राजस्थान शिक्षक संघ प्रगतिशील की प्रदेश स्तरीय संयुक्त बैठक सम्पन्न: 11 सूत्रीय मांगों पर हुआ मंथन

FacebookWhatsAppTelegramLinkedInXPrintCopy LinkGoogle TranslateGmailThreadsShare


बीकानेर।राजस्थान शिक्षक संघ प्रगतिशील की प्रदेश कार्यकारिणी, प्रदेश पदाधिकारियों, जिलों के जिला अध्यक्षों एवं जिला मंत्रियों की संयुक्त बैठक स्वामी कुमारानंद भवन, विधायक पुरी, जयपुर में प्रदेश अध्यक्ष बन्नाराम चौधरी की अध्यक्षता में आयोजित की गई।
बैठक में प्रदेश भर से बड़ी संख्या में शिक्षकों एवं कर्मचारियों ने भाग लिया।
बैठक को संबोधित करते हुए प्रदेश मुख्य महामंत्री किशनलाल सारण ने बताया कि शिक्षकों के वर्षों से लंबित स्थानांतरण एवं पदोन्नति शीघ्र करवाने तथा विद्यालयों में रिक्त पदों को भरने की प्रमुख मांग रखी गई। उन्होंने कहा कि तृतीय श्रेणी शिक्षकों सहित विभिन्न संवर्गों की विभागीय पदोन्नति वर्षों से लंबित है, जिससे पूरे राजस्थान में शिक्षण कार्य प्रभावित हो रहा है और नामांकन में भी गिरावट देखी जा रही है।
बैठक को संबोधित करते हुए प्रदेश महामंत्री यतीश वर्मा ने कहा कि सत्र 2026 के शिविरा पंचांग में ग्रीष्मकालीन अवकाश एवं संस्था प्रधानों के अधिकृत अवकाशों में प्रस्तावित कटौती का पुरजोर विरोध किया गया। संगठन ने मांग रखी कि विद्यालय पूर्व की भाँति 1 जुलाई से ही खोले जाएँ। वहीं, 1 अप्रैल से नए शैक्षिक सत्र लागू करने के निर्णय का स्वागत किया गया।
बीकानेर जिलाध्यक्ष आनंद पारीक ने कहा कि जून माह में अवकाश में की गई 10 दिन की कटौती को अनुचित बताते हुए पूर्व स्थिति बहाल करने तथा ग्रीष्मकालीन अवकाश में कटौती के बदले उपार्जित अवकाश (पी.एल.) का लाभ देने की मांग की गई। संगठन ने प्रतिवर्ष 30 दिन उपार्जित अवकाश देने का भी प्रस्ताव रखा। साथ ही पिछले 8-10 वर्षों से तृतीय श्रेणी शिक्षकों के स्थानांतरण नहीं हुए हैं तथा पिछले 5 वर्षों से नियुक्त शिक्षकों का स्थायीकरण भी लंबित है। स्थानांतरण नीति लागू न होने और सुप्रीम कोर्ट में प्रभावी पैरवी के अभाव को लेकर रोष व्यक्त किया गया।
कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष जसवंत सिंह नरूका ने जर्जर विद्यालय भवनों के सुरक्षा प्रमाण-पत्र शिक्षकों से लेने पर आपत्ति जताते हुए इसे तकनीकी विभाग से करवाने की मांग रखी। साथ ही वर्ष 2011 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को TET अनिवार्यता से मुक्त करने हेतु पुनर्विचार याचिका दायर करने की मांग भी की गई।
बैठक में प्रारंभिक एवं माध्यमिक शिक्षा विभाग में स्टाफिंग पैटर्न लागू कर रिक्त पदों का सृजन करने, वरिष्ठ अध्यापक से व्याख्याता, वाइस प्रिंसिपल एवं प्रिंसिपल की लंबित डीपीसी शीघ्र पूर्ण करने की मांग की गई। विद्यालयों के भौतिक एवं संरचनात्मक विकास पर भी विशेष ध्यान देने की आवश्यकता जताई गई।
कोषाध्यक्ष विष्णु कुमार तेली ने कहा कि संगठन द्वारा सत्र 2025 के सदस्यता अभियान की जिलेवार समीक्षा की गई। आठवें वेतनमान लागू करने में हो रही देरी पर चिंता व्यक्त करते हुए निर्णय लिया गया कि राष्ट्रीय स्तर के संगठनों के साथ मिलकर सर्वोच्च न्यायालय में याचिका दायर की जाएगी।
प्रदेशाध्यक्ष बन्ना राम चौधरी ने बताया कि वरिष्ठ अध्यापक से व्याख्याता पदों की डीपीसी (जो कल जोधपुर में हो रही है) में पाँच विषयों—वाणिज्य, गृह विज्ञान, कृषि, संगीत एवं चित्रकला की भी डीपीसी करवाई जाए। वर्तमान में विगत दो वर्ष से कोर्ट केस चलने और सरकारी बेरुखी के कारण सरकारी वकील द्वारा बहस न किए जाने से इन विषयों के विद्यार्थियों को हानि उठानी पड़ रही है।
इस अवसर पर प्रदेश अध्यक्ष बन्नाराम चौधरी, मुख्य महामंत्री किशनलाल सारण, संरक्षक महादेवा राम देवासी, पूनमचंद विश्नोई, जसवंत सिंह नरूका, कोषाध्यक्ष विष्णु कुमार तेली, खियाराम पूनिया, छोगाराम सारण, कृष्ण कुमार ढाका, अशोक कुमार कटारा एवं सभाध्यक्ष गोरीशंकर साउ, शिवजी राम मुवाल, सतपाल डूडी, प्रभा राम चौधरी, विजय आनंद गुप्ता, बाबूलाल कड़वासरा, मास्टर तरुण मेघवाल, चतुराराम सियाग, चंदन कुमार गर्ग, यतीश वर्मा, आनंद पारीक, रामचंद्र जाट, रामकिशन बेतुक, धनराज सिंह राजावत, हंसराज चौधरी, भवानी शंकर जोशी, कजोड़मल, राजाराम जाट, नरेंद्र जागरवाल, रवि कुमार, अशोक कुमार माली सहित अनेक पदाधिकारी उपस्थित रहे।

FacebookWhatsAppTelegramLinkedInXPrintCopy LinkGoogle TranslateGmailThreadsShare
Categories:

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!