गंगाशहर विकास मंच के तत्वावधान में महाराजा गंगासिंह जी की 147वीं जन्म जयंती समारोहपूर्वक मनाई गई

FacebookWhatsAppTelegramLinkedInXPrintCopy LinkGoogle TranslateGmailThreadsShare

महाराजा गंगासिंह जी के दूरदर्शी व्यक्तित्व, ऐतिहासिक योगदान और विकास कार्यों का किया स्मरण

गंगाशहर के विकास के लिए सर्वसमाज की सहभागिता पर जोर, नागरिक समस्याओं के समाधान हेतु विभिन्न प्रस्तावों पर हुई चर्चा

गंगाशहर । गंगाशहर विकास मंच, गंगाशहर के तत्वावधान में बीकानेर रियासत के 21वें शासक एवं गंगाशहर के संस्थापक महाराजा गंगासिंह जी की 147वीं जन्म जयंती का आयोजन स्थानीय डागा गेस्ट हाउस के प्रांगण में गरिमामय वातावरण में किया गया। समारोह में महाराजा गंगासिंह जी के ऐतिहासिक योगदान, दूरदर्शी सोच, जनकल्याणकारी कार्यों तथा आधुनिक बीकानेर के विकास में उनकी महत्त्वपूर्ण भूमिका को स्मरण किया गया। साथ ही, गंगाशहर के समग्र विकास, नागरिक सुविधाओं के विस्तार और जनसमस्याओं के समाधान के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया गया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि बीकानेर के महापौर अनिल जी कल्ला एवं उपमहापौर पंकज जी गहलोत थे। विशिष्ट अतिथियों में नगर विकास न्यास, बीकानेर के पूर्व अध्यक्ष महावीर जी रांका , डागा ट्रस्ट के विमल जी डागा, जैन महासभा बीकानेर के अध्यक्ष कन्हैयालाल जी बोथरा, विप्र फाउंडेशन के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य किशन जी जोशी, बंशीलाल जी तंवर एवं सोहनलाल जी नाई शामिल रहे। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता मोटिवेशनल स्पीकर डॉ. चक्रवर्ती नारायण जी श्रीमाली एवं महाराजा गंगासिंह जी विश्वविद्यालय के व्याख्याता गोपाल जी व्यास थे।

मंच के उद्देश्यों एवं जनभागीदारी पर दिया जोर

कार्यक्रम के प्रारंभ में मनीष बाफना ने गंगाशहर विकास मंच के उद्देश्यों, कार्ययोजना एवं सामाजिक भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा कि मंच का उद्देश्य गंगाशहर के विकास से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाना तथा प्रशासन और आमजन के बीच समन्वय स्थापित कर जनसमस्याओं का समाधान करवाना है। स्वागत वक्तव्य शिखरचंद डागा ने दिया।

महापौर अनिल जी कल्ला ने कहा – महाराजा गंगासिंह जी की विकास परिकल्पना को साकार करना हमारा दायित्व

मुख्य अतिथि महापौर अनिल जी कल्ला ने अपने संबोधन में कहा कि महाराजा गंगासिंह जी अभूतपूर्व शासक थे। उन्होंने विकास की जो परिकल्पना की थी, उसे साकार करना हम सभी का दायित्व है। इसके लिए गंगाशहरवासियों के सहयोग की अपेक्षा है। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधि और नागरिक मिलकर क्षेत्र की समस्याओं एवं विकास के विभिन्न बिंदुओं को चिह्नित करें, ताकि प्राथमिकता के आधार पर समाधान की दिशा में कार्य किया जा सके।

महापौर ने गंगाशहर की बसावट तथा यहां विभिन्न सुविधाएं उपलब्ध करवाने में सेठ ईश्वरचंद्र चोपड़ा के योगदान को स्मरण किया। साथ ही, उन्होंने गंगाशहर विकास मंच की इस पहल की सराहना करते हुए इसे क्षेत्र के विकास के लिए सकारात्मक प्रयास बताया।

