भारत में सीडीएस जनरल बिपिन रावत तथा अन्य की विमान दुर्घटना में मृत्यु “इंटेलिजेंस फेलियर ” या महज एक हादसा? भारत की रक्षा व्यवस्था पर लगा प्रश्न चिन्ह!

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REPORT BY SAHIL PATHAN

भारत में सीडीएस जनरल बिपिन रावत तथा अन्य की मृत्यु ने जनवरी 2020 में ताइवान के सैन्य प्रमुख की हत्या मामले को एक बार फिर जिंदा कर भारत की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर अनेक यक्ष प्रश्न खड़े कर दिए हैं ।
उल्लेखनीय है कि आज शाम भारत के तमिलनाडु में सैन्य हेलिकॉप्टर दुर्घटना में 14 में से 13 कर्मियों की मौत हो गई यह विमान कोयंबटूर और सुलूर के बीच दुर्घटनाग्रस्त हुआ। सैन्य हेलिकॉप्टर में 14 लोग सवार थे। इनमें सीडीएस जनरल बिपिन रावत, उनकी पत्नी मधुलिका रावत, ब्रिगेडियर एलएस लिद्दर, लेफ्टिनेंट कर्नल हरजिंदर सिंह, एनके गुरसेवक सिंह, एनके जितेंद्र क्र, एल / नायक विवेक कुमार, एल / नायक बी साई तेजा और हवलदार सतपाल शामिल थे।
भारत जैसे देश में जहां बाहरी ताकते और आंतरिक सुरक्षा दोनों ओर से अनेक बार सेंधमारी होती रही है वहां इस प्रकार का हादसा अनेक यक्ष प्रश्न खड़े करता है। उच्चतम तकनीक से निर्मित एक विमान का इस प्रकार हादसे का शिकार अनेक अनुत्तरित प्रश्नों को जन्म दे रहा है।
किसी भी देश के सेना प्रमुख का इस प्रकार काल कवलित होना देश की सुरक्षा व्यवस्था को कटघरे में ला खड़ा करता है ।जनवरी 2020 के दौरान इसी प्रकार से ताइवान के चीफ ऑफ जनरल स्टाफ, जनरल शेन यी-मिंग को ले जा रहा एक ब्लैक हॉक हेलीकॉप्टर ताइपे के पास एक पहाड़ से टकरा गया। यह घटना ताइपे में हवाई अड्डे से उड़ान भरने वाले UH-60M ब्लैक हॉक हेलीकॉप्टर के 10 मिनट बाद हुई, जिसमें ताइवान के रक्षा बलों के 13 वरिष्ठ अधिकारी थे, घने जंगल के साथ वूलाई क्षेत्र के पास रडार स्क्रीन से गिर गए थे।दुर्घटना ने 8 लोगों की जान ले ली थी जिसमें वायु सेना के कमांडर ह्सिउंग होउ-ची भी शामिल थे।ताइवान के मंत्रालय के अनुसार, दुर्घटनाग्रस्त हुआ ब्लैक हॉक खोज और बचाव कार्यों के लिए समर्पित था और 2018 में शामिल किया गया था। जाहिर तौर पर, ताइवान और अमेरिका ने 2010 में 60 UH-Ms के लिए 3.1 बिलियन डॉलर का सौदा किया था।
इस हैलीकॉप्टर हादसे पर कई सवाल भी उठ खड़े हुए हैं।आखिर आधे घंटे की उड़ान में हैलीकॉप्टर क्रैश क्यों हुआ ?क्रैश से पहले हवा में ही कैसे लगी हैलीकॉप्टर में आग ?सबसे सुरक्षित उड़ान में ये हादसा कैसे हुआ?उड़ान से पहले जांच में जब सब सही था तो हादसा कैसे हुआ? हादसे का शिकार Mi-17V-5 सैन्य / परिवहन हेलीकॉप्टर को कार्गो केबिन के अंदर या बाहरी स्लिंग पर कर्मियों, कार्गो और उपकरणों को ले जाने, सामरिक हवाई हमले बलों और टोही और तोड़फोड़ समूहों को छोड़ने, जमीनी लक्ष्यों को नष्ट करने और घायलों को ले जाने के लिए डिज़ाइन किया गया है।हेलीकॉप्टर एक आधुनिक एवियोनिक्स सूट से लैस है जो हेलीकॉप्टर और हथियारों के चौबीसों घंटे रोजगार प्रदान करता है।
इसकी आयुध प्रणाली में अनगाइडेड रॉकेट (80 S-8 80mm तक अनगाइडेड एरियल रॉकेट), तोप (23mm तोपों के साथ सस्पेंडेड पॉड्स और 250 राउंड प्रत्येक) और छोटे हथियार शामिल हैं।
हेलीकॉप्टर गर्मी चाहने वाली मिसाइलों, भारी बख्तरबंद कॉकपिट, महत्वपूर्ण प्रणालियों और घटकों के खिलाफ एक आत्मरक्षा प्रणाली से सुसज्जित है, और इसमें बेहतर उत्तरजीविता है।
यह किसी भी भौगोलिक और जलवायु परिस्थितियों में, दिन और रात, प्रतिकूल मौसम में संचालन क्षमता के साथ उच्च ऊंचाई और गर्म परिस्थितियों में संचालन क्षमता रखता है।ऐसे विमान का इस प्रकार हादसे का शिकार होना भी स्वयं में रहस्यमई बना हुआ है।
बिपिन रावत एक अलहदा शख्सियत थे। वे भारत के पहले चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) थे। 30 दिसंबर 2019 को, उन्हें भारत के पहले सीडीएस के रूप में नियुक्त किया गया और 1 जनवरी 2020 से पदभार ग्रहण किया। सीडीएस के रूप में कार्यभार संभालने से पहले, उन्होंने चीफ ऑफ स्टाफ कमेटी के 57 वें और अंतिम अध्यक्ष के साथ-साथ भारतीय सेना के 26 वें सेनाध्यक्ष के रूप में कार्य किया।सेना में महिलाओं को शामिल करने को लेकर भी उनका रुख सकारात्मक रहा। ऐसे विशिष्ट व्यक्तित्व का इस प्रकार हादसे का शिकार भारत के “इंटेलिजेंस फेलियर ” को प्रदर्शित करता है।

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