35 वर्षों के अनुभव के साथ सिक्किम में एडवेंचर टूरिज्म को नई पहचान; महिला सशक्तिकरण का भी दिया संदेश
बीकानेर निवासी इंजीनियर रोहिताश्व बिस्सा और डॉ. सुषमा बिस्सा ने सिक्किम के एडवेंचर टूरिज्म के इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ते हुए पहली बार पैरासेलिंग का प्रदर्शन किया है। सिक्किम के लिंगपिंग तार में आयोजित विशेष एडवेंचर फेस्टिवल में दोनों नेशनल एडवेंचर फाउंडेशन (NAF) का प्रतिनिधित्व करते हुए अपनी सेवाएं दे रहे हैं। इस आयोजन के माध्यम से सिक्किम के इतिहास में पहली बार पैरासेलिंग का प्रदर्शन किया गया, जो राज्य के साहसिक पर्यटन क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। आर के शर्मा ने बताया कि इस टीम की ऐतिहासिक विरासत स्व मगन बिस्सा से जुड़ी है, जिन्होंने भारत में पैरासेलिंग खेल को परिचित कराने और इसकी शुरुआत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। उनके द्वारा शुरू की गई इस साहसिक खेल यात्रा को आज इंजीनियर रोहिताश्व बिस्सा और डॉ. सुषमा बिस्सा आगे बढ़ा रहे हैं। दोनों पिछले 35 वर्षों से पैरासेलिंग एवं एडवेंचर स्पोर्ट्स के क्षेत्र में सक्रिय हैं।
इस दौरान उनकी टीम ने गुजरात, हिमाचल प्रदेश, तमिलनाडु, राजस्थान, मध्य प्रदेश, झारखंड, ओडिशा, जम्मू-कश्मीर, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, दमन, हरियाणा, पंजाब, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, असम और पश्चिम बंगाल सहित देश के अनेक राज्यों में पैरासेलिंग की शुरुआत एवं प्रदर्शनियों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
सिक्किम में आयोजित इस ऐतिहासिक आयोजन के दौरान इंजीनियर रोहिताश्व बिस्सा ने सिक्किम की पहली पैरासेलिंग फ्लाइट का सफलतापूर्वक नियंत्रण एवं संचालन किया। वहीं डॉ. सुषमा बिस्सा ने सिक्किम की पहली महिला प्रतिभागी को पैरासेलिंग की पहली उड़ान करवाई। इस पहल के माध्यम से उन्होंने महिलाओं को साहसिक खेलों में आगे आने और आत्मविश्वास के साथ नई चुनौतियां स्वीकार करने का संदेश देते हुए महिला सशक्तिकरण की प्रेरणादायक मिसाल प्रस्तुत की।
इस आयोजन में श्री काजी शेरपा, प्रिंसिपल, IHCAE एवं जॉइंट डायरेक्टर, एडवेंचर, सिक्किम टूरिज्म का महत्वपूर्ण सहयोग एवं मार्गदर्शन प्राप्त हुआ है। फेस्टिवल का समापन 7 नवंबर 2026 को सिक्किम के माननीय मुख्यमंत्री द्वारा किया जाना प्रस्तावित है।