उपमहापौर पंकज जी गहलोत ने विकास को बताया सर्वोच्च प्राथमिकता

उपमहापौर पंकज जी गहलोत ने महाराजा गंगासिंह जी के शासनकाल एवं उनकी उपलब्धियों को याद करते हुए कहा कि हमारा संकल्प है कि हम पार्टी की राजनीति से ऊपर उठकर कार्य करेंगे। विकास ही हमारी प्राथमिकता रहेगी और जनसमस्याओं का समाधान करना हमारा संकल्प है।

महावीर जी रांका ने महाराजा गंगासिंह जी को बताया दूरदर्शी शासक

नगर विकास न्यास, बीकानेर के पूर्व अध्यक्ष महावीर जी रांका ने कहा कि महाराजा गंगासिंह जी अत्यंत दूरदर्शी व्यक्तित्व के धनी थे। उनकी दूरदर्शिता का ही परिणाम है कि बीकानेर में ऐसी व्यवस्थाओं का विकास हुआ, जिनका लाभ आज भी आमजन को मिल रहा है। उन्होंने कहा कि कोरोना जैसी आपदा के समय भी पीबीएम अस्पताल में चिकित्सा सुविधाओं के लिए बाहर से लोग आए।

उन्होंने महाराजा गंगासिंह जी को विकास का पुरोधा बताते हुए कहा कि उनके कार्य हम सभी के लिए प्रेरणास्रोत हैं। गंगाशहर विकास मंच के साथ मिलकर हम सभी को महाराजा गंगासिंह जी के सपनों को साकार करने की दिशा में प्रयास करना चाहिए।

विमल जी डागा ने विकास मंच को हरसंभव सहयोग का दिया आश्वासन

डागा ट्रस्ट की ओर से विमल जी डागा ने कहा कि महाराजा गंगासिंह जी महान शासक थे। गंगाशहर क्षेत्र में विकास मंच द्वारा उनकी जन्म जयंती मनाया जाना सराहनीय पहल है। उन्होंने मंच के प्रयासों की प्रशंसा करते हुए कहा कि मंच गंगाशहर के विकास के लिए निरंतर प्रयास करे, हम सभी हर दृष्टि से उसके साथ हैं।

कन्हैयालाल जी बोथरा ने कहा—गंगासिंह जी के जीवन से प्रेरणा लें

जैन महासभा बीकानेर के अध्यक्ष कन्हैयालाल जी बोथरा ने कहा कि गंगाशहर विकास मंच ने सराहनीय पहल की है। इस क्षेत्र में पहली बार मंच द्वारा ही महाराजा गंगासिंह जी की जन्म जयंती मनाई जा रही है। उन्होंने कहा कि महाराजा गंगासिंह जी के जीवन, कार्यों और दूरदर्शी सोच से प्रेरणा लेकर समाज एवं क्षेत्र के विकास में योगदान देना चाहिए।

किशन जी जोशी ने सर्वसमाज की एकजुटता पर दिया बल

विप्र फाउंडेशन के किशन जी जोशी ने कहा कि गंगाशहर के विकास के लिए हम सभी को मिलकर कार्य करना होगा। इसके लिए सर्वसमाज को एकजुट होकर सामूहिक प्रयास करने की आवश्यकता है।

बंशीलाल जी तंवर ने उठाई निगम के क्षेत्रीय कार्यालय की मांग

*

बंशीलाल जी तंवर ने महाराजा गंगासिंह जी को विकास पुरुष बताते हुए कहा कि उनके शासनकाल में बीकानेर की संपूर्ण रियासत का विकास हुआ। उन्होंने गंगाशहर में नगर निगम का क्षेत्रीय कार्यालय पुनः संचालित करने की मांग उठाई तथा इस संबंध में गंगाशहर विकास मंच के प्रयासों का और इस सम्बन्ध में जागरूकता का जिक्र किया |

मुख्य वक्ता डॉ. चक्रवर्ती नारायण जी श्रीमाली ने महाराजा गंगासिंह जी के योगदान को किया रेखांकित

