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गोचर भूमि और सिद्ध स्याऊ बाबा मंदिर परिसर में ओरण गोचर भूमि बचाने को लेकर आर-पार की लड़ाई,अदालत ने दिया अल्टीमेटम..

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​बीकानेर।राजस्थान की सांस्कृतिक धरोहर और पर्यावरण के रक्षक ‘गोचर एवं ओरण’ को बचाने के संकल्प के साथ, आज श्री सिद्ध स्याऊ बाबा गौ सेवा समिति द्वारा एक विशेष प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया। नाल रोड स्थित श्री सिद्ध स्याऊ बाबा मंदिर परिसर में आयोजित इस वार्ता में संतों और वकीलों ने स्पष्ट कर दिया कि गोचर भूमि पर अतिक्रमण कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। समिति ने सरकार को चेतावनी देते हुए 27 जनवरी को विशाल प्रदर्शन का ऐलान किया है। गोचर पर अवैध कब्जो के मामले में पैरवी कर रहे एडवोकेट बृजमोहन पुरोहित ने प्रेस वार्ता में बताया कि स्याऊ बाबा परिसर में बने नए मंदिर की आड़ में कुछ प्रभावशाली और राजनीतिक संरक्षण प्राप्त लोग गोचर भूमि पर कब्जा कर रहे हैं। अदालत के रुख से साफ़ है कि यह अवैध निर्माण जल्द ही सरकारी नियमों के तहत ध्वस्त होने की कगार पर है। उन्होंने अदालत के आदेश का हवाला देते हुए कहा कि स्याऊ बाबा परिसर में मंदिर की आड़ ने हो रहे अवैध कब्जों पर सरकारी स्वीकृति का कोई सबूत नहीं
प्रेस वार्ता के दौरान स्थाई लोक अदालत (जनोपयोगी सेवा), बीकानेर के एक ताज़ा आदेश (मुकदमा नं. 729/25) का हवाला दिया गया। दिनांक 15.01.2026 को जारी आदेश में अदालत ने स्पष्ट किया है कि:
​जिला कलेक्टर द्वारा पेश रिपोर्ट के अनुसार, विवादित परिसर में सांसद/विधायक या किसी अन्य निधि से निर्माण के लिए कोई वित्तीय या प्रशासनिक स्वीकृति जारी नहीं की गई है।
​अदालत ने प्रार्थी (अतिक्रमणकर्ताओं) को 27 फरवरी 2026 तक का अल्टीमेटम दिया है। यदि वे यह साबित नहीं कर पाते कि निर्माण वैध टेंडर या सरकारी पैसे से हुआ है, तो 16.10.2025 का स्थगन आदेश (Stay Order) स्वतः ही खारिज (Vacate) माना जाएगा।

​संतों की चेतावनी: “भुगतना पड़ेगा फल”
प्रेस वार्ता में मुख्य सानिध्य प्रदान कर रहे विद्वान पंडित नथमल जी पुरोहित ने कड़े शब्दों में कहा, “स्याऊ बाबा की जमीन और गोचर की जमीन पर किसी का भी निजी कब्जा नहीं होना चाहिए। यह पाप है और अगर कोई ऐसा करेगा तो उसे इसका फल भुगतना पड़ेगा गोचर में बने मंदिर से कोई आपत्ति नही है लेकिन उसकी आड़ में जो कब्जे हो रहे है वो स्वीकार नही होंगे
​वहीं, पंडित राजेंद्र किराडू ने सरकार के रवैये पर नाराजगी जताते हुए कहा, “सरकार अब तक सिर्फ आश्वासन दे रही है। हमें लिखित में ठोस कार्यवाही चाहिए। अगर ऐसा नहीं हुआ तो हम 27 जनवरी को विशाल प्रदर्शन करेंगे और यह धरना अनिश्चितकालीन चलेगा। आगामी चुनावों में सरकार को इसका अंजाम भुगतना पड़ेगा।”
जुगल किशोर ओझा (पुजारी बाबा) ने कहा की सरकार हमे गोचर भूमि दान नही दे रही है ये हमारे पूर्वजों ने सरकार को पैसे देकर खरीदी हुई है गायो के लिए जिसके हमारे पास सारे कागज पड़े है
इस अवसर पर पंडित नथमल जी पुरोहित, पुजारी बाबा, पंडित राजेंद्र किराडू, शिव शंकर पुरोहित,सुशील किराडू रोड़ा महाराज, सिन महाराज और श्री सिद्ध स्याऊ बाबा गौ सेवा समिति के समस्त पदाधिकारी व सदस्य उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में गोचर संरक्षण का संकल्प लिया।

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