
बीकानेर। समाज सेवा और मानवता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को आगे बढ़ाते हुए भारत विकास परिषद्, मीरा शाखा, बीकानेर एवं श्री भगवान महावीर विकलांग सहायता समिति के संयुक्त तत्वावधान में नि:शुल्क विकलांगता सहायता एवं कृत्रिम अंग वितरण शिविर आयोजित किया जा रहा है। इस शिविर के माध्यम से दिव्यांग एवं जरूरतमंद व्यक्तियों को विभिन्न प्रकार के कृत्रिम अंग और सहायक उपकरण निःशुल्क उपलब्ध कराए जाएंगे। शिविर में होने वाला अतिरिक्त खर्च भारत विकास परिषद् मीरा शाखा द्वारा वहन किया जाएगा।मीरा शाखा की संरक्षिका ऋतु मित्तल ने बताया कि शिविर का उद्देश्य उन लोगों को पुनः आत्मनिर्भर बनाना है जो दुर्घटना, बीमारी अथवा जन्मजात कारणों से चलने-फिरने या सुनने में असमर्थ हैं। उन्होंने कहा कि “नर सेवा ही नारायण सेवा है” की भावना के साथ यह सेवा प्रकल्प संचालित किया जा रहा है।शिविर में पात्र लाभार्थियों को जयपुर फुट (कृत्रिम पैर), कृत्रिम हाथ, पोलियो प्रभावित मरीजों के लिए विशेष कैलीपर, व्हीलचेयर, ट्राइसाइकिल, एल्बो क्रच, बैसाखियां तथा डिजिटल श्रवण यंत्र (कान की मशीन) निःशुल्क प्रदान किए जाएंगे। श्रवण यंत्र प्राप्त करने वाले मरीजों के लिए छह माह से अधिक पुरानी न होने वाली ऑडियोमेट्री रिपोर्ट साथ लाना अनिवार्य होगा।पंजीकरण प्रक्रिया 15 जून से प्रारंभ हो चुकी है तथा अधिकाधिक जरूरतमंदों तक सहायता पहुंचाने के उद्देश्य से शीघ्र पंजीकरण कराने की अपील की गई है। शिविर का आयोजन बीकानेर नर्सिंग होम, पवनपुरी, बीकानेर में प्रातः 9 बजे से सायं 5 बजे तक किया जाएगा।शिविर में भाग लेने वाले मरीजों को आधार कार्ड अथवा अन्य सरकारी पहचान पत्र, दिव्यांगता प्रमाण पत्र (यदि उपलब्ध हो), पासपोर्ट आकार का फोटो तथा श्रवण यंत्र हेतु ऑडियोमेट्री रिपोर्ट साथ लानी होगी।मीरा शाखा अध्यक्ष हेमा सिंह दाधीच, संरक्षिका ऋतु मित्तल, शाखा सचिव सुमन यादव, कोषाध्यक्ष सीमा शर्मा सहित सभी पदाधिकारियों ने आमजन से अपील की है कि वे अपने आसपास के जरूरतमंद दिव्यांगजनों तक इस जानकारी को पहुंचाएं ताकि अधिक से अधिक लोग इस सेवा का लाभ उठा सकें।शिविर के लिए अग्रिम पंजीकरण एवं जानकारी हेतु विभिन्न पदाधिकारियों के संपर्क नंबर जारी किए गए हैं। सीमित उपकरण उपलब्ध होने के कारण पहले पंजीकरण कराने वाले पात्र लाभार्थियों को प्राथमिकता दी जाएगी।यह संस्करण स्थानीय समाचार पत्र, पोर्टल या प्रेस विज्ञप्ति के लिए उपयुक्त है।