मोटिवेशनल स्पीकर एवं मुख्य वक्ता डॉ. चक्रवर्ती नारायण जी श्रीमाली ने अपने प्रभावशाली संबोधन में महाराजा गंगासिंह जी के बहुआयामी व्यक्तित्व, उनकी दूरदर्शिता तथा ऐतिहासिक उपलब्धियों पर विस्तार से प्रकाश डाला।

उन्होंने कहा कि महाराजा गंगासिंह जी ने शिक्षा के क्षेत्र में क्रांतिकारी कदम उठाए। आजादी से पूर्व के भारत में अनिवार्य शिक्षा एवं बालिका शिक्षा के माध्यम से उन्होंने अभूतपूर्व कार्य किया। वे इस मरुभूमि के भागीरथ थे, जिन्होंने गंगनहर के माध्यम से रेगिस्तान को नखलिस्तान में बदलने का ऐतिहासिक कार्य किया।

उन्होंने कहा कि महाराजा गंगासिंह जी आजीवन समस्त रियासतों के अध्यक्ष रहे, जो उनकी सर्वमान्यता का परिचायक था। उनकी प्रशासकीय क्षमताओं से अन्य रियासतों ने भी प्रेरणा ली। महाराजा गंगासिंह जी निस्संदेह एक आइकन थे तथा समय से आगे की सोच रखने वाले व्यक्तित्व थे।

डॉ. श्रीमाली ने गंगाशहर विकास मंच की पहल की सराहना करते हुए कहा कि यह प्रयास आने वाले समय में जनजागरण एवं जनभागीदारी का अद्भुत मॉडल साबित होगा।

गोपाल जी व्यास ने शासन व्यवस्था के विभिन्न पहलुओं पर डाला प्रकाश

मुख्य वक्ता गोपाल जी व्यास ने महाराजा गंगासिंह जी के शासनकाल की विशिष्टताओं एवं उनके जीवन के अनेक अनछुए पहलुओं की ओर ध्यान आकृष्ट किया।

उन्होंने कहा कि महाराजा गंगासिंह जी ऐसे शासक थे, जिन्होंने शिक्षा, चिकित्सा, कृषि, न्याय व्यवस्था, प्रशासनिक व्यवस्था एवं जनसुनवाई सहित प्रत्येक क्षेत्र में उचित प्रबंधन और व्यवस्थागत सुधारों पर ध्यान दिया। उनके शासनकाल की विशेषताओं का अध्ययन आज भी सुशासन एवं जनकल्याण के लिए प्रेरणादायी है।

गंगाशहर के विकास से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर हुई सार्थक चर्चा

समारोह में महाराजा गंगासिंह जी को श्रद्धांजलि अर्पित करने के साथ-साथ गंगाशहर के वर्तमान विकास की आवश्यकताओं पर भी गंभीरता से चर्चा की गई। उपस्थित जनप्रतिनिधियों, समाजसेवियों एवं गणमान्य नागरिकों ने क्षेत्र की समस्याओं के समाधान तथा नागरिक सुविधाओं के विस्तार के लिए निम्नलिखित प्रमुख बिंदु सामने रखे।

1. नगर निगम का क्षेत्रीय कार्यालय पुनः संचालित हो
गंगाशहर में नगर निगम का क्षेत्रीय कार्यालय पूर्व की भांति जल्द से जल्द संचालित किया जाए, ताकि स्थानीय नागरिकों को निगम संबंधी कार्यों के लिए अनावश्यक परेशानी न उठानी पड़े।

2. महाराजा गंगासिंह जी एवं सेठ ईश्वरचंद्र चोपड़ा की स्मृतियों को मिले उचित सम्मान
महाराजा गंगासिंह जी की प्रतिमा एवं सर्किल तथा सेठ ईश्वरचंद्र चोपड़ा की प्रतिमा को उपयुक्त स्थान पर स्थापित करने की दिशा में प्रयास किए जाएं।

3. सब्जी मंडी की समस्या का हो स्थायी समाधान
क्षेत्र में सब्जी मंडी से जुड़ी समस्याओं का समाधान किया जाए तथा व्यवस्थित व्यापारिक गतिविधियों के लिए नई सब्जी मंडी का निर्माण करवाया जाए।

