
बीकानेर स्थित अभय जैन ग्रन्थालय में आज राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ प्रचारकों एवं पदाधिकारियों का आगमन हुआ। इस अवसर पर ग्रन्थालय के निदेशक ऋषभ नाहटा द्वारा सभी अतिथियों का आत्मीय स्वागत किया गया तथा ग्रन्थालय में संरक्षित दुर्लभ पांडुलिपियों एवं कला एवं संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार के ‘ज्ञान भारतम् मिशन’ के अंतर्गत चल रहे डिजिटलीकरण एवं शुचिकरण के कार्यों की विस्तृत जानकारी दी गई।
इस भ्रमण के मुख्य अतिथि के रूप में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ प्रचारक एवं हिंदू जागरण मंच के अखिल भारतीय सह-संगठक, नई दिल्ली से पधारे श्री कमलेश सिंह जी उपस्थित रहे। निदेशक ऋषभ नाहटा ने मुख्य अतिथि का स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मान किय।
ग्रन्थालय में दुर्लभ एवं अमूल्य साहित्य का भंडार बताते हुए उन्होंने कहा कि यहाँ संरक्षित पांडुलिपियाँ भारतीय ज्ञान परंपरा की जीवंत धरोहर हैं, जिनका संरक्षण न केवल वर्तमान बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए भी अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने ग्रन्थालय द्वारा किए जा रहे डिजिटलीकरण एवं संरक्षण कार्यों को राष्ट्रीय स्तर पर अनुकरणीय बताया।
इस अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रचारक एवं हिंदू जागरण मंच के पदाधिकारी भी साथ रहे, जिनमें प्रमुख रूप से— विवेकानंद जी, सुभाष शर्मा जी, शेर सिंह जी, गजेंद्र सिंह जी, करणी सिंह जी, टेक चंद बरडिया जी, विनायक जी, किशोर जी बांठिया, समाजसेवी एवं उद्योगपति गणेश जी बोथरा, राजेश चूरू एवं सामाजिक कार्यकर्ता भंवर पुरोहित जी की गरिमामयी उपस्थिति रही।
भ्रमण के दौरान मोहित बिस्सा ने “ज्ञान भारतम् मिशन” के अंतर्गत चल रहे कार्य एवं मेगा सर्वे की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की, वहीं पांडुलिपि संरक्षण एवं सूचीकरण के कार्यों की जानकारी लव कुमार देराश्री द्वारा दी गई। नवरत्न जी चोपड़ा ने सभी अतिथियों को सम्पूर्ण ग्रन्थालय का अवलोकन करवाया।
अतिथियों ने ग्रन्थालय में सुरक्षित प्राचीन हस्तलिखित पांडुलिपियों, उनके संरक्षण, सूचीकरण एवं डिजिटलीकरण की प्रक्रिया में गहरी रुचि दिखाई तथा इस महत्वपूर्ण कार्य की भूरी-भूरी प्रशंसा की। साथ ही इस सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण एवं संवर्धन हेतु निरंतर प्रयासों को आगे बढ़ाने का आवाहन भी किया।
अंत में सभी अतिथियों ने इस महत्वपूर्ण कार्य हेतु अपने सहयोग एवं समर्थन का आश्वासन दिया।














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