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डूंगर कॉलेज में अंतरराष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस का आगाज…

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विकिरण जीव विज्ञान आज की अहम जरूरत है: श्री गजेन्द्रसिंह शेखावत

प्राणीशास्त्र विभाग ,राजकीय डूंगर कॉलेज,बीकानेर और इंडियन सोसाइटी फॉर रेडिएशन बायोलॉजी का संयुक्त आयोजन ।

आइसीएफआरबीसीआर 2026 का विषय है कैंसर अनुसंधान और विकिरण जीवविज्ञान के अग्रणी क्षेत्र।

महाविद्यालय परिसर में आज से दो दिवसीय शैक्षिक महाकुंभ का आगाज आज श्री गजेन्द्रसिंह शेखावत के उद्बोधन के साथ प्रारंभ हुआ।

प्रताप सभागार में हो रहे इस आयोजन में देश विदेश के विकिरण वैज्ञानिक ,कैंसर विशेषज्ञ के साथ साथ रेडियोथेरेपिस्ट और युवा शोधार्थी भारी संख्या में जुड़े हैं।आयोजन में 200 से अधिक पंजीकरण हुए हैं।

डूंगर कॉलेज और आईएसआरबी के संयुक्त प्रयासों से अब तक नौ आयोजन हो चुके हैं।जिनमें यह तीसरी अंतरराष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस है जिसका आयोजन डूंगर महाविद्यालय के सहकार में हो रहा है।

इस अवसर पर केंद्रीय कला एवं संस्कृति मंत्री श्री शेखावत ने कहा कि शिक्षा और शोध समाज निर्माण के सबसे मजबूत आधार है।कैंसर हमारे समय की सबसे बड़ी समस्याओं में अग्रणी है।अतः इस तरह के आयोजन हमारा सामाजिक दायित्व है। राजकीय डूंगर कॉलेज और सहयोगी संस्थान अपने कर्तव्यों का भली भांति पालन कर रहे हैं।आने वाले समय में इन आयोजनो से समाज को इस तरह की समस्याओं से निपटने की दिशा मिलेगी।

कार्यक्रम के प्रारंभ में महाविद्यालय के प्राचार्य प्रोफेसर राजेंद्र पुरोहित ने क्रमशः माननीय कैबिनेट मंत्री महोदय श्री शेखावत का हार्दिक अभिनंदन
करते हुए संस्था के प्रति सहयोग और मार्गदर्शन के लिए आभार जताया ।

कार्यक्रम में पश्चिम विधायक श्री जेठानंद व्यास ,श्री मनोज दीक्षित ,कुलपति महाराजा गंगासिंह विश्विद्यालय,बीकानेर ,श्री पुष्पेंद्र सिंह शेखावत ,सहायक निदेशक कॉलेज शिक्षा, डॉ नीति शर्मा,निदेशक, आचार्य तुलसी कैंसर रिसर्च केंद्र,बीकानेर के साथ प्राणिशास्त्र विभाग के प्रभारी डॉ प्रताप सिंह सहित देश विदेश से आए विशिष्ट व्यक्तित्वों का मंच पर राजस्थानी परंपरा से स्वागत एवं सम्मान किया गया ।

इस अवसर पर इस आयोजन की संयोजक डॉ अर्चना पुरोहित ने स्वागत भाषण दिया और दो दिन के कार्यक्रमों की विस्तृत रूपरेखा प्रस्तुत की ।

प्राचार्य प्रो राजेंद्र पुरोहित ने इस आयोजन के महत्त्व और गरिमा पर अपना उद्बोधन देते हुए इसे नगर सहित प्रदेश की उपलब्धि बताया और विश्वास जताया कि इस आयोजन से आने वाले परिणामों से इस भयानक रोग से सामना करने हमारी शक्ति में इजाफा होगा।

अपने उद्बोधन में पश्चिम विधायक श्री जेठानंद व्यास ने कहा कि ऐसे आयोजन समाज को दिशा देने वाले होते हैं। प्रबुद्ध वर्ग का यह चिंतन व्यापक समाज के लिए फलदाई साबित होगा । उन्होंने महाविद्यालय की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह आयोजन विश्वकल्याण की प्रक्रिया के यज्ञ में आपकी अहम आहुति साबित होगा।

सहायक निदेशक, कॉलेज शिक्षा श्री शेखावत ने कहा कि हमें अपनी औपनिवेशिक मानसिकता से मुक्त होकर विश्वस्तरीय अनुसंधान की राह पर आगे बढ़ने में अपनी गति और मति का सम्यक उपयोग करना होगा ।

