राजस्‍थान में अब पूर्व सैनिकों को मिलेगा बीएड का दर्जा:शिक्षा मंत्री बोले- वीरांगनाओं और आश्रितों को मिलेगी अनुकंपा नौकरी

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राजस्‍थान में अब पूर्व सैनिकों को मिलेगा बीएड का दर्जा:शिक्षा मंत्री बोले- वीरांगनाओं और आश्रितों को मिलेगी अनुकंपा नौकरी

रामगंज मंडी (कोटा)

कोटा के रामगंजमंडी में एक सभा के दौरान शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने कहा कि पूर्व सैनिकों को मेरिट और आरक्षण के आधार पर शिक्षक बनाया जाएगा। - Dainik Bhaskar

कोटा के रामगंजमंडी में एक सभा के दौरान शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने कहा कि पूर्व सैनिकों को मेरिट और आरक्षण के आधार पर शिक्षक बनाया जाएगा।

राजस्थान के शिक्षा विभाग ने नई पहल करते हुए पूर्व सैनिकों को सरकारी शिक्षक बनाने की तैयारी शुरू कर दी है। शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने कहा कि पूर्व सैनिकों को अब बीएड डिग्री के बराबर दर्जा दिया जाएगा।

कोटा के रामगंजमंडी में एक सभा के दौरान सोमवार को शिक्षा मंत्री ने कहा कि पूर्व सैनिकों को मेरिट और आरक्षण के आधार पर शिक्षक बनाया जाएगा। सैनिकों की आकस्मिक मौत होने और शहीद होने पर वीरांगना और आश्रितों को अनुकम्पा में सरकारी नौकरी दी जाएगी।

रामगंजमंडी में शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने एक सभा को संबोधित किया।

रामगंजमंडी में शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने एक सभा को संबोधित किया।

कुछ पूर्व सैनिकों ने शिक्षक बनने के लिए आवेदन भी किया
दिलावर ने कहा कि देश में राजस्थान शिक्षा विभाग पहली बार इसकी पहल कर रहा है। इसका प्रस्ताव जल्द तैयार कर शिक्षा विभाग सीएम भजनलाल शर्मा को भेजेगा। कुछ पूर्व सैनिकों ने शिक्षा विभाग में शिक्षक बनने के लिए आवेदन किया है, लेकिन शिक्षा विभाग के अधिकारी मानने को तैयार नहीं है। अधिकारियों का कहना है कि पूर्व सैनिकों की शिक्षा ट्रेनिंग, शिक्षा विभाग से कम है। ऐसे में पूर्व सैनिकों को शिक्षक नहीं बनाया जा सकता हैं। इसको लेकर अब अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि रिटायर्ड सैनिकों को बीएड डिग्री के बराबर मानना पड़ेगा। ऐसे में अब पूर्व सैनिकों को मेरिट के आधार पर और आरक्षण के आधार पर सरकारी टीचर बनाया जाएगा।

अधिकारियों को प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश
शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने कहा कि भारतीय सैनिकों की सामान्य मौत हो जाती है या युद्ध के दौरान शहीद हो जाते है। इसके बाद परिवार के पालन पोषण में काफी समस्या आती है, लेकिन फिर भी शहीद की वीरांगनाओं को अनुकम्पा नियुक्ति देने का प्रावधान नहीं है। अब वीरांगनाओं और शहीद के आश्रितों को सरकारी नौकरी दी जाएगी, इसके लिए अधिकारियों को प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए गए है।

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