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अफगानिस्तान पर अमेरिका के विशेष दूत ने अजीत डोभाल और हर्षवर्धन श्रृंगला से की वार्ता, जानें किन मुद्दों पर हुई चर्चा

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REPORT BY SAHIL PATHAN
अफगानिस्तान के लिए अमेरिका के नवनियुक्त विशेष प्रतिनिधि थामस वेस्ट ने मंगलवार को राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल और विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला से अलग-अलग मुलाकात की। इन मुलाकातों में अफगानिस्तान के ताजा घटनाक्रम पर मुख्य रूप से चर्चा की गई।
नई दिल्ली । अफगानिस्तान के लिए अमेरिका के नवनियुक्त विशेष प्रतिनिधि थामस वेस्ट ने मंगलवार को राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल और विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला से अलग-अलग मुलाकात की। इन मुलाकातों में अफगानिस्तान के ताजा घटनाक्रम पर मुख्य रूप से चर्चा की गई। सूत्रों ने बताया कि वार्ता के दौरान अफगानिस्तान के भीतर और वहां से बाहर लोगों की आवाजाही, मानवीय सहायता के वैश्रि्वक प्रयासों के समन्वय के रास्तों और क्षेत्रीय सुरक्षा से जुड़े मामलों सहित अन्य मुद्दे सामने आए।
अलग-अलग हुई मुलाकातों में अफगानिस्तान के ताजा घटनाक्रम रहे चर्चा के केंद्र में
उन्होंने बताया कि वार्ता के दौरान भारत की मेजबानी में अफगानिस्तान के विषय पर आयोजित क्षेत्रीय सम्मेलन तथा आपसी हितों से जुड़े क्षेत्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मुद्दे भी उठे। सूत्र ने बताया, ‘चर्चा अफगानिस्तान के ताजा घटनाक्रम पर केंद्रित रही।’ समाचार एजेंसी theinternalnews.co के मुताबिक विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने ट्वीट कर कहा, ‘विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला ने अफगानिस्तान के लिए अमेरिका के विशेष प्रतिनिधि थामस वेस्ट से मुलाकात की और हाल के घटनाक्रम और अफगानिस्तान में आम हित के मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान किया।’
अफगानिस्तान के अंदरूनी मामलों में हस्तक्षेप नहीं करने की जरूरत पर जोर
गौरतलब है कि भारत ने 10 नवंबर को अफगानिस्तान पर क्षेत्रीय सम्मेलन का आयोजन किया था जिसमें रूस, ईरान, कजाखस्तान, किर्गिस्तान, ताजिकिस्तान, तुर्कमेनिस्तान, उज्बेकिस्तान के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों ने हिस्सा लिया था।अफगान संकट पर भारत की मेजबानी में हुई सुरक्षा वार्ता में आठ देशों के शीर्ष सुरक्षा अधिकारियों ने अफगानिस्तान की संप्रभुता, एकता और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान करने तथा इसके अंदरूनी मामलों में हस्तक्षेप नहीं करने की जरूरत पर जोर दिया था।
दिल्ली क्षेत्रीय सुरक्षा वार्ता के अंत में इन आठ देशों ने एक घोषणापत्र में यह बात दोहराई थी कि आतंकवादी गतिविधियों को पनाह, प्रशिक्षण, साजिश रचने देने या वित्तपोषण करने देने में अफगान भू-भाग का इस्तेमाल नहीं होना चाहिए।अफगानिस्तान में मंडराते मानवीय संकट का जिक्र करते हुए इसमें कहा गया था कि अधिकारियों ने अफगान लोगों को सहायता निर्बाध, सीधे तौर पर और आश्र्वस्त तरीके से उपलब्ध कराने की हिमायत की तथा कहा कि वह सहायता अफगान समाज के सभी तबकों के बीच गैर-भेदभावकारी तरीके से वितरित की जाए।

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