बीकानेर।प्रशासन की हठधर्मिता के चलते सुबह से बीकानेर वासी और बच्चे परेशान रहे।
बीकानेर में बालवाहिनी संचालक पिछले 2 दिनों से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर है। इस हड़ताल का असर बच्चों पर तो साथ ही अब तो आम आदमी भी इसकी गिरफ्त में आता जा रहा है। टेक्सी यूनियन का कहना है जब तक हमारी मांग पूरी नही हो जाती ये हड़ताल जारी रहेगी। बीकानेर के सभी विद्यालयों में आज बलवाहिनी चालकों को बच्चों को स्कूल छोड़ने से रोका गया । टैक्सी टाइगर यूनियन के लोगों ने अनिश्चित हड़ताल के साथ ही आज से चक्का जाम किया है जिससे पेरेंट्स सहित आमजन भी बहुत परेशान हैं।
यूनियन के नेताओं के अनुसार आरटीओ बीकानेर में बालवाहिनी संचालको को कागजी कार्रवाई के नाम पर बेवज़ह परेशान कर रहा है। वहीं आरटीओ का कहना है कि कुछ बालवाहिनी शहर में अवैध रूप से चल रही है जिनमे मानकों को नजरअंदाज किया जा रहा है चूंकि मामला बच्चों की सुरक्षा से जुड़ा हुआ है ऐसे में केवल उन्हीं गाड़ियों के चालान किये जा रहे है जो अवैध व बिना दस्तावेज के चल रही है। लेकिन तीन दिन बीत जाने के बाद भी प्रशासन ने आंदोलनरत यूनियन के पदाधिकारियों से इस हड़ताल को खत्म करने का कोई रास्ता नही निकाला है ये अपने आप में परेशानी का सबब है। ऐसे में इस हड़ताल से अब बच्चों सहित बीकानेर का आम नागरिक भी प्रभावित होने लगा है। एक अनुमान के मुताबिक बीकानेर के स्कूलों में पढ़ने वाले 90 प्रतिशत से अधिक बच्चे बालवाहिनी पर ही निर्भर है।
उल्लेखनीय है, बीकानेर के संभागीय आयुक्त नीरज के पवन ने शहर में अवैध रूप से चल रही बालवाहिनी के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश बीते दिनों दिए थे, जिसके बाद से आरटीओ एक्टिव हुआ और चालान कटने शुरू हुए । बाल भाइयों के चालकों का कहना है कि उनके द्वारा केवल मांगों को पूरा करने के लिए कुछ समय सीमा चाही गई है परंतु जिला प्रशासन के रवैए के कारण उन्हे समय भी नहीं दिया जा रहा है साथ ही साथ आरटीओ विभाग में बैठे एजेंट इस परिस्थिति का फायदा उठाकर अपनी चांदी काटने में लगे हैं। इस हड़ताल का असर जिला प्रशासन व आरटीओ पर ना होता देख यूनियन के नेता युधिष्ठिर सिंह भाटी ने सोमवार को सुबह से शाम पाँच बजे तक शहर में संचालित सभी टैक्सी को बंद रखने का निर्णय लिया है।























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