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पाकिस्तान में ब्लैक आउट के पीछे विदेशी ताकतों का हाथ? जानें 36 घंटे बाद कैसे हैं हालात

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*पाकिस्तान में ब्लैक आउट के पीछे विदेशी ताकतों का हाथ? जानें 36 घंटे बाद कैसे हैं हालात*
पाकिस्तान में ब्लैकआउट के 36 घंटे बाद भी कई इलाकों में बिजली सप्लाई सामान्य नहीं हो सकी है। पाकिस्तानी ऊर्जा मंत्री ने दावा किया है कि बिजली की सप्लाई को सामान्य किया जा चुका है। उन्होंने इस घटना के पीछे विदेशी ताकतों का हाथ होने की आशंका भी जाहिर की है।
इस्लामाबाद:पाकिस्तान में ब्लैकआउट को लगभग 36 घंटे हो चुके हैं। शहबाज शरीफ सरकार का दावा है कि पाकिस्तान में बिजली सप्लाई को पूरी तरह से बहाल कर दिया गया है। हालांकि, सच्चाई यह है कि अब भी कई इलाकों में बड़े पैमाने पर बिजली कटौती की जा रही है। पाकिस्तान के ऊर्जा मंत्री खुर्रम दस्तगीर ने मंगलवार को कहा कि देश भर के ग्रिड स्टेशनों पर बिजली पूरी तरह से बहाल कर दी गई है। पाकिस्तानी ऊर्जा मंत्री ने दावा किया है कि इसके पीछे विदेशी ताकतों का हाथ भी हो सकता है। खुर्रम दस्तगीर ने ट्वीट कर बताया कि राष्ट्रीय ग्रिड के सभी 1,112 स्टेशनों पर बिजली बहाल कर दी गई है। इसके बावजूद कराची, क्वेटा और लाहौर सहित देश के प्रमुख शहर बिजली की सप्लाई को तरस रहे हैं। पाकिस्तानी मीडिया ने बताया है कि पावर ग्रिड के लोड मैनेजमेंट में दिक्कतों के कारण कई इलाकों में बिजली सप्लाई अब भी प्रभावित हो रही है। पाकिस्तानी ऊर्जा मंत्री ने दावा किया है कि इसके पीछे विदेशी ताकतों का हाथ भी हो सकता है।
*ऊर्जा मंत्री ने सप्लाई सामान्य होने का किया दावा*
पाकिस्तानी ऊर्जा मंत्री खुर्रम दस्तगीर ने मंगलवार सुबह 10 बजे टीवी पर अपने संबोधन में बताया कि तरबेला और मंगला बिजली संयंत्रों के बीच सिंक्रोनाइज़ेशन में देरी हुई थी। लेकिन पावर डिवीजन, वापडा और अन्य विभागों के समर्थन से, हमने तकनीकी समस्या को ठीक किया जिसके बाद देश भर के सिस्टम में बिजली बहाल कर दी गई। दस्तगीर ने कहा कि आज सुबह सवा पांच बजे पूरे देश में व्यवस्था पूरी तरह से बहाल हो गई। हालांकि, मंत्री ने यह भी जानकारी दी कि अगले दो दिनों तक बिजली की कमी रहेगी। उन्होंने बताया कि लगभग 6,600 मेगावाट कोयले और 3,500 मेगावाट के परमाणु संयंत्रों को फिर से शुरू होने में अनुमानित 48 से 72 घंटे लगेंगे। जब तक ये संयंत्र चलना शुरू नहीं हो जाते, तब तक बिजली की सप्लाई काफी कम रहेगी।
*ब्लैकआउट के पीछे विदेशी हाथ होने की जताई आशंका*
दस्तगीर ने दावा किया कि देश में ईंधन की कोई कमी नहीं है। उन्होंने कहा कि हम आम जनता के बिजली के बिलों के भुगतान पर विचार कर रहे हैं। उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि जनता अनावश्यक रूप से बिजली का इस्तेमाल न करे। ऊर्जा मंत्री ने कहा कि देश को बिजली की बहुत जरूरत है। ब्लैक आउट के बारे में जांच की बात करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार को सिस्टम की हैकिंग जैसे विदेशी हस्तक्षेप का संदेह है। लेकिन, इसकी संभावनाएं बहुत कम हैं। पहली भी पावर ग्रिड ठप होने की घटनाएं हुई हैं। दस्तगीर ने बिजली सप्लाई ठप पड़ने के लिए इमरान खान की सरकार को भी जिम्मेदार ठहराया। उनहोंने कहा कि पिछली सरकार ने पावर ग्रिड अपग्रेड करने पर काम नहीं किया था। वहीं, प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने लंबे समय तक बिजली सप्लाई रुकने के लिए माफी मांगी और जिम्मेदारी तय करने की कसम खाई।
*पाकिस्तान में क्यों हुआ ब्लैकआउट*
पाकिस्तान में ब्लैकआउट के पीछे ट्रांसमिशन लाइन में खराबी बताई जा रही है। एनटीडीसी के अनुसार गुडू क्वेटा ट्रांसमिशन लाइन में फॉल्ट हुआ था। उन्होंने बताया कि इस तरह की खराबी कुछ ही सेकंड में हो जाती है और फिर यह ब्रेकडाउन की ओर ले जाती है। अगर समस्या का जल्द समाधान न हुआ तो पूरी सप्लाई लाइन ठप पड़ने की आशंका बढ़ जाती है। उन्होंने बताया कि सोमवार सुबह हुए ब्लैक आउट का कारण इलेक्ट्रिसिटी ट्रांसमिशन सिस्टम का पुराना होना, कोहरे के कारण लाइनों में नमी और कई बार फ्रीक्वेंसी का मिसमैच होना थी।

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