समाज को बाल विवाह के दंश से मुक्त बनाना हमारी सामूहिक जिम्मेदारी: अध्यक्ष, बाल कल्याण समिति

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बीकानेर, 9 मई। राजस्थान महिला कल्याण मंडल शाखा बीकानेर द्वारा कैलाश सत्यार्थी चिल्ड्रन फाउंडेशन के सहयोग से संचालित एक्सेस टू जस्टिस परियोजना के तहत गुरुवार को बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के तहत बाल कल्याण समिति अध्यक्ष जुगल किशोर व्यास द्वारा बाल विवाह रोकथाम हेतु पोस्टर का विमोचन किया गया।
बाल कल्याण समिति अध्यक्ष जुगल किशोर व्यास ने पोस्टर का विमोचन करते हुए कहा कि बाल विवाह एक कानूनी अपराध व सामाजिक बुराई है। इससे बचाव के लिए कानून के साथ सामाजिक सतर पर भी प्रयास जरूरी हैं। समाज को बाल विवाह के दंश से मुक्त करने के लिए हमें सामूहिक प्रयास करने की आवश्यकता है। किशोर न्याय बोर्ड के सदस्य अरविंद सेंगर ने कहा कि यदि हम वंचित बच्चों को शिक्षा से जोड़ने का प्रयास करें, तो बाल विवाह व बाल श्रम जैसी बुराइयों से बचा जा सकेगा। राजस्थान महिला कल्याण मंडल बीकानेर के जिला समन्वक अमित कुमार ने बताया कि अक्षय तृतीया पर अबुझ सावे के चलते बड़ी संख्या में बाल विवाह होने की संभावना है। इसके मद्देनजर हम सभी को बाल विवाह रोकथाम हेतु मिलकर प्रयास करना होगा। उन्होंने बताया कि संस्था वर्तमान में जिले के गांवों में बाल विवाह रोकथाम की मुहीम चला रही है। इस दौरान घर घर जाकर बाल विवाह न करने हेतु शपथ पत्र भरवाए जा रहे हैं। अब तक बीकानेर जिले में लगभग 2 लाख 40 हजार लोगों से शपथ पत्र भरवाए जा चुके हैं। इस कड़ी में संस्था के रिसोर्स पर्सन पिंकी जनागल व कम्युनिटी सोशल वर्कर लक्ष्मी नारायण स्वामी ने विभिन्न स्थानों पर बाल विवाह रोकथाम के पोस्टर लगाए और आमजन को बाल विवाह की सूचना चाइल्ड हेल्पलाइन नम्बर 1098, बचपन बचाओ आंदोलन नम्बर 1800-102-7222 व पुलिस प्रशासन को व बाल कल्याण समिति व संस्था को देने की अपील की। इस अवसर पर बाल कल्याण समिति सदस्य हाजरा बानो, सुनीता व जन्मेजय व्यास मौजूद रहे।

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