
जयपुर।भारतीय नव वर्ष को श्री सिद्धा सेवा भारती जयपुर के महिला समूह ने बड़े जोर- शोर के साथ मनाया गया। भारत त्योहारों का देश है जिसमें अभी नवरात्रि चल रहे हैं साथ ही चेटीचंड का त्यौहार , होली, गणगौर की रौनक भी है । यहाँ विभिन्न त्योहार पूरे साल आते हैं जिनको हम सुंदरता और अपनी संस्कृति से ओतप्रोत होकर मनाते आए हैं। किंतु बीच के कुछ काल में इन त्योहारों पर पर्यावरण प्रदूषण कुछ अधिक होने लगा है इसी को ध्यान में रखते हुए पर्यावरण संरक्षित करते हुए इन त्योहारों को सुंदरता से कैसे मनाया जाए? इस विषय पर यह कार्यक्रम रखा गया।
इस कार्यक्रम में डॉ दिव्या वालिया ने मॉडरेशन करते हुए चार विद्वानों के साथ पर्यावरण संरक्षित रहे और त्योहारों की सुंदरता किस प्रकार बनी रहे इस विषय पर एक पैनल डिस्कशन रखा जिसमें माधुरी जी ने “सांस्कृतिक दृष्टिकोण व परंपरागत त्योहार ‘ विषय पर अपने विचार रखे। डॉक्टर राजवीर आर्य ने “स्वास्थ्य और सुरक्षा” पर सुन्दर विचार रखते हुए बताया कि, त्योहारों को कैसे मनाया जाए जिससे स्वास्थ्य सुरक्षित रहे। फिर मनदीप ने “पर्यावरण दृष्टिकोण” – प्रकृति पर प्रभाव पर ,अपने विचार रखे डॉ राकेश कालरा ने कुछ “व्यावहारिक सुझाव” देते हुए हम क्या छोटे-छोटे परिवर्तन कर सकते हैं जिससे एक बहुत बड़ा बदलाव हो सकता है , ऐसी कुछ बातें रखी जिसे श्रोताओं ने स्वीकार किया। कुछ प्रश्न- उत्तर भी हुए।
प्रोफेसर अमला बत्रा ने भी पर्यावरण-संरक्षण के कुछ सामान्य उपायों की ओर सबका ध्यान आकर्षित किया तदुपरांत कार्यक्रम को आगे बढ़ाते हुए कुछ गीत- संगीत किया गया जिसमें मनदीप कौर व प्रियल ने नृत्य प्रस्तुत किया। शिवानी, कुमुद, प्रो अमला बत्रा, डॉ दिव्या वालिया एवं संदीप सपरा ने सुंदर गीत प्रस्तुत किए। गानों पर सभी सदस्य खड़े होकर झूमने लगे और आनंद लिया। कार्यक्रम का संचालन , संस्था का परिचय देते हुए प्रिया खन्ना ने किया । श्वेता दत्त ने व्यवस्था को संभालते हुए रजिस्ट्रेशन का कार्य एवं आगंतुकों का तिलक लगाकर स्वागत किया। डॉ प्रतिमा गुप्ता ने सभी पैनलिस्ट को माला पहनाकर स्वागत किया। डॉ राकेश कलरा ने एक सुंदर गेम सबको खिलाया जिसमें सभी ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया एवं अंजुला जुनेजा प्रथम आई वहीं प्रियल द्वितीय स्थान पर रहीं।
कविता,पूनम,सुधा,सरोज,किरण चड्डा, ह्रिदेश जुनेजा, शुभा, नीरू, और निमित की उपस्थिति रही।











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