बीकानेर में डॉ. अजय कपूर ने चिकित्सा शिक्षा सचिव से की मुलाकात:बीकानेर ट्रॉमा सेंटर में उप अधीक्षक का पद स्वीकृत करने की दिशा में दिया सकारात्मक आश्वासन

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बीकानेर। पीबीएम अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर में चिकित्सा सेवाओं के विस्तार की दिशा में एक अहम पहल हुई है। अस्थि रोग विशेषज्ञ डॉ. अजय कपूर ने आज जयपुर में चिकित्सा शिक्षा सचिव अम्बरीष कुमार से मुलाकात कर उन्हें ट्रॉमा सेंटर से जुड़ी गंभीर समस्याओं और संभावनाओं से अवगत कराया। वर्तमान में चोटिल चल रहे डॉ. कपूर से सचिव ने व्यक्तिगत रूप से उनका हालचाल भी जाना और बीकानेर ट्रॉमा सेंटर में उप अधीक्षक का पद स्वीकृत करने की दिशा में सकारात्मक आश्वासन दिया।
डॉ. अजय कपूर ने सचिव को सौंपे गए ज्ञापन में ट्रॉमा सेंटर में “Dedicated PRP CLINIC (Platelet Rich Plasma) Orthobiologic Regenerative Treatment” के लिए ब्लड सेपरेशन मशीन की तत्काल आवश्यकता जताई। उन्होंने कहा कि यदि यह मशीन उपलब्ध कराई जाती है, तो जोड़ों के दर्द, और अन्य अस्थि रोगों से पीड़ित रोगियों को अत्याधुनिक और कारगर उपचार मिल सकेगा।
इस संबंध में बीकानेर पूर्व के विधायक जेठानंद व्यास, खाजूवाला विधायक विश्वनाथ मेघवाल और कोलायत विधायक अंशुमान सिंह भाटी भी शासन को पत्र लिखकर ट्रॉमा सेंटर में उप अधीक्षक के पद की स्वीकृति और मशीन की आवश्यकता को रेखांकित कर चुके हैं। इससे पहले यह मामला दो वर्षों से पेंडिंग पड़ा हुआ था।
डॉ. कपूर का कहना है कि यह तकनीक ऐसी है जिसमें मरीज के अपने रक्त से प्लेटलेट्स और ग्रोथ फैक्टर्स अलग कर उसे शरीर के दर्दग्रस्त हिस्से में इंजेक्ट किया जाता है, जिससे बिना सर्जरी के इलाज संभव हो जाता है। यह आम जन के लिए वरदान साबित हो सकता है, खासकर उन मरीजों के लिए जो महंगे इलाज का खर्च नहीं उठा सकते।
डॉ. कपूर ने इस संबंध में चिकित्सा शिक्षा सचिव के अलावा प्रभारी सचिव श्री किशन कुनाल, मुख्यमंत्री के ओएसडी योगेश श्रीवास्तव को भी पत्र भेजकर ट्रॉमा सेंटर की ज़रूरतों और बीकानेर संभाग की स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सक्षम बनाने की मांग की है।
उन्होंने बताया कि पीबीएम अस्पताल पूरे बीकानेर संभाग का सबसे बड़ा चिकित्सा संस्थान है, जहां हर दिन हजारों मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में अत्याधुनिक मशीनों और पर्याप्त प्रशासनिक पदों की स्वीकृति से अस्पताल की कार्यक्षमता एवं देखभाल देख भाल कई गुना बढ़ सकती है।

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