फेडरेशन ऑफ़ सेल्फ फाइनेंसिंग टेक्निकल इंस्टीट्यूशंस की राजस्थान मीट का आयोजन, राजस्थान चैप्टर का हुआ गठन..

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एफएसएफटीआई स्व-वित्तपोषित संस्थानों की राष्ट्रीय आवाज, राजस्थान चैप्टर तकनीकी शिक्षा में खोलेगा नवीन संभावनाओं के द्वार : डॉ अंशु कटारिया, नेशनल प्रेसिडेंट

जयपुर, 16 मार्च, फेडरेशन ऑफ़ सेल्फ फाइनेंसिंग टेक्निकल इंस्टीट्यूशंस (एफएसएफटीआई) द्वारा तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में गुणवत्ता, नवाचार तथा संस्थागत सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक दिवसीय राजस्थान स्टेट मीट का आयोजन होटल रेडीसन ब्लू जयपुर में सम्पन्न हुआ। आयोजन समिति एवं जनसंपर्क विशेषज्ञ विक्रम राठौड़ ने बताया कि स्टेट मीट में प्रदेशभर के स्ववित्तपोषित तकनीकी संस्थाओं के प्रतिनिधियों, शिक्षाविदों, प्रबंधकों तथा उच्च शिक्षा विशेषज्ञ भाग लेकर नई शिक्षा नीति के प्रभावी क्रियान्वयन, निजी तकनीकी महाविद्यालयों के हितों के संरक्षण, गुणवत्ता उन्नयन, स्ववित्तपोषित तकनीकी संस्थानों के समक्ष आने वाली व्यावहारिक चुनौतियों उनके समाधान और तकनीकी शिक्षा के वर्तमान परिदृश्य और भविष्य की संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा की। मुख्य अतिथि के रूप में एफएससीआईटी के जनरल सेक्रेटरी डॉ. केवीके राव, एफएसएफटीआई के नेशनल प्रेसिडेंट डॉ अंशु कटारिया, पूका के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट एडवोकेट अमित शर्मा, गुजरात के सेल्फ फाइनेंस कॉलेज एसोसिएशन के प्रेसिडेंट जनक खंडवाला, आर्या ग्रुप ऑफ़ कॉलेजेस जयपुर के अध्यक्ष डॉ.अरविंद अग्रवाल उपस्थित रहे। बैठक के दौरान सर्वसम्मति से एफएसएफटीआई के राजस्थान चैप्टर का गठन किया गया जो प्रदेश में स्ववित्त पोषित तकनीकी संस्थानों के हितों की रक्षा तथा तकनीकी शिक्षा के विकास के लिए कार्य करेंगा। आर्या ग्रुप ऑफ़ कॉलेजेस जयपुर के अध्यक्ष डॉ.अरविंद अग्रवाल को इस नव गठित राजस्थान चैप्टर का प्रथम अध्यक्ष नियुक्त किया गया। स्टेट मीट में यह भी निर्णय लिया गया कि फेडरेशन प्रदेश के विभिन्न तकनीकी संस्थानों के साथ समन्वय स्थापित कर शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार, उद्योगों के साथ बेहतर तालमेल तथा विद्यार्थियों के कौशल विकास के लिए निरंतर प्रयास किया जाएगा। इस अवसर पर उपस्थित सभी सदस्यों ने राजस्थान चैप्टर के गठन पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए आशा जताई कि यह मंच तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इस अवसर पर टेनेंट एप के फाउंडर विक्रम सिंह कविया, आरईसीएस सचिव श्रीधर सिंह सहित विभिन्न हितधारक उपस्थित थे।

एफएसएफटीआई के नेशनल प्रेसिडेंट डॉ अंशु कटारिया ने कहा कि एफएससीआईटी देश में स्व-वित्त पोषित तकनीकी संस्थानों के हितों की रक्षा करने, तकनीकी शिक्षा की गुणवत्ता को सुदृढ़ बनाने तथा शिक्षा क्षेत्र में सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए निरंतर कार्य कर रहा है। आज एफएसएफटीआई स्व-वित्तपोषित गैर-सरकारी कॉलेजों के लिए एक प्रमुख राष्ट्रीय आवाज के रूप में उभरी हैं। उन्होंने आशा व्यक्त की, कि एफएससीआईटी के माध्यम से हम सभी मिलकर तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में आने वाली चुनौतियों का समाधान खोजेंगे और सरकार, विश्वविद्यालयों तथा उद्योग जगत के साथ समन्वय स्थापित कर राजस्थान चैप्टर के माध्यम से नई संभावनाओं के नवीन द्वार खोलेंगे। जनरल सेक्रेटरी डॉ.केवीके राव ने कहा कि फेडरेशन के माध्यम से तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में गुणवत्ता सुधार, विद्यार्थियों के कौशल विकास तथा संस्थानों के समग्र विकास के लिए ठोस पहल की जाएगी, जिससे राज्य में तकनीकी शिक्षा को नई दिशा और गति मिलेगी। डॉ.अरविंद अग्रवाल ने कहा कि तकनीकी शिक्षा आज के समय में राष्ट्र निर्माण की आधारशिला है। हमारे संस्थान न प्रदेश में ना केवल युवाओं को रोजगारोन्मुख शिक्षा प्रदान कर रहे हैं, बल्कि उन्हें नवाचार, अनुसंधान और उद्यमिता के लिए भी प्रेरित कर रहे हैं। ऐसे समय में स्व-वित्तपोषित तकनीकी संस्थानों की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो गई हैं। तकनीकी शिक्षा के हिटधारको ने फेडरेशन के राजस्थान चैप्टर के गठन का स्वागत किया हैं।

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