
बीकानेर। मरुधरा की सांस्कृतिक धरती पर हिंदू नववर्ष नव संवत् 2083 के स्वागत को लेकर शहर में उत्साह का माहौल बनता जा रहा है। नव वर्ष की पूर्व संध्या पर आयोजित होने वाले ‘हिंदू नववर्ष महोत्सव – ब्रह्मनाद’ के लिए शहर में व्यापक जनसंपर्क अभियान चलाया जा रहा है। बीकानेर सांस्कृतिक मंच के तत्वावधान में आयोजित यह भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम 18 मार्च को स्थानीय पुष्करणा स्टेडियम में सायं 7 बजे से आयोजित होगा, जिसमें बीकानेर की समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं की झलक देखने को मिलेगी।
आयोजन को सफल बनाने के लिए आयोजक समिति के सदस्य और कार्यकर्ता इन दिनों शहर के विभिन्न मोहल्लों, कॉलोनियों और बाजारों में घर-घर जाकर आमजन को कार्यक्रम का निमंत्रण दे रहे हैं। जनसंपर्क अभियान के दौरान नागरिकों में कार्यक्रम को लेकर विशेष उत्साह और सकारात्मक प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है।
आयोजकों ने बताया कि इस वर्ष का ब्रह्मनाद महोत्सव बीकानेर की सांस्कृतिक पहचान और परंपराओं को नई ऊर्जा देने वाला होगा। कार्यक्रम में लोक संस्कृति, संगीत, परंपरागत प्रस्तुतियों और सांस्कृतिक रंगों का ऐसा संगम देखने को मिलेगा जो दर्शकों को भारतीय संस्कृति की गहराई से जोड़ देगा।
स्कूल-कॉलेजों में भी किया जा रहा प्रचार
महोत्सव को जन-जन तक पहुंचाने के लिए आयोजक समिति द्वारा शहर के स्कूलों और कॉलेजों में भी विशेष प्रचार अभियान चलाया जा रहा है। विद्यार्थियों को भारतीय नववर्ष की परंपरा और इसके सांस्कृतिक महत्व से अवगत कराते हुए उन्हें कार्यक्रम में शामिल होने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। शिक्षण संस्थानों में पोस्टर, निमंत्रण पत्र और संवाद के माध्यम से युवाओं को इस सांस्कृतिक उत्सव से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि नई पीढ़ी भी अपनी जड़ों और परंपराओं से परिचित हो सके।
बीकानेरवासियों से सहभागिता की अपील
संयोजक समिति के सदस्य उमाकांत व्यास ने बताया कि ब्रह्मनाद केवल एक सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, परंपरा और नववर्ष के उत्सव का सामूहिक उत्साह है। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष भी इस आयोजन को बीकानेर की जनता का अभूतपूर्व समर्थन मिला था और इस बार कार्यक्रम को और अधिक भव्य तथा आकर्षक बनाने की तैयारी की गई है।
उन्होंने बताया कि इस वर्ष भी कई नए और रोचक सांस्कृतिक कार्यक्रमों को शामिल किया गया है, जो दर्शकों को विशेष रूप से आकर्षित करेंगे।
उमाकांत व्यास ने बीकानेर के जन-जन से अपील की कि वे 18 मार्च को पुष्करणा स्टेडियम पहुंचकर इस सांस्कृतिक उत्सव का हिस्सा बनें और भारतीय संस्कृति व परंपराओं को सशक्त बनाने में अपनी सहभागिता निभाएं।
नव संवत् 2083 के स्वागत में होने वाला यह ब्रह्मनाद महोत्सव बीकानेर के सांस्कृतिक जीवन में एक बार फिर उत्साह, परंपरा और सांस्कृतिक गौरव की गूंज पैदा करेगा।








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