बीकानेर 11 जून, 2026 । भाकृअनुप-राष्ट्रीय उष्ट्र अनुसंधान केन्द्र, बीकानेर द्वारा भारत सरकार के ‘खेत बचाओ अभियान’ के अंतर्गत आज बीकानेर के केसरदेसर बोहरान गांव में किसान जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें इस गांव के 36 किसानों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस अवसर पर केन्द्र के वैज्ञानिक डॉ. धवलकांत ने किसानों को मृदा परीक्षण के आधार पर उर्वरकों के संतुलित उपयोग की सलाह देते हुए कहा कि इससे मृदा स्वास्थ्य संरक्षण के साथ-साथ कृषि लागत में भी कमी लाई जा सकती है। उन्होंने किसानों को खेती-किसानी में वैज्ञानिक ज्ञान एवं आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने के महत्व से भी अवगत कराया।
एनआरसीसी की ओर से इस अभियान के आयोजन सचिव डॉ. बी. श्रीशैलम ने बताया कि ‘खेत बचाओ अभियान’ का उद्देश्य किसानों को मृदा परीक्षण, मृदा स्वास्थ्य कार्ड, संतुलित पोषक तत्व प्रबंधन, जल संरक्षण एवं वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों के प्रति जागरूक बनाना है, ताकि कृषि लागत कम हो तथा मृदा की उर्वरता दीर्घकाल तक बनी रहे।
केन्द्र के निदेशक डॉ. अनिल कुमार पूनिया ने ‘खेत बचाओ अभियान’ की प्रगति के संबंध में संबद्ध वैज्ञानिकों से अद्यतन जानकारी लेते हुए बताया कि भारत सरकार द्वारा 01 जून से 30 जून, 2026 तक संचालित यह अभियान किसानों को मृदा स्वास्थ्य संरक्षण, संतुलित उर्वरक उपयोग एवं सतत कृषि पद्धतियों के प्रति जागरूक बनाने की एक महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने वैज्ञानिकों एवं अधिकारियों को अधिकाधिक किसानों तक पहुंचकर अभियान की जानकारी प्रसारित करने तथा उन्हें मृदा परीक्षण आधारित खेती अपनाने के लिए प्रेरित करने के निर्देश दिए ।
केसरदेसर बोहरान के श्री भूरामल राईका, कृषक-मित्र, राजस्थान सरकार एवं श्री मोडाराम, प्रगतिशील किसान ने भारत सरकार के ‘खेत बचाओ अभियान’ को समय की मांग बताया तथा आयोजित जागरूकता कार्यक्रम हेतु एनआरसीसी के प्रति आभार व्यक्त किया। केन्द्र के श्री मनजीत सिंह, सहायक मुख्य तकनीकी अधिकारी ने भी इस अभियान के बारे में किसानों के साथ अपने विचार साझा किए तथा इस आयोजन में सक्रिय सहयोग प्रदान किया ।









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