DEFENCE / PARAMILITARY / NATIONAL & INTERNATIONAL SECURITY AGENCY / FOREIGN AFFAIRS / MILITARY AFFAIRS WORLD NEWS

बस सात दिन और पाकिस्‍तान का खेल खत्‍म! जानिए क्‍यों अमेरिकी पाकिस्‍तानी बिजनेसमैन ने कही यह बात

FacebookWhatsAppTelegramLinkedInXPrintCopy LinkGoogle TranslateGmailThreadsShare

*बस सात दिन और पाकिस्‍तान का खेल खत्‍म! जानिए क्‍यों अमेरिकी पाकिस्‍तानी बिजनेसमैन ने कही यह बात*
पाकिस्‍तान (Pakistan) इस समय इतने बड़े संकट (Pakistan Crisis) में है जिसके बारे में उसने कभी कल्‍पना भी नहीं की होगी। पिछले साल जब श्रीलंका संकट (Sri Lanka Crisis) में आया जो सबने आशंका जताई कि कहीं भारत का यह पड़ोसी भी तो मुश्किल की तरफ नहीं है। सबने इस बात को खारिज कर दिया। मगर अब खुद पाकिस्‍तान के ही लोग यह बात मानने लगे हैं।
इस्‍लामाबाद: सन् 1947 में भारत से अलग होकर बना पाकिस्‍तान आज पूरी तरह से बिखरने की कगार पर आ गया है। भयंकर आर्थिक संकट में घिरे इस देश के पास कुछ ही दिनों का समय बचा है। कुछ लोग अब इस बात की आशंका जताने लगे हैं कि जल्‍द ही श्रीलंका की ही तरह उनका मुल्‍क भी कंगाल होने वाला है। पिछले दिनों रिपोर्ट्स आई थीं कि विदेशी मुद्रा भंडार 4.3 अरब डॉलर का ही बचा है यानी सिर्फ तीन हफ्तों का ही पैसा देश में है। इससे अलग अमेरिका में बसे पाकिस्‍तानी मूल के बिजनेसमैन साजिद तरार की मानें तो बस सात दिन में ही इस देश का गेम ओवर होने वाला है।
*होगा श्रीलंका जैसा हाल*
साजिद तरार ने ट्वीट किया और लिखा, ‘यह बहुत ही दुर्भाग्‍य की बात है कि अगले सात दिनों में पाकिस्‍तान और ज्‍यादा पेट्रोलियम उत्‍पाद नहीं खरीद पाएगा। गेम ओवर हो जाएगा। सारी चीजें बिल्‍कुल उसी तरह से होने वाली हैं जैसे कि श्रीलंका में हुईं। दोहरे नागरिक अभी तक लूट में बिजी हैं और देश सो रहा है।’ पाकिस्‍तान के पंजाब प्रांत में आने वाले मंडी बहाउद्दीन के रहने वाले साजिद पूर्व अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप के बड़े समर्थक हैं। चार बच्‍चों के पिता साजिद अंतरराष्‍ट्रीय मामलों की पढ़ाई के लिए अमेरिका गए और फिर यहीं पर बस गए। वह अक्‍सर पाकिस्‍तान सरकार की नीतियों की आलोचना करते हैं और उनका मानना है कि उन नीतियों की वजह से ही आज देश की यह स्थिति है।
*पाकिस्‍तान में सबकुछ बिखरा*
6 जनवरी को आई एक रिपोर्ट में कहा गया था कि देश का मुद्रा भंडार एक दशक बाद सबसे निचले स्‍तर पर है। अमेरिकी डॉलर की तुलना में पाकिस्‍तानी रुपया 20 फीसदी तक गिर गया है। पाकिस्‍तान सरकार की तरफ से जल्‍द ही ए‍क मिनी बजट पेश किया जाएगा। इस बजट में अंतरराष्‍ट्रीय मुद्राकोष (IMF) की तरफ से उठाई गईं चिंताओं का जिक्र होगा। इन चिंताओं की वजह से ही पाकिस्‍तान को बेलआउट पैकेज नहीं मिल पा रहा है। आईएमएफ का कहना है कि बेलआउट पैकेज तभी हासिल हो सकेगा जब ये शर्तें पूरी होंगी।
*और बढ़ेंगी परेशानियां*
पाकिस्‍तान के अखबार द डॉन के मुताबिक ज्‍यादातर लोग यह मान रहे हैं कि अगर आईएमएफ की शर्तों को लागू किया गया तो आम आदमी की परेशानियां दोगुनी हो जाएंगी। उनकी मानें तो आईएमएफ के प्रस्‍तावों के बाद देश में महंगाई और बढ़ जाएगी। पहले ही ब्‍याज दरें आसमान छू रही हैं और महंगाई दर बेकाबू है। यूक्रेन की जंग की वजह से वैश्विक अर्थव्‍यवस्‍था की मंद रफ्तार के अलावा रोजमर्रा की चीजें भी काफी महंगी हो गई हैं। डॉन के मुताबिक सरकार पहले ही बिजली की कीमतों में 30 फीसदी और गैस की कीमतों में 60 से 70 फीसदी इजाफे का मन बना चुकी है। इसके अलावा नई टैक्‍स दरों को भी लागू किया जा सकता है। साथ ही ब्‍याज दरों को और बढ़ाने की तैयारी भी है।

FacebookWhatsAppTelegramLinkedInXPrintCopy LinkGoogle TranslateGmailThreadsShare

About the author

THE INTERNAL NEWS

Add Comment

Click here to post a comment

error: Content is protected !!