मलेरिया क्रेश कार्यक्रम का हुआ आगाज़ , मच्छरों की फैक्ट्रियां बंद कराने हॉस्टल पहुंचे अधिकारी

FacebookWhatsAppTelegramLinkedInXPrintCopy LinkGoogle TranslateGmailThreadsShare
https://twitter.com/TIN_NETWORK__/status/1774789612847988755?t=TfQZTp-VMGyTUzdfl8ThBQ&s=19
[metaslider id=”83227″]

बीकानेर, 1 अप्रैल। मलेरिया- डेंगू जैसी मच्छर जनित बीमारियों के समय रहते नियंत्रण के लिए मलेरिया क्रेश कार्यक्रम का आगाज सोमवार से हुआ। पहले दिन डिप्टी सीएमएचओ स्वास्थ्य डॉ लोकेश गुप्ता व एपिडेमियोलॉजिस्ट नीलम प्रताप सिंह राठौड़ द्वारा बीकानेर शहरी क्षेत्र के विभिन्न हॉस्टल का सर्वे किया गया। मुख्य रूप से किसान छात्रावास, अंबेडकर छात्रावास व चारण छात्रावास का सर्वे किया गया जिसमें पानी की टंकियां, कूलर, परिंडो, फ्रिज ट्रे, स्टोर, छत के कबाड़ इत्यादि की जांच की। यहां कई स्थानों पर जमा पानी को खाली करवाया तथा पानी की टंकियां को ढक कर रखने की सलाह दी। छात्रावास प्रबंधन तथा विद्यार्थियों को एंटी लारवा व एंटी एडल्ट गतिविधियों की जानकारी दी। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ मोहित सिंह तंवर ने बताया कि मलेरिया वार्षिक केलेन्डर गतिविधियो के अनुसार दिनांक 01.04.2024 से दिनांक 14.05.2024 तक मलेरिया क्रैश कार्यक्रम प्रथम चरण आयोजित किया जा रहा है जिसमे मच्छर के प्रजनन स्थलो पर सोर्स रिडक्शन, एन्टीलार्वल, एन्टी एडल्ट व आईईसी गतिविधिया संपादित की जायेगी। लार्वा प्रदर्शन व ड्राइंग डे के माध्यम से समुदाय को जागरूक कर समय पूर्व समुदाय को मच्छर जनित रोगो से बचाव की जानकारी दी जायेगी। सोशल मीडिया प्लेटफार्म के माध्यम से लोगो को मच्छर जनित रोगो से बचाव के बारे अवगत करवाया जायेगा। पॉजिटीव केसो के लिये समयबद्ध सोर्स रिडक्शन, एन्टीलार्वल, एन्टी एडल्ट व आईईसी गतिविधिया करवायी जानी है। मलेरिया क्रैश कार्यक्रम प्रथम चरण के दौरान बायोलोजिक कन्ट्रोल के तहत हैचरी को क्रियाशील करना व स्थाई जल सोत्रो मे गम्बुशिया डालना जैसी गतिविधियां सुनिश्चित की जाएगी।

[metaslider id=”68846″]
Categories:
error: Content is protected !!