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राजस्थान की महिला को 5 साल बाद मिला अर्जुन अवॉर्ड:अवॉर्ड को पाने वाली पहली महिला घुड़सवार बनीं, बोलीं- मेरे साथियों, घोड़ों के लिए बेहद गर्व का क्षण

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राजस्थान की महिला को 5 साल बाद मिला अर्जुन अवॉर्ड:अवॉर्ड को पाने वाली पहली महिला घुड़सवार बनीं, बोलीं- मेरे साथियों, घोड़ों के लिए बेहद गर्व का क्षण

जयपुर40 मिनट पहले

दिव्यकृति सिंह ने इक्वेस्ट्रियन में प्रतिष्ठित अर्जुन अवॉर्ड से सम्मानित होने वाली देश की पहली महिला के रूप में भारतीय खेल के इतिहास में अपना नाम दर्ज कराया है। - Dainik Bhaskar

दिव्यकृति सिंह ने इक्वेस्ट्रियन में प्रतिष्ठित अर्जुन अवॉर्ड से सम्मानित होने वाली देश की पहली महिला के रूप में भारतीय खेल के इतिहास में अपना नाम दर्ज कराया है।

महिला घुड़सवार दिव्यकृति सिंह को अर्जुन अवॉर्ड से सम्मानित किया गया है। वे देश के सबसे प्रतिष्ठित खेल पुरस्कारों में से एक अर्जुन अवॉर्ड को पाने वाली पहली महिला घुड़सवार बन गई हैं। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राष्ट्रपति भवन में आयोजित समारोह में दिव्यकृति सिंह को अर्जुन अवॉर्ड प्रदान कर सम्मानित किया। दिव्यकृति पिछले पांच वर्षों में अर्जुन अवॉर्ड पाने वाली राजस्थान की एकमात्र महिला हैं। यह घोषणा न केवल दिव्यकृति के लिए बल्कि उनके गृह राज्य राजस्थान के लिए भी गर्व का क्षण है, क्योंकि वह वर्तमान वर्ष में अर्जुन अवॉर्ड प्राप्त करने वाली क्षेत्र की एकमात्र प्रतिनिधि हैं। इक्वेस्ट्रियन में एशियाई खेलों में पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला भी हैं।

भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राष्ट्रपति भवन में आयोजित एक भव्य समारोह में दिव्यकृति सिंह को प्रतिष्ठित अर्जुन अवॉर्ड प्रदान कर सम्मानित किया।

भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राष्ट्रपति भवन में आयोजित एक भव्य समारोह में दिव्यकृति सिंह को प्रतिष्ठित अर्जुन अवॉर्ड प्रदान कर सम्मानित किया।

अवॉर्ड हासिल करने के बाद दिव्यकृति ने कहा ने कहा- हमारी माननीय राष्ट्रपति से सम्मान और पुरस्कार प्राप्त करना इक्वेस्ट्रियन खेल और मेरे साथियों, घोड़ों के लिए बेहद गर्व का क्षण है। यह एक सुखद अनुभव है। इसके लिए मैं अपने परिवार और अपने घोड़ों के प्रति आभार व्यक्त करती हूं। जिनके सहयोग से आज मुझे यह उपलब्धि हासिल करने में मदद मिली। द पैलेस स्कूल, जयपुर और अजमेर में मेयो कॉलेज गर्ल्स स्कूल की पूर्व छात्रा दिव्यकृति पिछले तीन वर्षों से जर्मनी में हेगन के प्रसिद्ध हॉफ कैसलमैन ड्रेसाज यार्ड में प्रशिक्षण ले रही हैं।

दिव्यकृति ने कहा ने कहा कि हमारी माननीय राष्ट्रपति से सम्मान और पुरस्कार प्राप्त करना इक्वेस्ट्रियन खेल और मेरे साथियों, घोड़ों के लिए बेहद गर्व का क्षण है।

दिव्यकृति ने कहा ने कहा कि हमारी माननीय राष्ट्रपति से सम्मान और पुरस्कार प्राप्त करना इक्वेस्ट्रियन खेल और मेरे साथियों, घोड़ों के लिए बेहद गर्व का क्षण है।

गौरतलब है कि दिव्यकृति सितंबर में चीन के हांगझू में एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाली भारतीय ड्रेसाज टीम का हिस्सा थीं। इसके बाद उन्होंने पिछले महीने सऊदी अरब के रियाद में अंतर्राष्ट्रीय ड्रेसाज प्रतियोगिता में एक व्यक्तिगत रजत और दो कांस्य पदक जीते, जिसमें विश्वभर के राइडर्स के साथ कड़ी अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा के बीच अपने एशियाई खेलों के स्कोर में सुधार करते हुए अपने करियर के सर्वश्रेष्ठ स्कोर बनाए। इस वर्ष मार्च में इंटरनेशनल इक्वेस्ट्रियन फेडरेशन द्वारा जारी ग्लोबल ड्रेसाज रैंकिंग में दिव्यकृति को एशिया में नंबर 1 और विश्व में 14वां स्थान दिया गया था।

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