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4 दिन में 20 त्योहार मनाएंगी 800 से ज्यादा बेटियां:बहूरानियां करेंगी स्वागत; कल से समदड़ी में अनूठा उत्सव

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4 दिन में 20 त्योहार मनाएंगी 800 से ज्यादा बेटियां:बहूरानियां करेंगी स्वागत; कल से समदड़ी में अनूठा उत्सव

बालोतरा जिले के समदड़ी में साल की विदाई एक खूबसूरत एहसास के साथ होगी। यहां पहली बार समदड़ी की 800 से ज्यादा बेटियां एक साथ जुटेंगी। देशभर में रह रही कस्बे की बेटियों को अपने पीहर में एक साथ जुटाने और उनकी मान-मनुहार करने का बीड़ा जैन मित्र मंडल ने उठाया।

चार दिन तक इन बेटियों के लिए गिल्ली डंडा, सितोलिया व खो-खो खेलकूद, मोटिवेशनल सेमिनार, पारंपरिक वेशभूषा में घूमर का आयोजन होगा। बुजुर्गों का सम्मान किया जाएगा।

मित्र मंडल के सदस्य रमेश भंसाली ने बताया- 29 दिसंबर से 1 जनवरी तक चार दिन बेटियों के नाम होंगे। आखिरी दिन बेटियों को उपहार देकर विदा किया जाएगा। आयोजन की थीम समदड़ी की शान बेटियां- समदड़ी का सम्मान बहुरानियां रखी गई है। कोरोना काल में ऐसे आयोजन को लेकर कुछ बेटियों के मन में सभी को एकजुट करने की बात दिमाग में आई। इसके बाद भाइयों ने उनकी इच्छा पूरी करने का बीड़ा उठाया है।

समदड़ी कस्बे में कुल 800 बेटियां और बहुरानियां आएगी।

समदड़ी कस्बे में कुल 800 बेटियां और बहुरानियां आएगी।

बेटी रेखा लुकड़ का कहना है- कई बेटियां कई सालों बाद अपने पीहर आईं और समदड़ी कस्बे में सारे घर एक बार खुल गए हैं। ऐसे कई घर हैं जो 8 से 10 साल बाद खुले हैं। यह चार दिन बेटियों और बहूरानियों के लिए होंगे। ऐसी कई बहुएं हैं जिन्होंने कई साल से समदड़ी में अपना घर नहीं देखा है। चार दिवसीय मेला उत्सव में वे खूब इंजॉय करेंगी।

800 बेटियों का हुआ रजिस्ट्रेशन

संदीप सांखला ने बताया- 800 से ज्यादा बेटियां रजिस्ट्रेशन हो चुका है। 29 दिसंबर को सभी का स्वागत बहूरानियां करेंगीं। दिन में मोटिवेशनल सेमिनार रखी जाएगी। शाम को एक साथ सालभर के त्योहार मनाए जाएंगे। अलग-अलग शहरों से आ रही बेटियां एक-एक त्योहार की परफॉर्मेंस देंगी। इस तरह करीब 20 त्योहार एक साथ मनाए जाएंगे।

जैन मित्र मंडल ने सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं।

जैन मित्र मंडल ने सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं।

30 दिसंबर को हैरिटेज वॉक होगा

30 दिसंबर को सुबह हैरिटेज वॉक होगी। इसमें बेटियों को पूरे समदड़ी का भ्रमण करवाया जाएगा। सभी बेटियां एक जैसी टी-शर्ट में तिरंगा लेकर चलेंगी। दोपहर में पारंपरिक खेल गिल्ली-डंडा, सितोलिया, खो-खो आदि खेले जाएंगे। शाम को भजन संध्या का आयोजन किया जाएगा।

31 दिसंबर को सुबह 75 वर्ष से ऊपर के बुजुर्गों का सम्मान किया जाएगा। दोपहर में समदड़ी गोट टेलेंट में बेटियां अपना हुनर दिखाएंगी। शाम को घूमर नाइट में बेटियां परंपरागत राजस्थानी वेशभूषा में दिखेंगी और घूमर डांस करेंगी।

चार दिन तक अलग-अलग प्रोग्राम का होगा आयोजन।

चार दिन तक अलग-अलग प्रोग्राम का होगा आयोजन।

शोभायात्रा के साथ होगा समापन

1 जनवरी को सुबह शोभायात्रा निकाली जाएगी और दोपहर को क्रिकेट मैच खेला जाएगा। इसी दिन शाम को विदाई गीतों के साथ बेटियों को उपहार देकर बहूरानियां ससुराल के लिए विदा करेंगी। आयोजन के लिए 9 सदस्यों ने मिलकर कोर कमेटी बनाई है।

इसमें शांतिलाल पालरेचा, रमेश भंसाली, अशोक बाफना, मोती ओसवाल, मनोज लूंकड़, सुरेश चौपड़ा, संदीप सांखला, विमल भंडारी और विशाल बागरेचा हैं। आयोजन को सफल बनाने के लिए पूरी टीम पिछले एक महीने से तैयारी में जुटी है।

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