
बीकानेर। महाराजा गंगा सिंह विश्वविद्यालय, बीकानेर में अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ, राजस्थान (उच्च शिक्षा) के तत्वावधान में कर्तव्य बोध दिवस का आयोजन सोमवार, दिनांक 19 जनवरी 2026 को किया गया। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता संगठन के उत्तर-पश्चिम क्षेत्र प्रमुख प्रो. दिग्विजय सिंह रहे, तथा विषय प्रवर्तन प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य डॉ. अभिषेक वशिष्ठ द्वारा किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ माँ सरस्वती के पूजन के साथ हुआ। विषय प्रवर्तन करते हुए डॉ. अभिषेक वशिष्ठ ने अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ की रीति-नीति पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि संगठन विद्यार्थियों एवं शिक्षकों में कर्तव्य के प्रति जागरूकता उत्पन्न करने के उद्देश्य से स्वामी विवेकानंद एवं नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती के मध्य कर्तव्य बोध दिवस का आयोजन करता है।
उन्होंने स्वामी विवेकानंद कृत ‘कर्मयोग’ का उल्लेख करते हुए कर्तव्य की अवधारणा स्पष्ट की तथा कहा कि शिक्षक और विद्यार्थी परस्पर सहयोग से राष्ट्र निर्माण में योगदान दें, यही कर्तव्य बोध का सार है। उन्होंने “हमारा अध्ययन तेजस्वी हो, परस्पर द्वेष न हो” का संदेश देते हुए समाज के प्रति सजग एवं उत्तरदायी रहने का आह्वान किया। साथ ही, स्वामी विवेकानंद एवं नेताजी सुभाष चंद्र बोस के जीवन प्रसंगों के माध्यम से राष्ट्र के प्रति निस्वार्थ सेवा की प्रेरणा दी।
मुख्य वक्ता प्रो. दिग्विजय सिंह ने विद्यार्थियों एवं संकाय सदस्यों को कर्तव्य बोध के महत्व पर संबोधित करते हुए स्वामी विवेकानंद के जीवन से प्रेरणा लेने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि राष्ट्र, समाज एवं परिवार के प्रति कर्तव्यों का बोध आध्यात्मिक चेतना को सामाजिक सुधार एवं प्रगति से जोड़ता है। उन्होंने विद्यार्थियों को अधिकारों के साथ-साथ अपने कर्तव्यों के प्रति भी सदैव सजग रहने का संदेश दिया।
कार्यक्रम का संचालन स्थानीय इकाई की अध्यक्ष डॉ. संतोष कंवर शेखावत ने किया। उन्होंने सभी का स्वागत करते हुए कर्तव्यों के प्रति जागरूकता के महत्व पर प्रकाश डाला तथा स्वामी विवेकानंद एवं नेताजी सुभाष चंद्र बोस के जीवन से जुड़े प्रेरक प्रसंगों का उल्लेख किया। स्थानीय इकाई के सचिव श्री उमेश शर्मा ने धन्यवाद ज्ञापित करते हुए सभी से देश एवं समाज के प्रति अपने कर्तव्यों के निष्ठापूर्वक पालन की अपील की।
इस अवसर पर प्रो. राजाराम चोयल, डॉ. प्रभुदान चरण, डॉ. प्रगति सोबती, डॉ नरेंद्र कुमावत, डॉ उज्ज्वल गोस्वामी, अतिथि शिक्षकगण सहित लगभग 120 विद्यार्थी उपस्थित रहे।











Add Comment