बीकानेर शहर में “आई फ्लू” के रोगी बढ़े:आंखों में वायरल इंफेक्शन के रोगी बढ़े, बच्चों की आंखें भी हो रही है लाल

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शहर में “आई फ्लू” के रोगी बढ़े:आंखों में वायरल इंफेक्शन के रोगी बढ़े, बच्चों की आंखें भी हो रही है लाल

सेटेलाइट अस्पताल में आई फ्लू से पीड़ित बच्चों को लेकर पहुंच रहे हैं अभिभावक। - Dainik Bhaskar

सेटेलाइट अस्पताल में आई फ्लू से पीड़ित बच्चों को लेकर पहुंच रहे हैं अभिभावक।

बीकानेर में पिछले कुछ दिनों से आंखों में वायरल इंफेक्शन बढ़ रहा है। सैकड़ों की संख्या में लोग “आई फ्लू” की चपेट में आने से अस्पताल पहुंच रहे हैं। वहीं स्कूल्स में बच्चों में ये रोग ज्यादा बढ़ता दिख रहा है। डॉक्टर्स का कहना है कि पिछले दस दिन में बीकानेर में ये इंफेक्शन तेज गति से बढ़ा है।

बीकानेर के पीबीएम अस्पताल स्थित नेत्र रोग विभाग में आई फ्लू से पीड़ित रोगियों के लिए अलग से व्यवस्था करनी पड़ रही है। हर रोज सौ से ज्यादा मरीज जहां नेत्र रोग विभाग में पहुंच रहे हैं, वहीं सेटेलाइट अस्पताल, जस्सूसर गेट स्थित जिला अस्पताल में भी आंखों से परेशान रोगी आ रहे हैं। प्राइवेट अस्पतालों में भी आई फ्लू के रोगियों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। खास बात ये है कि बच्चों में आई फ्लू ज्यादा हो रहा है। स्कूल में एक आई फ्लू पीड़ित स्टूडेंट के पहुंचने से अन्य बच्चों में भी ये रोग तेज गति से फैल रहा है। अधिकांश प्राइवेट स्कूल “आई फ्लू” से ग्रसित बच्चों को प्रार्थना सभा से ही अलग कर रहे हैं और अभिभावकों को सौंप रहे हैं। बच्चों को क्लास में एंट्री नहीं दी जा रही है।

ये रखनी है सावधानी

नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. गुलाब खत्री का कहना है कि आई फ्लू से बचने के लिए दवा की दुकानों से सीधे दवा नहीं लेनी चाहिए। डॉक्टर के परामर्श से ही दवा लेनी चाहिए। जिसको आई फ्लू हो चुका है, उसके कपड़े अलग रखें जाने चाहिए। स्पर्श नहीं करना चाहिए। गुनगुने पानी से आंखों को बार बार धोना चाहिए। ऐसे रोगियों के सम्पर्क में आने से बचना चाहिए। उनके कपड़े, तौलिया व अन्य सामान भी अलग रखना चाहिए।

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