वजन घटाने वाले अमेरिकी इंजेक्शन को भारत में मंजूरी:डायबिटीज के इलाज के लिए बना था; साइड इफेक्ट नहीं, पर जिंदगीभर लेना होगा

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वजन घटाने वाले अमेरिकी इंजेक्शन को भारत में मंजूरी:डायबिटीज के इलाज के लिए बना था; साइड इफेक्ट नहीं, पर जिंदगीभर लेना होगा

अमेरिकी कंपनी के इस इंजेक्शन में टिर्जेपेटाइड (Tirzepatide) नाम की दवा है, जिसे टाइप-2 डायबिटीज के ट्रीटमेंट में इस्तेमाल किया जाता है। - Dainik Bhaskar

अमेरिकी कंपनी के इस इंजेक्शन में टिर्जेपेटाइड (Tirzepatide) नाम की दवा है, जिसे टाइप-2 डायबिटीज के ट्रीटमेंट में इस्तेमाल किया जाता है।

आम लोगों के जेहन में ये दो सवाल अक्सर आते हैं…

  1. जल्दी और ज्यादा पैसा कैसे कमाएं?
  2. अपना वजन कम कैसे करें?

हम पहले सवाल का उत्तर नहीं दे सकते, लेकिन दूसरे सवाल का जवाब सरकार के एक फैसले से मिल सकता है। भारत सरकार ने हाल ही में एक ऐसे इंजेक्शन के इस्तेमाल को मंजूरी दी है, जिसे वजन घटाने में कारगर बताया जा रहा है। दावा है कि यह मोटापा घटाने के ऑपरेशन यानी बैरियाट्रिक सर्जरी का बेहतर विकल्प हो सकता है।

इस इंजेक्शन का नाम माउंजारो है। इसे अमेरिकी कंपनी इलाय लिली ने बनाया है। इसमें इस्तेमाल हुई दवा का नाम टिर्जेपेटाइड (Tirzepatide) है, जिसे टाइप-2 डायबिटीज के ट्रीटमेंट में इस्तेमाल किया जाता है। एक्सपर्ट्स का अनुमान है कि यह 72 हफ्तों में मोटापे को 20.9% तक कम कर सकता है।

इस इंजेक्शन के इस्तेमाल से जुड़े तमाम पहलू समझने के लिए अहमदाबाद के ओबेसिटी सर्जन डॉ. अपूर्व व्यास से बात की। नीचे पढ़िए जरूरी सवाल और उनके जवाब…

सवाल-1: माउंजारो इंजेक्शन शरीर में कैसे काम करता है?
जवाब: इंसानी शरीर में दो हार्मोन होते हैं। पहला फोरगट (Foregut) जो शुगर लेवल बढ़ाता है और दूसरा हिंडगट (Hindgut) जो शरीर की अतिरिक्त शुगर जलाकर शुगर लेवल घटाता है। इस प्रोसेस से वजन कंट्रोल में रहता है। इस हार्मोन को GLP-1 भी कहा जाता है।

GLP-1 हार्मोन मस्तिष्क के हाइपोथैलेमस हिस्से में जाकर उसे एक्टिव करता है। इससे शरीर को भूख का अहसास कम होता है और खाने की इच्छा कम हो जाती है। इससे अतिरिक्त शुगर नहीं बनती और पहले से जमा चर्बी धीरे-धीरे कम होने लगती है।

शरीर में हिंडगट (GLP-1) एक्टिव न हो तो फोरगट तुरंत एक्टिव होकर शुगर लेवल बढ़ाने लगता है। यह इंजेक्शन GLP-1 को एक्टिव करता है, जिससे वजन घटाने में मदद मिलती है।

सवाल-2: इसे कौन ले सकता है, क्या डायबिटीज पेशेंट यह इंजेक्शन ले सकते हैं?
जवाब:
 यह इंजेक्शन कोई भी ले सकता है। सामान्य लोगों और टाइप-2 डायबिटीज के पेशेंट्स के लिए इसकी डोज अलग-अलग होती है। वजन घटाने के लिए कम डोज दी जाती है, लेकिन इसके साथ डायबिटीज भी कंट्रोल करनी है, तो ज्यादा दवा लेनी होगी। दोनों ही कंडीशन में इंजेक्शन लेने से फायदा होगा।

सवाल-3: कैसे पता करें कि वजन कम करने का इंजेक्शन लेने की जरूरत है?
जवाब: 
अगर किसी का बॉडी मास इंडेक्स यानी BMI 32 या अधिक है, तो उसे वजन कम करने की जरूरत है। इसके लिए डॉक्टर की सलाह पर इंजेक्शन लिया जा सकता है। हालांकि पेशेंट को शरीर का ध्यान भी रखना होगा। पैदल चलना, प्रोटीन इनटेक ज्यादा और कार्बोहाइड्रेट, फैट की मात्रा कम करनी होगी।

