु रवाना किया तत्पश्चात विद्यार्थियों ने करणी माता के पुराने मंदिर के साथ साथ नवनिर्मित पैनोरमा में उद्धृत मूर्ति शिल्प व झांकियों के माध्यम से ज्ञानवर्धन किया।
डॉ. मेघना ने विद्यार्थियों को बताया कि बीकानेर और जोधपुर की स्थापना करणी माता के आशीर्वाद के बाद ही हो सकी और यहां मंदिर परिसर में उपस्थित चूहे उनके पुत्रों के रूप में प्रतीकात्मक रूप से पूजे जाते हैं। सफेद चूहे (काबा) का दिखना शुभ माना जाता है। डॉ. मेघना ने आगे बताया कि राजस्थान के स्थानीय देवी देवताएं व मेले त्योहार सेमेस्टर के पाठ्यक्रम का महत्वपूर्ण हिस्सा भी हैं।
भ्रमण दल में लगभग 50 विद्यार्थियों ने भागीदारी निभाई। विभाग से अतिथि शिक्षक डॉ. मुकेश हर्ष, जसप्रीत सिंह व रिसर्च फेलो शोधार्थी पूनम चौधरी भी शामिल रहे।
शैक्षणिक भ्रमण को सफल बनाने में विद्यार्थी दल से जगदीश मेघवाल, अब्दुल हक और हिमांशु गहलोत का विशेष सहयोग रहा।

FacebookWhatsAppTelegramLinkedInXPrintCopy LinkGoogle TranslateGmailThreadsShare
Categories:

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!