बीकानेर। राजकीय महाविद्यालय गंगाशहर पुस्तकालय के लोकार्पण के साथ ही महाविद्यालय के शैक्षिक उन्नयन में एक और पृष्ठ जुड़ गया। सेठ चंचलमल गुलाब देवी सुराणा चैरिटेबल ट्रस्ट बीकानेर के आर्थिक सौजन्य से ऋषभ कुमार सुराणा की पुण्य स्मृति में एक अलमारी तथा 35000 रुपए मूल्य की पाठ्य पुस्तकें पुस्तकालय की स्थापना स्वरूप श्री नरेंद्रमल सुराणा अध्यक्ष, महावीर इंटरनेशनल बीकानेर के द्वारा भेंट की गई। इस अवसर पर आयोजित लोकार्पण समारोह कार्यक्रम में डूंगर महाविद्यालय प्राचार्य डॉ राजेंद्र पुरोहित ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में कहा कि सरकारें तथा भामाशाह दोनों मिलकर महाविद्यालयों की ढांचागत सुविधाओं में वृद्धि कर सकते हैं। महाविद्यालय प्राचार्य डॉ बबिता जैन ने प्रारंभ से ही मिल रहे भामाशाहों के सहयोग के प्रति आभार ज्ञापित करते हुए अतिथियों का अभिनंदन किया। अनाज व्यवसायी श्री रिद्धकरण सेठिया ने महाविद्यालय को पोडियम प्रदान किया तथा विद्यार्थियों के आधिकाधिक शैक्षिक तथा नैतिक उन्नयन का आव्हान किया। महाविद्यालय में शैक्षिक नवाचार के क्रम में मासिक व्याख्यान माला का भी शुभारंभ किया गया जिसकी प्रथम कड़ी में मुख्य वक्ता के रूप में बोलते हुए श्री त्रिलोकी कल्ला ने तेजी से बढ़ती भारतीय अर्थव्यवस्था में शिक्षित युवाओं की भूमिका पर प्रकाश डाला। विद्यार्थी जीवन में पुस्तकों का अपना महत्व है लेकिन संचार क्रांति के युग में विद्यार्थियों को डिजिटल पुस्तकालय तथा कृत्रिम बुद्धिमत्ता का भी आधिकारिक उपयोग करना सीखना चाहिए। कार्यक्रम का प्रारंभ महाविद्यालय में शुरू किए गए नवाचार ‘अंतर्यात्रा’ से किया गया जिसमें सभी ने ध्यान का सामूहिक प्रयोग किया। विद्यार्थियों को खादी से जोड़ने के क्रम में उन्हें महाविद्यालय में खादी का कुर्ता पहनने के लिए प्रोत्साहित किया गया था जिसके परिणाम स्वरूप कार्यक्रम में विद्यार्थी खादी की गणवेश में उपस्थित थे। खादी को बढ़ावा देने के लिए विद्यार्थियों के इस नवाचार की अतिथियों ने भूरि- भूरि प्रशंसा की। कार्यक्रम का संचालन डॉ रामनिवास बिश्नोई ने किया। धन्यवाद ज्ञापन डॉ सुनीता स्वामी ने किया। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान से हुआ।
भामाशाहों के सहयोग से महाविद्यालय का बहुआयामी विकास: पुस्तकालय का लोकार्पण









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