सुप्रीम कोर्ट ने ट्रेनी एसआई की जमानत याचिका की खारिज:हाईकोर्ट के 8 मई के आदेश को दी चुनौती, कोर्ट ने राज्य सरकार से मांगा जवाब

TIN NETWORK
FacebookWhatsAppTelegramLinkedInXPrintCopy LinkGoogle TranslateGmailThreadsShare

सुप्रीम कोर्ट ने ट्रेनी एसआई की जमानत याचिका की खारिज:हाईकोर्ट के 8 मई के आदेश को दी चुनौती, कोर्ट ने राज्य सरकार से मांगा जवाब

जयपुर

सब इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा-2021 के पेपर लीक मामले में आरोपियों को सुप्रीम कोर्ट से राहत नहीं मिली। कोर्ट ने आरोपियों की उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें उन्होंने अपनी गिरफ्तारी को अवैध बताकर जमानत दिए जाने की गुहार लगाई थी। सुप्रीम कोर्ट ने सुरेंद्र कुमार, नरेश कुमार और राजेश्वरी समेत 12 आरोपियों की याचिका पर सोमवार को सुनवाई करते हुए निर्देश दिए।

याचिका में आरोपियों ने संविधान के अनुच्छेद 32 के प्रावधानों के आधार पर उनको रिहा करने की गुहार लगाई थी। इसके जवाब में सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता और एएजी शिवमंगल शर्मा ने याचिका का विरोध करते हुए कहा कि संविधान के इस प्रावधान के तहत आरोपियों को अंतरिम जमानत नहीं मिल सकती, क्योंकि वे पहले ही ट्रायल कोर्ट में जमानत की याचिकाएं दायर कर चुके थे और वहां पर उनकी जमानत याचिका खारिज हो चुकी हैं। इसलिए संविधान के प्रावधानों के अनुसार वे रिहाई के अधिकारी नहीं हैं।

सुप्रीम कोर्ट ने दोनों पक्षों को सुनकर आरोपियों की गुहार नहीं मानी। इस पर आरोपियों ने याचिका को वापस ले लिया और उस आधार पर सुप्रीम कोर्ट ने उसे खारिज कर दिया।

हाईकोर्ट ने 8 मई को 12 आरोपियों जमानत देने का सीएमएम कोर्ट का आदेश रद्द कर दिया था। इसके बाद आरोपियों ने जमानत के लिए सुप्रीम कोर्ट याचिका दाखिल की थी।

हाईकोर्ट ने 8 मई को 12 आरोपियों जमानत देने का सीएमएम कोर्ट का आदेश रद्द कर दिया था। इसके बाद आरोपियों ने जमानत के लिए सुप्रीम कोर्ट याचिका दाखिल की थी।

सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार से 15 जुलाई तक मांगा जवाब
वहीं हाईकोर्ट के 8 मई के आदेश को चुनौती देने वाली आरोपियों की एसएलपी पर कोर्ट ने 15 जुलाई तक राज्य सरकार को जवाब देने के लिए कहा है। सुप्रीम कोर्ट ने यह निर्देश आरोपी सुभाष बिश्नोई, अभिषेक बिश्नोई, राकेश व मनीष बेनीवाल की एसएलपी पर दिया।

आरोपियों ने एसएलपी में हाईकोर्ट के 8 मई के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें सीएमएम कोर्ट के 11 ट्रेनी एसआई और कॉन्स्टेबल को जमानत पर रिहा करने के आदेश को रद्द कर दिया था। वहीं हाईकोर्ट ने डीजीपी को कहा था कि वे आरोपियों की अवैध हिरासत की जांच कर अपनी रिपोर्ट 15 दिन में ट्रायल कोर्ट में पेश करें। ट्रायल कोर्ट आरोपियों की अवैध हिरासत के संबंध में दी गई डीजीपी की रिपोर्ट के आधार पर उनकी अवैध हिरासत का बिदूं तय करे।

सीएमएम कोर्ट ने आरोपियों को दी थी जमानत
जयपुर मेट्रो-द्वितीय की सीएमएम कोर्ट ने आरोपियों को एसओजी की तरफ से गिरफ्तार करने के 24 घंटे बाद पेश करने को उल्लंघन माना था। कोर्ट ने माना था कि एसओजी ने आरोपियों को अवैध हिरासत में रखा है। इस पर कोर्ट ने गिरफ्तार ट्रेनी एसआई हरखू, मंजू, सुरेंद्र कुमार, जयराज सिंह, सुभाष, दिनेश, चेतन सिंह, मालाराम, राकेश, दिनेश, चेतन सिंह, मालाराम,राकेश, अजय, मनीष और कॉन्स्टेबल अभिषेक को जमानत पर रिहा करने के आदेश दिए थे।

FacebookWhatsAppTelegramLinkedInXPrintCopy LinkGoogle TranslateGmailThreadsShare
Categories:

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!