
बीकानेर/ जोधपुर।जोधपुर स्थित जय नारायण व्यास विश्वविद्यालय के इतिहास विभाग द्वारा आयोजित अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी में अभय जैन ग्रन्थालय, बीकानेर से जुड़े लव कुमार देराश्री ने सहभागिता करते हुए बीकानेर की सांस्कृतिक परंपराओं पर आधारित अपना शोध पत्र प्रस्तुत किया।
इस अवसर पर उन्होंने “बीकानेर की संस्कृति में गणगौर पर्व का ऐतिहासिक एवं सामाजिक महत्व” विषय पर शोध पत्र वाचन किया।
इस शोध कार्य के लिए अभय जैन ग्रन्थालय के निर्देशक ऋषभ जी नाहटा द्वारा निरंतर मार्गदर्शन एवं प्रोत्साहन प्रदान किया गया। उन्होंने इस अवसर पर कहा कि बीकानेर की लोकसंस्कृति, पर्व–त्योहार और परंपराएँ शोध एवं दस्तावेजीकरण की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण हैं, और ऐसे अकादमिक मंचों पर इन्हें प्रस्तुत करना सांस्कृतिक संरक्षण की दिशा में आवश्यक कदम है।
अपने शोध पत्र में लव कुमार देराश्री ने गणगौर पर्व की उत्पत्ति, ऐतिहासिक पृष्ठभूमि, लोकआस्थाओं, सामाजिक संरचना तथा बीकानेर क्षेत्र में प्रचलित विशिष्ट परंपराओं का विस्तार से उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि गणगौर पर्व न केवल लोकसंस्कृति का प्रतीक है, बल्कि यह नारी शक्ति, दांपत्य जीवन और सामाजिक समरसता का भी संवाहक पर्व है।
संगोष्ठी में देश–विदेश से आए इतिहासकारों, शोधार्थियों एवं शिक्षाविदों ने शोध पत्र की विषयवस्तु की सराहना करते हुए इसे क्षेत्रीय संस्कृति के संरक्षण और अध्ययन की दृष्टि से महत्वपूर्ण बताया।











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