अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति (AIDWA) की राजस्थान राज्य कमेटी 10 अक्टूबर 2026 को दिल्ली में शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर हुई पुलिस की बर्बर कार्रवाई तथा लोकतांत्रिक विरोध प्रदर्शनों के क्रूर दमन की कड़े शब्दों में निंदा करती है। AIDWA की राजस्थान राज्य महासचिव डॉ. सीमा जैन ने एक प्रेस बयान जारी करते हुए कहा कि राजनीतिक नेताओं, कार्यकर्ताओं, छात्रों, युवाओं और नागरिक समाज के लोगों को बड़े पैमाने पर हिरासत में लेना लोकतांत्रिक अधिकारों और संवैधानिक स्वतंत्रताओं पर सीधा हमला है।
डॉ. सीमा जैन ने बताया कि दिल्ली में सैकड़ों प्रदर्शनकारियों को गैर-कानूनी तरीके से हिरासत में लिया गया, जिनमें AIDWA का लगभग पूरा केंद्रीय नेतृत्व शामिल था। इनमें अखिल भारतीय अध्यक्ष पी. के. श्रीमती, महासचिव कनिनिका घोष सहित वरिष्ठ नेत्री वृंदा करात, सुभाषिनी अली, मरियम धवले, यू. वासुकी, एस. पुण्यवती, के. के. शैलजा, सी. एस. सुजाता, साथिदेवी, आशा शर्मा, देबोलिना हेम्ब्रम, मीनाक्षी मुखर्जी, बालाभारती, रमादेवी, टी. ज्योति और आशा यादव प्रमुख हैं।
प्रदर्शनकारियों के साथ पुलिस द्वारा की गई धक्का-मुक्की और मारपीट में कई कार्यकर्ताओं को गंभीर चोटें आई हैं। हिरासत में ली गई वरिष्ठ महिला नेताओं के साथ अमानवीय व्यवहार किया गया। उन्हें घंटों तक बिना भोजन और पानी के पुलिस वैन में घुमाया गया और जरूरी दवाओं तक नहीं लेने दी गईं। मौर्या एन्क्लेव थाने में हिरासत के दौरान बुनियादी मानवीय सुविधाओं जैसे शौचालय तक से वंचित रखा गया और उनके मोबाइल फोन भी जब्त कर लिए गए।
डॉ. सीमा जैन ने कहा कि भारी पुलिस बल की तैनाती, बैरिकेडिंग और संचार साधनों पर पाबंदी यह साबित करती है कि हुकूमत लोकतांत्रिक सवालों से डरती है। दिल्ली में हुआ यह दमन मतदाता सूचियों के ‘विशेष गहन पुनरीक्षण’ (SIR) से जुड़े गंभीर सवालों और गड़बड़ियों से ध्यान भटकाने की साजिश है। पात्र नागरिकों, विशेष रूप से वंचित और हाशिए के तबकों के नाम मतदाता सूची से गायब किया जाना सार्वभौमिक वयस्क मताधिकार की बुनियाद पर सीधा कुठाराघात है।
AIDWA राजस्थान राज्य कमेटी प्रमुख रूप से माँग करती है कि:
मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जवाबदेही तय करते हुए सख्त कार्रवाई की जाए।
SIR प्रक्रिया को तब तक तत्काल स्थगित किया जाए, जब तक कि पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता, निष्पक्षता और जवाबदेही सुनिश्चित न हो जाए।
मतदाता सूचियों से अनुचित और मनमाने तरीके से हटाए गए सभी पात्र नागरिकों के नाम अविलंब बहाल किए जाएँ।
शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक विरोध प्रदर्शनों पर पुलिसिया दमन, लाठीचार्ज और मनमानी हिरासत पर तुरंत रोक लगाई जाए।
डॉ. सीमा जैन ने दमन के खिलाफ मजबूती से खड़े होने वाले छात्रों और युवाओं का अभिनंदन करते हुए राजस्थान की सभी इकाइयों, न्यायप्रिय नागरिकों, महिला संगठनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं से अपील की है कि वे लोकतांत्रिक अधिकारों और सार्वभौमिक वयस्क मताधिकार की रक्षा के लिए एकजुट होकर आवाज बुलंद करें।
जारीकर्ता:
डॉ. सीमा जैन
राज्य महासचिव
अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति (AIDWA), राजस्थान
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