पहली बार लगेंगी बीए और एमए की कक्षाएं:जिनके पास संस्कृत नहीं था उन्हें ब्रिज कोर्स करना होगा

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पहली बार लगेंगी बीए और एमए की कक्षाएं:जिनके पास संस्कृत नहीं था उन्हें ब्रिज कोर्स करना होगा

जगद्गुरु रामानंदाचार्य राजस्थान संस्कृत विश्‍वविद्यालय जयपुर ने पहली बार बीए और एमए पाठ्यक्रम शुरू किए गए हैं। प्रवक्ता शास्त्री कौशलेंद्रदास ने बताया कि जिन विद्यार्थियों के पास उच्च माध्यमिक स्तर पर संस्कृत विषय नहीं है वे भी विश्वविद्यालय में इन पाठ्यक्रम में प्रवेश के लिए आवेदन कर सकेंगे। ऐसे विद्यार्थियों को तीन महीने का संस्कृत विषय में ब्रिज कोर्स कराया जाएगा।

अभी तक विश्वविद्यालय की ओर से केवल संस्कृत विषय में यूजी लेवल पर शास्त्री और पीजी स्तर पर आचार्य का पाठ्यक्रम संचालित था। अब अन्य विश्वविद्यालयों की तरह ही संस्कृत विश्वविद्यालय भी बीए व एमए की डिग्री करवाएगा। नए शिक्षा सत्र के तहत विभिन्न पाठ्यक्रमों के लिए प्रवेश प्रक्रिया शुरू हो गई है। विद्यार्थी 19 जून से आवेदन कर सकेंगे। बिना विलंब शुल्क के 18 जुलाई तक आवेदन हो सकेंगे।

संयुक्ताचार्य पाठ्यक्रम के तहत शास्त्री व आचार्य कक्षाओं के लिए वेद, धर्मशास्त्र, ज्योतिष, साहित्य, व्याकरण और दर्शन में आवेदन करने का विकल्प विद्यार्थियों के पास है। योग विज्ञान विषय में बीए व एमए कक्षाओं के अतिरिक्त योग, ज्योतिष एवं कर्मकांड और पीजीडीसीए जैसे डिप्लोमा पाठ्यक्रम में भी विद्यार्थी आवेदन कर सकते हैं। योग, ज्योतिष, पौरोहित्य—कर्मकांड व पीजीडीसीए डिप्लोमा के लिए भी विद्यार्थी आवेदन कर सकते हैं।

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