‘कैसे बनें कॅरियर काउंसलर’ कार्यशालाः युवाओं ने सीखे काउंसलर बनने के गुर

FacebookWhatsAppTelegramLinkedInXPrintCopy LinkGoogle TranslateGmailThreadsShare


वक्ताओं ने कहा-अपने कॅरियर के प्रति जागरुक रहे प्रत्येक युवा
बीकानेर, 5 मार्च। काउंसलर्स काउंसिल ऑफ इंडिया (सीसीआई) के राजस्थान चैप्टर द्वारा दो आयोजित दिवसीय निःशुल्क कार्यशाला ‘कैसे बने कॅरियर काउंसलर’ का बुधवार को समापन हुआ।
गिन्नाणी स्थित वेबसोल इंस्टीट्यूट में आयोजित समारोह के मुख्य अतिथि गृह विज्ञान महाविद्यालय की अधिष्ठाता प्रो. विमला डुंकवाल थी। उन्होंने कहा कि प्रत्येक युवा को अपने कॅरियर को लेकर सावचेत रहना चाहिए। यह युवाओं, समाज और देश के विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होने कहा कि दो दिवसीय प्रशिक्षण के पश्चात् युवाओं को काउसंलिग क्षेत्र की नई जानकारियां प्राप्त हुई हैं। विद्यार्थियों को चाहिए कि वे व्यावहारिक जीवन में इनका उपयोग करें।
अध्यक्षता करते हुए कवि-कथाकार राजेन्द्र जोशी ने कहा कि आज का दौर प्रतिस्पर्धा का है। जहां प्रत्येक क्षेत्र में सोच-समझकर आगे बढ़ने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि कॅरियर काउसंलर इस दिशा मे मददगार साबित होता है। उन्होंने युवाओ को काउंसलर्स के रूप में तैयार करने की पहल की सराहना की तथा कहा कि यह युवाओं के लिए भी रोजगार की दृष्टि से महत्वपूर्ण साबित होगा।
विशिष्ट अतिथि के रूप में बोलते हुए उप क्षेत्रीय रोजगार कार्यालय के उपनिदेशक हरगोबिंद मित्तल ने कहा कि केन्द्र और राज्य सरकार द्वारा युवाओं के लिए अनेक योजनाएं संचालित की जा रही हैं। युवा इनके प्रति भी जागरुक रहें, जिससे वे इनका लाभ उठाकर अपने कॅरियर निर्माण की दिशा में आगे बढ़ सकें।
मोटिवेशन स्पीकर गोविंद भादू ने कहा कि कॅरियर काउंसलर को सभी विषयों की जानकारी होना जरूरी है। इसके मद्देनजर उसे अभिव्यक्ति के कला के साथ पढ़ने की आदत भी डालनी चाहिए।
नाबार्ड के जिला विकास प्रबंधक रमेश तांबिया ने कहा कि युवाओं को जॉब सीकर की बजाय जॉब प्रोवाइडर बनने की सोच के साथ आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने केन्द्र सरकार की विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी।
सीसीआई के स्टेट चेप्टर अध्यक्ष और कार्यशाला संयोजक डॉ. चंद्रशेखर श्रीमाली ने बताया कि दूसरे दिन कुल 46 युवाओं की भागीदारी रही। सभी को प्रमाण पत्र दिए गए। उन्होंने कार्यशाला के विभिन्न सत्रों के बारे में बताया।
डॉ. अमित व्यास ने स्वागत उद्बोधन दिया। उन्होंने आरएसएलडीसी और आरकेसीएल के बारे में जानकारी दी। मलिका सपरा ने आभार जताया। कार्यक्रम का संचालन मोहित व्यास ने किया।
इससे पहले माइंड सेट बिल्डिंग कोच जयपुर की गुंजन झांझड़िया ने मानसिक विकास पर आधारित जानकारी दी। उन्होंने विभिन्न उदाहरणों के माध्यम से इसकी व्याख्या की। इस दौरान हर्षित व्यास, सुनील सिंह और रितेश व्यास ने भी विभिन्न विषयों पर बात रखी।

Categories:
error: Content is protected !!