
जयपुर। भारत की प्राचीन शास्त्रीय परंपरा और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के उद्देश्य से जयपुर में 27 फरवरी 2026 को एक भव्य राष्ट्रीय स्तरीय आयोजन होने जा रहा है। श्रीमद् जगद्गुरु श्री अग्रमलूक द्वाराद्वय पीठाधीश्वर स्वामी श्री राजेन्द्रदास देवाचार्य जी महाराज के पावन सान्निध्य में अनन्त श्री विभूषित श्रीमद् जगद्गुरु श्री रामानन्दाचार्य महाप्रभु के 825वें प्राकट्य पूर्णोत्सव के उपलक्ष्य में अखिल भारतीय मठ-पीठाधीश्वर समागम एवं शास्त्र संरक्षण समारोह आयोजित किया जाएगा।
यह कार्यक्रम श्रीयुत जगद्गुरु रामानंदाचार्य स्वामी श्री रामकृष्णाचार्य जी की अध्यक्षता तथा महंत ‘श्रीवैष्णव’ श्री हरिशंकरदास जी महाराज ‘वेदान्ती’ के मार्गदर्शन में ज्ञान भारतम् मिशन (संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार) एवं मंदिर श्रीरघुनाथजी ट्रस्ट के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित होगा। समारोह अपराह्न 12:15 बजे भवानी शिक्षा निकेतन, गेट नंबर 6-7, सीकर रोड, जयपुर में आयोजित किया जाएगा।
आयोजकों के अनुसार यह समागम राष्ट्रीय स्तर का होगा, जिसमें कश्मीर से कन्याकुमारी तक के जगद्गुरु, द्वाराचार्य, पीठाधीश्वर, महंत एवं महामंडलेश्वर भाग लेंगे। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य देशभर के विभिन्न मठों, मंदिरों और तीर्थस्थलों में संरक्षित प्राचीन पांडुलिपियों और शास्त्रों के संरक्षण, संवर्धन तथा शोध कार्य को नई गति प्रदान करना है। इसी क्रम में 15 लाख ग्रन्थों के संरक्षण का संकल्प लिया जाएगा, जिसे भारतीय ज्ञान परंपरा के संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
इस आयोजन के अंतर्गत नव दिवसीय 108 कुण्डीय श्रीराम महायज्ञ का भी आयोजन किया जा रहा है, जिसकी पावन सान्निध्यता में यह समागम सम्पन्न होगा। समारोह में देशभर के 215 पांडुलिपि धारकों तथा चार संस्थाओं के 60 केंद्रों के साथ संस्कृति मंत्रालय के ज्ञान भारतम् मिशन के तहत अनुबंध किए जाएंगे, जिससे प्राचीन ग्रंथों के डिजिटलीकरण, संरक्षण और शोध को प्रोत्साहन मिलेगा।
विश्वगुरूदीप आश्रम शोध संस्थान के उपाध्यक्ष महामण्डलेश्वर स्वामी ज्ञानेश्वर पुरी जी महाराज ने बताया कि कार्यक्रम में केंद्रीय कला एवं संस्कृति मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। राजस्थान सरकार की उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी विशिष्ट अतिथि होंगी, जबकि ज्ञान भारतम् मिशन के निदेशक इन्द्रजीत सिंह और परियोजना निदेशक प्रो. अनिर्वाण दाश सहित अनेक गणमान्य अतिथि समारोह में शामिल होंगे।
समिति के अध्यक्ष महंत श्री हरिशंकरदास जी वेदान्ती ने श्रद्धालुओं, विद्वानों और संस्कृति प्रेमियों से इस ज्ञान-यज्ञ में सहभागिता कर कार्यक्रम को सफल बनाने की अपील की है। आयोजन से शास्त्र संरक्षण अभियान को राष्ट्रीय स्तर पर नई दिशा और ऊर्जा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।













Add Comment