कार्यक्रम के अध्यक्ष प्रो मनोज दीक्षित ने कहा कि कैंसर आज मानवता के लिए बड़ा खतरा है।मुझे खुशी है कि हमारा परिवार इसे लेकर सचेत और सजग है।उन्होंने देशी खान पान और जीवन शैली के प्रति जागरूकता के पक्ष को उस आयोजन का बहुत ही सक्षम पक्ष बताया ।उन्होंने कहा कि दो दिन का यह मंथन हम सब के जीवन के लिए महत्वपूर्ण साबित होगा।उन्होंने महाविद्यालय की इस पहल को अकादमिक जगत के लिए उल्लेखनीय बताया।

इस दो दिवसीय कान्फ्रेस के निदेशक प्रो कैलाश स्वामी ने बताया कि आज कांफ्रेंस मे तीन तकनीकी सत्र हुए। जिसमे डॉ अरुण चौगले, श्री लंका से आये डॉ जयसिंघम ,जेयासुगीथथान एवं लुधियाना के डॉ मेरी जोन,कनाडा के डॉ राज नारनावारे ने विकिरण के स्वास्थ्य पर पद रहे प्रभावो पर प्रकाश डाला।

सत्र की अध्यक्षता डॉ कमलेश मुंबरेकर, डॉ एम डी शर्मा के साथ उप्पल घोष ने की।

द्वितीय सत्र की अध्यक्षता करते हुए डॉ स्मिता जैन, डॉ अरुण चौगले एवं जयसिंघम ने बताया कि इस सत्र मे सिंगापुर से डॉ प्रकाश हांडे,इटली की लुका जेंटाइल, कॉलोम्बिया के डॉ मारिया प्लाजस, जर्मनी से डॉ जॉर्ज इलिकीस डॉ एस एन शर्मा रेवाड़ी से ऑनलाइन जुड़कर विकिरण पर मेडिकल फिजिक्स द्वितीयक कैंसर स्टेज पर प्रकाश डाला।

तृतीय सत्र कॉलेज के व्योम केंद्र पर सम्पन्न हुआ। जिसमे सात शोध पत्र का वाचन हुआ। इसमें डॉ सुचेथाकुमारी, डॉ विशाख, डॉ ममता शर्मा अलवर, डॉ सीमा सिंह लखनऊ ,डॉ अरविन्द शर्मा के साथ डॉ आर के पुरोहित ने पौधो के उत्पादों से कैंसर से कैसे बचा जा सकता है, एवं नारियल पानी, आइसो फ्लेविनोइड का कैंसर के बचाव मे किस तरह अनुप्रयोग कर हर्बल पदार्थो का उपयोग कर इस महामारी से बचाव किया जा सकता है।

इसी क्रम में शोधार्थियों ने विषय केंद्रित अपने अपने पोस्टर के द्वारा विभिन्न क्षेत्रों में हुए शोध नवाचारों प्रदर्शन किया।

व्योम केंद्र में आयोजित हुए तृतीय तकनीकी सत्र की अध्यक्षता डॉ मेहुल देव, डॉ विशाख केड़लियाउर डॉ प्रताप सिंह ने की

आज शाम को सभी देशी विदेशी आँगनतुको के लिए एक भव्य सांस्कृतिक संध्या का आयोजन राम रंगमंच पर किया जाएगा ।

प्रताप सभागार के खचाखच भरे हॉल में पूर्व संयुक्त निदेशक कॉलेज शिक्षा श्री एम एल गुप्ता के साथ आईएसआरबी की कार्यकारिणी के सभी सदस्यों का स्वागत और सम्मान किया ।
ध्यान रहे कि प्रो एम एल गुप्ता के नेतृत्व में ही जैव विकिरण शोध अनुसन्धान की नींव रखी गई थी।

आज उद्घाटन सत्र में नगर के विभिन्न क्षेत्रों से जुड़ी गणमान्य हस्तियांमें प्रमुख श्री सत्यप्रकाश आचार्य,श्री किशन चौधरी सहित बड़ी संख्या में नागरिक समुदाय की उपस्थिति रही।
कार्यक्रम का संचालन प्रो सोनू शिव और डॉ शशिकांत आचार्य ने किसेवम आभार प्रदर्शन डॉ मनीषा अग्रवाल ने किया।

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