बीकानेर। भारत विकास परिषद् की मीरा शाखा, बीकानेर द्वारा संचालित सिलाई प्रशिक्षण केन्द्र का हाल ही में प्रांतीय पदाधिकारियों द्वारा निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान प्रशिक्षण केन्द्र की व्यवस्थाओं, प्रशिक्षण की गुणवत्ता तथा प्रशिक्षण प्राप्त कर रही महिलाओं की प्रगति का विस्तृत अवलोकन किया गया। इस अवसर पर पदाधिकारियों ने केन्द्र की कार्यप्रणाली की सराहना करते हुए इसे महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक प्रेरणादायी पहल बताया।
शाखा संरक्षिका ऋतु मित्तल ने बताया कि यह प्रशिक्षण केन्द्र जरूरतमंद महिलाओं को कौशल विकास के माध्यम से आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से संचालित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि महिलाओं को सिलाई-कढ़ाई जैसे व्यावहारिक कौशल सिखाकर उन्हें स्वरोजगार के लिए सक्षम बनाना ही इस परियोजना का मुख्य लक्ष्य है।
निरीक्षण कार्यक्रम में रीजनल महिला प्रभारी शशि चुघ, प्रांतीय सचिव डॉ. संजय जिंदल, प्रांतीय अध्यक्ष डॉ. दीप्ती वाहल तथा प्रांतीय महिला सहभागिता प्रमुख छवि गुप्ता विशेष रूप से उपस्थित रहे। सभी अतिथियों ने प्रशिक्षण केन्द्र की व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुए प्रशिक्षार्थियों से संवाद किया और उनके कार्यों का अवलोकन किया।
प्रशिक्षण केन्द्र में वर्तमान में लगभग 20 से 25 महिलाएं नियमित रूप से प्रशिक्षण प्राप्त कर रही हैं। प्रशिक्षण के दौरान कटिंग, सिलाई, डिजाइनिंग, फॉल-पिको, ब्लाउज, कुर्ती सहित विभिन्न परिधानों की व्यावहारिक जानकारी दी जा रही है। केन्द्र का संचालन शाखा की सक्रिय सदस्य चंद्र प्रभा जी की देखरेख में मधुबाला जी द्वारा समर्पित भाव से किया जा रहा है।
निरीक्षण के दौरान पदाधिकारियों ने महिलाओं द्वारा तैयार किए गए परिधानों और उनके आत्मविश्वास की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के प्रशिक्षण केन्द्र समाज की जरूरतमंद महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के साथ-साथ उन्हें सम्मानजनक जीवन जीने का अवसर प्रदान करते हैं।
प्रांतीय अध्यक्ष डॉ. दीप्ती वाहल ने कहा कि महिला सशक्तिकरण के ऐसे प्रयास आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को मजबूती देते हैं और समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
मीरा शाखा, बीकानेर द्वारा समाजोपयोगी प्रकल्पों के माध्यम से सेवा कार्यों में निरंतर सक्रिय भूमिका निभाई जा रही है। शाखा का उद्देश्य कौशल विकास के माध्यम से महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना और उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त करना है। कार्यक्रम के अंत में सभी अतिथियों ने प्रशिक्षण केन्द्र के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए इसके विस्तार के लिए सुझाव भी दिए।











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