बीकानेर!कांस्टेबल भर्ती परीक्षा में पकड़े गए फर्जी व मूल परीक्षार्थी को तीन साल की सजा

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कांस्टेबल भर्ती परीक्षा में पकड़े गए फर्जी व मूल परीक्षार्थी को तीन साल की सजा

आदेश में परीक्षार्थी भोजास, राजगढ़, चूरू निवासी विजय कुमार पुत्र ओमप्रकाश व फर्जी परीक्षार्थी लाडला, हिसार, हरियाणा निवासी राजेश पुत्र कलम सिंह को यह सजा सुनाई है।

कांस्टेबल भर्ती परीक्षा में पकड़े गए फर्जी व मूल परीक्षार्थी को तीन साल की सजा

कांस्टेबल भर्ती परीक्षा में पकड़े गए फर्जी व मूल परीक्षार्थी को तीन साल की सजा

बीकानेर. एसएससी कांस्टेबल(जीडी) सीएपीएफएस तथा राइफल मैन भर्ती परीक्षा 2013 में परीक्षा देने आए फर्जी परीक्षार्थी सहित मूल परीक्षार्थी को तीन साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई गई है। यह फैसला शुक्रवार को अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट संख्या तीन बीकानेर के पीठासीन अधिकारी जितेंद्र ने सुनाया। उन्होंने आदेश में परीक्षार्थी भोजास, राजगढ़, चूरू निवासी विजय कुमार पुत्र ओमप्रकाश व फर्जी परीक्षार्थी लाडला, हिसार, हरियाणा निवासी राजेश पुत्र कलम सिंह को यह सजा सुनाई है।

मामला 12 मई 2013 में हुई एसएससी कांस्टेबल राइफल मैन भर्ती से जुड़ा है। बीकानेर की राजकीय महारानी सीसै स्कूल में परीक्षा का सेंटर था। यहां परीक्षा शुरू होने के आधे घंटे के बाद ही एक युवक पकड़ा गया। दरअसल, युवक फर्जी हस्ताक्षर करने की कोशिश कर रहा था। पर्यवेक्षक को शक हुआ, तो नज़र रखी। आईडी जांची तो आईडी का फोटो और परीक्षार्थी का फोटो मिलान नहीं हुआ।पूछताछ की तो युवक ने बताया कि वह मूल परीक्षार्थी विजय कुमार का बड़ा भाई अनिल है। तब पुलिस बुलाई गई।

जांच में हुआ खुलासा

पुलिस ने विजय कुमार व अनिल कुमार के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस ने जांच में पाया कि पकड़ा गया युवक अनिल कुमार नहीं, बल्कि हरियाणा निवासी राजेश है। पुलिस ने 15 दिनों में ही राजेश व परीक्षार्थी विजय कुमार के खिलाफ विभिन्न धाराओं में चालान पेश कर दिया। दस साल तक मामला कोर्ट में विचाराधीन रहा। आखिरकार, न्यायालय ने भी दोनों आरोपियों के खिलाफ फैसला सुना दिया। मामले में राज्य की ओर से पैरवी विमलेश कविया ने की। प्रकरण में अभियोजन की ओर से 12 गवाहों के बयान करवाए गए।

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