गांधी दर्शन को समझें और इसे आत्मसात करें युवाः शिक्षा मंत्री संभाग स्तरीय गांधी दर्शन प्रशिक्षण शिविर के दूसरे दिन आयोजित हुए विभिन्न सत्र

FacebookWhatsAppTelegramLinkedInXPrintCopy LinkGoogle TranslateGmailThreadsShare

गांधी दर्शन को समझें और इसे आत्मसात करें युवाः शिक्षा मंत्री
संभाग स्तरीय गांधी दर्शन प्रशिक्षण शिविर के दूसरे दिन आयोजित हुए विभिन्न सत्र
बीकानेर, 22 जून। शिक्षा मंत्री डाॅ. बी. डी. कल्ला ने कहा कि आज के दौर में महात्मा गांधी के सिद्धांत बेहद प्रासंगिक हैं। युवाओं को इनका अनुसरण करना चाहिए।
डाॅ. कल्ला ने डागा पैलेस में शांति एवं अहिंसा निदेशालय द्वारा आयोजित हो रहे तीन दिवसीय संभाग स्तरीय गांधी दर्शन प्रशिक्षण शिविर के दूसरे दिन यह बात कही। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी ने सत्य, अहिंसा और अपरिग्रह को सबसे बड़ा धर्म माना। वे सभी धर्मों का सम्मान करते थे तथा कर्म को पूजा मानते थे। आज के समय में यह सभी बातें प्रासंगिक हैं तथा इनका अनुसरण करना आज की जरूरत है। उन्होंने कहा कि ऐसे शिविरों से महात्मा गांधी के दर्शन को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाया जा सकेगा।
शिक्षा मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार भी महात्मा गांधी के ग्रामोदय और अंत्योदय की भावना के साथ काम कर रही है तथा पिछली पंक्ति में बैठे व्यक्ति को मुख्यधारा में जोड़ने के लिए प्रयासरत है। इसके लिए सरकार द्वारा अनेक योजनाएं चलाई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि शिविर के दौरान प्रशिक्षणार्थी, महात्मा गांधी के जीवन दर्शन को समझने और इसे आत्मसात करने का प्रयास करें। उन्होंने कहा कि संभाग के बाद भविष्य में जिला स्तर पर भी ऐसे शिविर आयोजित किए जाएंगे।
वक्ताओं ने विभिन्न सत्रों में रखें विचार
प्रशिक्षण शिविर के दूसरे दिन विभिन्न व्याख्यान हुए। महात्मा गांधी के जीवन दर्शन पर हरिदेव जोशी पत्रकारिता विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति ओम थानवी, राजस्थान विश्वविद्यालय के पूर्व सिंडीकेट सदस्य प्रो. सतीश राय और महात्मा गांधी इंस्टीट्यूट आॅफ गर्वनेंस एंड सोशल साइंसेज के निदेशक डाॅ. बी. एम. शर्मा ने अपनी बात रखी। संभागीय आयुक्त डाॅ. नीरज के. पवन ने सत्य के साथ महात्मा गांधी के प्रयोग और जिला कलक्टर भगवती प्रसाद कलाल ने ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग की योजनाओं पर व्याख्यान दिया।
शांति एवं अहिसां निदेशालय के निदेशक मनीष शर्मा ने तीन दिवसीय शिविर के उद्देश्यों एवं रूपरेखा के बारे में बताया। गांधी जीवन दर्शन समिति के जिला संयोजक संजय आचार्य ने स्वागत उद्बोधन दिया। कार्यक्रम का संचालन ज्योति प्रकाश रंगा ने किया। इस दौरान जिला परिषद की मुख्य कार्यकारी अधिकारी नित्या के., गांधी जीवन दर्शन समिति के चूरू जिला संयोजक दुलाराम सारण, हनुमानगढ़ के श्रवण तंवर, श्रीगंगानगर के प्रवीण गौड़, डाॅ. बिट्ठल बिस्सा, मनोज व्यास, श्याम नारायण रंगा आदि मौजूद रहे। इस दौरान सभी प्रतिभागियों को गांधीजी की आत्मकथा पुस्तक प्रदान की गई।
खादी और एसएचजी स्टाॅल्स का किया अवलोकन
शिक्षा मंत्री ने कार्यक्रम स्थल पर पूगल के शिव शक्ति राजीविका स्वयं सहायता समूह और खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड द्वारा बीकानेर विशुद्ध ग्रामोद्योग समिति द्वारा लगाए गए स्टाॅल्स का अवलोकन किया। उन्होंने एसएचजी द्वारा बनाए गए पर्स, बैग, वाॅलहेंगिंग, गुदड़ी और बैडशीट की सराहना की तथा बैग क्रय भी किया। इस दौरान कतिनों द्वारा परम्परागत और अम्बर चरखे पर कतिनों द्वारा प्रत्यक्ष प्रदर्शन किया गया। वहीं उत्पाद प्रदर्शन एवं विक्रय के लिए रखे गए।
जिला कलेक्टर सहित प्रतिभागियों ने किया श्रमदान
शिविर के दूसरे दिन के कार्यक्रमों की शुरुआत प्रातः जागरण से हुई। चारों जिलों से आए प्रतिभागियों ने महात्मा गांधी के प्रिय भजन व गीत गाकर जागरण प्रभात फेरी निकाली। इसके पश्चात तुलसी समाधि सर्किल के पास श्रमदान कार्यक्रम आयोजित हुआ। इस दौरान जिला कलक्टर भगवती प्रसाद कलाल और नगर निगम आयुक्त गोपाल राम बिरडा सहित अन्य प्रतिभागियोें ने स्वच्छता अभियान में भागीदारी निभाई। इस अवसर पर जिला कलक्टर ने कहा कि महात्मा गांधी ने सदैव स्वच्छता को महत्व दिया। हमें उनके आदर्शों का अनुसरण करते हुए अपने घर, मौहल्ला और शहर को साफ-सुथरा बनाए रखने में भागीदारी निभानी चाहिए। इस दौरान सभी प्रतिभागियों ने योग और व्यायाम का अभ्यास भी किया। तीन दिवसीय गांधी दर्शन प्रशिक्षण शिविर का समापन गुरुवार को होगा।

FacebookWhatsAppTelegramLinkedInXPrintCopy LinkGoogle TranslateGmailThreadsShare
Categories:

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!