बीकानेर/ 8 जून / खादी जगत के पुरोधा, समाजसेवी, समाज सुधारक तथा गरीब, वंचित, पीड़ित और शोषित वर्ग के हितैषी स्वर्गीय गंगाराम मेघवाल की 84वीं जयंती के अवसर पर “श्री गंगाराम मेघवाल मेमोरियल ट्रस्ट, कोलासर” द्वारा सोमवार को प्रताप सभागार, राजकीय डूंगर महाविद्यालय, बीकानेर में कार्यक्रम आयोजित किया गया
इस अवसर पर “तनाव प्रबंधन और जीवन जीने की कला” विषय पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया तथा पर्यावरण संरक्षण के प्रति जनजागरूकता के लिए पौधारोपण एवं पौधों के वितरण का कार्यक्रम भी संपन्न हुआ।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि संभागीय आयुक्त विश्राम मीणा थे विशिष्ट अतिथि शिक्षा अधिकारी अशोक शर्मा, वरिष्ठ साहित्यकार, कवि एवं कथाकार राजेन्द्र जोशी, राजकीय डूंगर महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. राजेन्द्र पुरोहित, महिला एवं बाल विकास अधिकारी नवरंग मेघवाल तथा पर्यावरण प्रेमी प्रो.श्याम सुंदर ज्याणी थे कार्यक्रम की अध्यक्षता राज्य कर विभाग की उपायुक्त पुष्पा पंवार ने की कार्यक्रम के प्रारंभ में मुख्य संयोजक इतिहासकार एवं सहायक आयुक्त राज्य कर विभाग डॉ. रामलाल परिहार ने अतिथियों का स्वागत करते हुए स्व. गंगाराम मेघवाल के व्यक्तित्व एवं कृतित्व को रेखांकित और ट्रस्ट की गतिविधियां तथा मानव हितार्थ किए जाने वाले कार्यों का विवरण पेश किया और संगोष्ठी का विषय प्रवर्तन करते हुए “पेड़ लगा तनाव भगाओ” का आह्वान किया इस अवसर पर श्री अशोक शर्मा ने गंगाराम जी के व्यक्ति तो और कृतित्व पर प्रकाश डालते हुए बताया की स्व. गंगाराम मेघवाल ने खादी क्षेत्र में गुणवत्ता सुनिश्चित करने, नवाचार को प्रोत्साहित करने तथा कत्तीनों एवं बुनकरों के हितों की रक्षा के लिए उल्लेखनीय कार्य किए उनका जीवन समाज सेवा, मानवता और जनकल्याण के लिए समर्पित रहा है स्व. गंगारामजी ने कोलासर खादी समिति के माध्यम से हजारों हाथों को रोजगार दिया और मेघवाल समाज सेवा संस्थान करणी नगर बीकानेर की स्थापना कर मेघवाल समाज को एक महत्वपूर्ण धरोहर दी।
शिक्षाविद राजेन्द्र जोशी ने स्वर्गीय गंगा रामजी के साथ किए गए कार्यों को याद करते हुए महाराजा गंगा सिंह विश्वविद्यालय बीकानेर की स्थापना में उनके योगदान को याद किया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में बीकानेर के संभागीय आयुक्त विश्राम जी मीना ने बोलते हुए बताया कि गंगाराम जी के जीवन का जब हम अध्ययन करते हैं तो पाते हैं कि उन्होंने खादी जगत, राजनीतिक क्षेत्र, सामाजिक और आर्थिक क्षेत्र में महत्वपूर्ण कार्य किए और उनके द्वारा किए गए कार्य आज भी हमें प्रेरणा देते हैं और हम सभी प्रबुद्धजनों को उनके द्वारा किए गए कार्यों से प्रेरणा लेकर आगे बढ़ना चाहिए और मानवता के विकास में अपना असीम योगदान देना चाहिए और उन्होंने बताया की सर्वजन हिताई की सोच ही तनाव प्रबंधन का मूल सूत्र है इस अवसर परपर्यावरणविद् प्रो. श्यामसुंदर ने पर्यावरण संरक्षण और तनाव प्रबंधन विषय पर अपने विचार रखें साथ ही श्री नवरंग मेघवाल ने गंगाराम जी मेघवाल के द्वारा विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए प्रोत्साहित किए जाने वाले प्रसंगों को याद किया और श्रीमती पुष्पा पंवार ने सभी प्रबुद्ध विद्वानों और पर्यावरण प्रेमियों का कार्यक्रम में गरिमामय उपस्थिति देकर कार्यक्रम को सफल बनाने में दिए गए योगदान के लिए धन्यवाद दिया इस अवसर पर डूंगर कॉलेज के पूर्व छात्र नेता शिवलाल गोदारा और अशोक कड़ेला सहित अन्य प्रबुद्ध लोगों ने अपने विचार रखे जिसमें निष्कर्ष के रूप में ये सामने आया कि तनावपूर्ण जीवनशैली में मानसिक संतुलन बनाए रखने सकारात्मक सोच विकसित करने तथा स्वस्थ जीवन मूल्यों को अपनाने की आवश्यकता है साथ ही पर्यावरण संरक्षण को वर्तमान समय की महत्वपूर्ण आवश्यकता बताते हुए अधिकाधिक पौधारोपण करने और उनकी देखभाल करने का संकल्प लेने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में शिक्षाविदों, साहित्यकारों, समाजसेवियों, विद्यार्थियों एवं गणमान्य नागरिकों ने भाग लेकर स्वर्गीय गंगाराम मेघवाल को श्रद्धांजलि अर्पित की जिसमें स्व.गंगारामजी मेघवाल के पुत्र हरूराम मेघवाल, मांगीलाल, पूनमचंद, भंवरलाल परिहार, ओमप्रकाश परिहार, हजारी देवड़ा झंवर लाल पन्नू वरिष्ठ समाजसेवी सांगीलाल परिहार, डॉ.नंद लाल शेखावत डॉ. कालूराम परिहार लालचंद खुराव शिक्षक ने नेता मोडाराम कड़ेला सोहन लाल गोयल तहसीलदार कालूराम तहसीलदार भंवरलाल तहसीलदार सुरेश बान्दडा वरिष्ठ अब्दुल वाहिद, भगवान सिंह राठौड़ शिवसिंह सांखला जनाब हाजी
गणपत राम गोयल राजाराम स्वर्णकार, के एल गुगरवाल अशोक आर्य शिक्षक नेता दीनदयाल सहित तीन सौ से अधिक प्रबुद्ध लोगों की गरिमामय उपस्थिति रही कार्यक्रम का संचालन शिक्षक नेता रोहित कांटिया ने किया।









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