आदरणीय नरेश नाज़ सर द्वारा स्थापित अंतरराष्ट्रीय काव्य संस्था महिला काव्य मंच “मन से मंच” तक की पश्चिम इकाई की गोष्ठी आज दिनांक 20/08/22 को सुश्री ममता सिंह जी के यहाँ सफ़लता पूर्वक संपन्न हुई।
गोष्ठी का आरंभ माँ वीणापाणि के वंदन एवं दीप प्रज्ज्वलन से हुआ। दीप प्रज्ज्वलन अहमदाबाद की जिला अध्यक्षा आदरणीय मधु सोसिजी व पश्चिम इकाई की अध्यक्षा सुश्री प्रीति ‘अज्ञातजी’ के कर कमलों द्वारा किया गया। इस अवसर पर सुश्री दीपमाला द्वारा मधुर स्वर में सरस्वती वंदना गाई गई। नेपथ्य से वंदन के स्वर ने चार-चांद लगा दिए।
सम्पूर्ण वातावरण में अदभुत आनंद का संचार हो गया।
तदुपरान्त सुश्री ममताजी द्वारा कुमकुम टीका लगा कर एवं पुष्प प्रदान करके कवयित्रियों का स्वागत किया गया।
इकाई अध्यक्षा आदणीय प्रीति ‘अज्ञात’ जी के अध्यक्षीय उद्बोधन द्वारा तथा सुश्री ममताजी के स्वागत कथन एवं गरिमामय वातावरण में कार्यक्रम आरंभ हुआ।
संपूर्ण वातावरण कृष्णमय हो गया तथा ऐसा प्रतीत हुआ हम सब कृष्ण के सानिध्य में हैं।
भक्ति रस में भिगोने वाली कवयित्री थीं सुश्री रूबी जी,
सुश्री सीमा शर्मा जी, कर्मभूमि की संस्थापिका सुश्री प्रीति अज्ञात जी, सुश्री दीपमाला शर्मा जी, सुश्री छाया वर्मा,सुश्री एकता व्यासजी, सुश्री चेतना अग्रवाल जी,सुश्री मल्लिका मुखर्जी,सुश्री निजता चतुर्वेदी, सुश्री पंकज चतुर्वेदी निष्ठा’, सुश्री निजता चतुर्वेदी, सुश्री कविता पंतजी,सुश्री मीरा जगनानी, सुश्री मधु सोसिजी एवं सुश्री ममता सिंहजी।
सृष्टि संवेदना करूकाव्यांजलि की संस्थापिका आदरणीया पंकज चतुर्वेदी एवं संयोजक निजता चतुर्वेदी की उपस्थिति से काव्यमंच को पूर्णता मिल गई।
सभी ने अपनी रचनाओं के ऐसे रंग बिखेरे जैसे एक जीवंत कलाकृति बन गई हो।
पश्चिम इकाई की अध्यक्षा सुश्री प्रीति जी को एक सुंदर पौध प्रदान कर जन्मदिन की अशेष बधाई और शुभकामनाएं प्रदान की गई।
सुश्री ममताजी के आतिथ्य स्नेह और प्रबंधन ने सभी को अभिभूत और अपनत्व से सराबोर कर दिया। प्रेमपूर्वक परोसे व्यंजनों और आतिथ्य से सभी मेहमान कवियत्रियों के हृदय गदगद हो गए।
सुंदर संचालन से सुश्री एकता व्यासजी ने सबका मन मोह लिया। उनके द्वारा किए संचालन ने सम्पूर्ण कार्यक्रम को जीवंत कर दिया।
संपूर्ण काव्यगोष्ठी के सुंदर क्षण अपने कैमरे में कैद करने का कार्य हमेशा की तरह सुश्री मल्लिका मुखर्जी द्वारा किया गया। सुश्री प्रीतिजी और सुश्री चेतनाजी द्वारा भी कार्यक्रम की उपस्थिति को अपने कैमरे में सुंदर तरीके से समेटा गया।
कार्यक्रम के अंत में सुश्री प्रीति ,’अज्ञातजी,ने साहित्य से संबंधी प्रश्नों के उत्तर प्रदान किए। आदरणीय अहमदाबाद अध्यक्षा मधु सोसि के प्रोत्साहन प्रदान करते शब्दों के साथ गोष्ठी का समापन हुआ।
एक शाम जो मनभावन बन गई,आगामी गोष्ठी का वायदा किए,नई शाम का पैगाम लिए गुज़र गई।













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