सवाल-4: बैरियाट्रिक सर्जरी और माउंजारो इंजेक्शन में क्या बेहतर है?
जवाब: अगर किसी का BMI 38 से 40 है या वह अत्यधिक मोटा है तो उसे बेरियाट्रिक सर्जरी की जरूरत होती है। जो लोग सर्जरी से डरते हैं, उनके लिए इंजेक्शन अच्छा विकल्प है। हालांकि इसके रिजल्ट्स सर्जरी का मुकाबला नहीं कर सकते, लेकिन सबसे अच्छी बात यह है कि इस इंजेक्शन का कोई साइड इफेक्ट नहीं है।

माउंजारो इंजेक्शन को पेट, जांघों या ज्यादा चर्बी हो, सीधे वहां लगाया जा सकता है।

माउंजारो इंजेक्शन को पेट, जांघों या ज्यादा चर्बी हो, सीधे वहां लगाया जा सकता है।

सवाल-5: माउंजारो इंजेक्शन लेने पर कितना खर्च आएगा?
जवाब: भारत में माउंजारो इंजेक्शन की कीमत करीब 1500 रुपए के आसपास रहने की उम्मीद है। यह इंजेक्शन आपको हर पांच दिन में लेना होगा। यानी हर महीने 9 हजार और साल का 1 लाख 8 हजार रुपए खर्च होगा। जो व्यक्ति इंजेक्शन पर हर साल एक लाख रुपए खर्च कर सकता है, वह इंजेक्शन ले सकता है। बेरियाट्रिक सर्जरी का खर्च 3-4 लाख रुपए होता है। उसके बाद भी दवाएं लेनी होती हैं।

सवाल-6: भारत में नया इंजेक्शन कब से मिलने लगेगा?
जवाब: 
भारतीय बाजार में बिक्री के लिए किसी भी दवा या इंजेक्शन को दो संस्थाओं की मंजूरी की जरूरत होती है। पहली- केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (CDSCO) की और दूसरी- ड्रग कंट्रोल जनरल ऑफ इंडिया।

अमेरिकी इंजेक्शन को CDSCO की मंजूरी मिल गई है। ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया की मंजूरी भी जल्द मिलने की उम्मीद है। दोनों अप्रूवल समय पर मिले, तो दिसंबर 2024 तक यह भारत में उपलब्ध हो जाएगा।

सवाल-7: मोटापा घटाने का इंजेक्शन लेने में कौन सी सावधानियां जरूरी हैं?
जवाब:
 किसी भी दवा की तरह माउंजारो इंजेक्शन को भी डॉक्टर की सलाह के बिना नहीं लेना चाहिए। डॉक्टर की बताई हुई डोज में ही इसे लिया जाना चाहिए। इसमें यह भी ध्यान रखना होगा कि एक बार इंजेक्शन लेना शुरू किया, तो फिर जिंदगी भर लेना पड़ेगा। अगर इसे बंद कर देंगे तो कुछ ही समय में वजन फिर बढ़ना शुरू हो जाएगा और शरीर पहले जैसी स्थिति में आ जाएगा।

सवाल-8: इंडियन मार्केट में वजन घटाने के लिए कौन सी दवा मौजूद है?
जवाब: ड्यूराग्लूटाइड नाम का इंजेक्शन और सेमाग्लूटाइड नाम की टैबलेट अभी भारतीय बाजार में उपलब्ध है। दोनों ही यूरोपियन कंपनियों की बनाई हुई हैं, लेकिन अमेरिका का नया इंजेक्शन दोनों से ज्यादा असरदार बताया जा रहा है।

अमेरिका में इंजेक्शन के अच्छे परिणाम आए हैं। यह इंजेक्शन उन लोगों के लिए बहुत उपयोगी है, जिन्हें बेरियाट्रिक सर्जरी की जरूरत नहीं है, लेकिन वे अपना वजन कम करना चाहते हैं। यह डायबिटीज को कंट्रोल करने के साथ वजन घटाने में भी मदद करता है।

देश में 25 से 45 साल की 80% कामकाजी महिलाओं को मोटापा
डॉ. अपूर्व व्यास का कहना है कि लाइफस्टाइल और खान-पान में बदलाव के कारण पुरुषों की तुलना में महिलाओं में मोटापा तेजी से बढ़ रहा है। देश में 25 से 45 साल की 80% कामकाजी महिलाएं मोटापे से जूझ रही हैं। पिछले 10 साल में मोटे लोगों की संख्या बढ़ी है। तीन साल पहले एएमसी की स्टडी में कहा गया था कि 2020 की तुलना में 2022 में 15% ज्यादा बच्चे मोटापे का शिकार हैं।

गांवों के मुकाबले शहरी लोगों में मोटापे की समस्या ज्यादा
राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण के अनुसार, देश में 15 से 49 वर्ष की महिलाओं में मोटापा बढ़ा है। 13% शहरी महिलाएं और 6% ग्रामीण महिलाएं मोटापे से ग्रस्त हैं। यानी ग्रामीण इलाकों की तुलना में शहरी इलाकों की महिलाओं में मोटापा दो से ढाई गुना ज्यादा है। गांवों में 2% पुरुष मोटे हैं, जबकि शहर में 9% पुरुष मोटापे से ग्रस्त हैं।

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