‘प्रधानमंत्री गरीब कल्याण पैकेज (पीएमजीकेपी) के तहत: कोविड-19 से लड़ने वाले स्वास्थ्य कर्मियों के लिए बीमा योजना, प्रक्रिया को सुचारू बनाने के लिए बीमा दावों के निपटारे की एक नई प्रणाली शुरू की गई:जिला अधिकारी दावे को प्रमाणित करेंगे, बीमा कंपनी 48 घंटे की अवधि के भीतर दावे को स्वीकार और इसका निपटान करेगी

FacebookWhatsAppTelegramLinkedInXPrintCopy LinkGoogle TranslateGmailThreadsShare

अग्रिम मोर्चे पर स्वास्थ्य सेवा देने वालों की सुरक्षा केंद्र सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है
भारत सरकार कोविड-19 के खिलाफ लड़ाई में सबसे आगे रही है और ‘संपूर्ण सरकार’ दृष्टिकोण के तहत राज्यों व केंद्रशासित प्रदेशों के प्रयासों का समर्थन करती रही है। इस प्रयास में, केंद्र सरकार ने पहले ही यानी 24.04,2021 से ‘प्रधानमंत्री गरीब कल्याण पैकेज (पीएमजीकेपी) कोविड-19 से लड़ने वाले स्वास्थ्य कर्मियों के लिए बीमा योजना’ को एक वर्ष के लिए बढ़ा दिया था।

अग्रिम मोर्चे पर स्वास्थ्य सेवा देने वालों की सुरक्षा केंद्र सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता बनी हुई है, इसलिए केंद्र सरकार ने एक वर्ष की अवधि के लिए इस बीमा पॉलिसी को आगे बढ़ाया है जिससे उन स्वास्थ्य कर्मियों के आश्रितों को सुरक्षा प्रदान करना जारी रखा जा सके, जिन्हें कोविड-19 मरीजों की देखभाल के लिए प्रतिनियुक्त किया गया है।

‘प्रधानमंत्री गरीब कल्याण पैकेज (पीएमजीकेपी) कोविड-19 से लड़ने वाले स्वास्थ्य कार्यकर्मियों के लिए बीमा योजना’ को 30 मार्च, 2020 को शुरू किया गया था। इस योजना को शुरूआत में 90 दिनों की अवधि के लिए 50 लाख रुपये का व्यापक व्यक्तिगत दुर्घटना कवर प्रदान करने के लिए शुरू किया गया था। इसके लाभार्थियों में सामुदायिक स्वास्थ्यकर्मी और निजी स्वास्थ्यकर्मी सहित सभी स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं को शामिल किया गया। सरकार ने इस योजना को कोविड मरीजों की देखभाल के लिए व उन लोगों के लिए तैयार किया जो कोविड-19 मरीजों के सीधे संपर्क में आए हैं और उन्हें इससे प्रभावित होने का खतरा था। यह योजना न्यू इंडिया एश्योरेंस कंपनी (एनआईएसीएल) की बीमा पॉलिसी के जरिए कार्यान्वित की जा रही है। अब तक बीमा पॉलिसी को दो बार बढ़ाया जा चुका है।

राज्य और अन्य हितधारक इस मामले को उठा रहे थे कि बीमा दावों के निपटारे में देरी हो रही है। इस देरी को कम करने और बीमा दावों के निपटारे को सुचारू और सरल बनाने को लेकर दावों के अनुमोदन के लिए एक नई प्रणाली शुरू करने का निर्णय लिया गया है, जिसके अनुसार जिला अधिकारी के स्तर पर राज्य सरकारें यथासंभव तत्परता से काम करेंगी। जिला अधिकारी प्रत्येक मामले में यह प्रमाणित करेंगे कि दावा, योजना के मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) के अनुरूप है। वहीं जिला अधिकारी के इस प्रमाण पत्र के आधार पर बीमा कंपनी 48 घंटे की अवधि भीतर दावों का अनुमोदन और इनका निपटान करेगी। इसके अलावा, एकरूपता और त्वरित निपटान के लिए जिला अधिकारी भी यथासंभव कार्रवाई करेंगे और केंद्र सरकार के अस्पतालों/एम्स/रेलवे आदि के मामलों में भी दावों को प्रमाणित करेंगे।

स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने इस नई प्रणाली के बारे में सभी राज्य सरकारों और केंद्रशासित प्रदेश प्रशासनों को सूचित कर दिया है, जो तत्काल प्रभाव से लागू हो गई है।

FacebookWhatsAppTelegramLinkedInXPrintCopy LinkGoogle TranslateGmailThreadsShare
Categories:

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!