बीकानेर। शास्त्री नगर से नागणेचीजी मंदिर के आगे तक बड़े नाले को कवर करने और समस्या का स्थायी समाधान करने की मांग को लेकर नाला समाधान संयुक्त संघर्ष समिति ने जन हस्ताक्षर अभियान चलाया। नवरात्रि के अवसर पर ऐतिहासिक नागणेचीजी मंदिर में आयोजित अभियान के दौरान लोगों ने नाले से फैल रही गंदगी, दुर्गंध और प्रदूषण पर चिंता जताई।
समिति ने राजस्थान सरकार, जनप्रतिनिधियों और जिला प्रशासन से नाले के दूषित पानी की जांच तथा उससे मानव स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रभावों का आकलन कराने की मांग की। समिति का कहना है कि नाले में अस्पतालों के अपशिष्ट, औद्योगिक रसायन और घरेलू गंदा पानी मिलने से आसपास के क्षेत्रों में गंभीर प्रदूषण की आशंका है। इससे लोगों को त्वचा और श्वसन संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।
समिति ने नाले के स्थायी समाधान के लिए स्वीकृत डीपीआर, बजट और तकनीकी मानकों के अनुरूप समयबद्ध कार्ययोजना बनाने तथा नाले के ऊपर के स्थान का जनहित में उपयोग करने की संभावनाएं तलाशने का आग्रह किया।
पवनपुरी, मरुधर नगर, शास्त्री नगर, वल्लभ गार्डन, आदर्श कॉलोनी, डुप्लेक्स कॉलोनी, मदन विहार, बजरंग विहार, कैमल फार्म, शिवबाड़ी और सुदर्शना नगर सहित आसपास के क्षेत्रों के लोग इस समस्या से प्रभावित बताए गए हैं।
इस अवसर पर समिति के मुख्य संयोजक नरेंद्र शर्मा, वक्ता राकेश शर्मा, संरक्षक बी.डी. शर्मा, संयोजक सुमेश शर्मा सहित दिनेश भटनागर, राजकुमार जैन, शिव भार्गव, बंशीधर शर्मा, अशोक यादव, राजकुमार महात्मा, सुरेश बिश्नोई, दिव्यांश शर्मा और विभिन्न कॉलोनियों के नागरिक उपस्थित रहे।