4. सफाई व्यवस्था को बनाया जाए सुचारु
गंगाशहर में नियमित एवं प्रभावी सफाई व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। इसके लिए प्रशासनिक व्यवस्था के साथ नागरिकों की जिम्मेदारी तय करने वाले उचित नियम भी बनाए जाएं।

5. शिकायत निवारण व्यवस्था में लाई जाए पारदर्शिता
नागरिकों की शिकायतों के समाधान के लिए नगर निगम पोर्टल एवं राजस्थान संपर्क पोर्टल को सुचारु रूप से संचालित किया जाए, ताकि शिकायतों पर समयबद्ध कार्रवाई हो और व्यवस्था में पारदर्शिता बनी रहे।

6. सौंदर्यीकरण एवं हरित विकास को मिले बढ़ावा
क्षेत्र के विभिन्न स्थानों पर पार्क विकसित किए जाएं तथा सड़क डिवाइडरों पर सौंदर्यीकरण के कार्य करवाए जाएं, जिससे गंगाशहर की सुंदरता एवं नागरिक सुविधाओं में वृद्धि हो।

7. सड़क, नाला एवं सोलर लाइट की व्यवस्था हो बेहतर
क्षेत्र में आवश्यकतानुसार सड़कों एवं नालों का निर्माण करवाया जाए तथा सार्वजनिक स्थानों पर सोलर लाइट की समुचित व्यवस्था की जाए।

8. अतिक्रमण हटाने के साथ स्थायी व्यवस्था भी हो
विभिन्न स्थानों पर अतिक्रमण हटाए जाएं। अतिक्रमण हटाने के बाद नगर निगम द्वारा ऐसी उचित व्यवस्था की जाए, जिससे दोबारा अतिक्रमण की स्थिति उत्पन्न न हो।

समारोह में इन विषयों को गंगाशहर के विकास की दृष्टि से महत्त्वपूर्ण बताते हुए प्रशासन, जनप्रतिनिधियों एवं नागरिकों के समन्वित प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया गया।

महाराजा गंगासिंह जी की ऐतिहासिक स्मृतियों की प्रदर्शनी बनी आकर्षण का केंद्र

जन्म जयंती समारोह का एक प्रमुख आकर्षण महाराजा गंगासिंह जी के जीवन एवं ऐतिहासिक योगदान से संबंधित दुर्लभ स्मृतियों की प्रदर्शनी रही।

इस प्रदर्शनी में किशन सोनी एवं सुधीर लुणावत द्वारा महाराजा गंगासिंह जी के जीवन से संबंधित विभिन्न स्मृतियों, ऐतिहासिक घटनाओं, उपलब्धियों, ग्रंथों, सिक्कों एवं प्रतीक चिह्नों को प्रदर्शित किया गया।

प्रदर्शनी में प्रस्तुत ऐतिहासिक वस्तुओं को देखकर आगंतुकों ने प्रसन्नता व्यक्त की तथा इस विशिष्ट संकलन की भूरि-भूरि प्रशंसा की। उपस्थित लोगों ने कहा कि महाराजा गंगासिंह जी के प्रति आमजन में आज भी गहरा स्नेह एवं सम्मान है। उनकी स्मृतियों को आम नागरिकों द्वारा भी संजोकर रखा जाना उनके प्रति जनमानस के जुड़ाव को दर्शाता है।

इस प्रदर्शनी ने समारोह को ऐतिहासिक एवं ज्ञानवर्धक स्वरूप प्रदान किया।

गणमान्य नागरिकों की रही उल्लेखनीय उपस्थिति

समारोह में भैरुदान सेठिया, वीरेंद्र बोथरा, राजकुमार दफ्तरी, महेंद्र बोथरा, किशन बैद,गिरिराज खेरीवाल, रामलाल बोथरा, नवीन सोलंकी, पार्षद संजय राखेचा, पार्षद संदीप गहलोत, सुशील डागा, मांगीलाल लूणिया, दिलीप कातेला, पारस सेठिया, मूलचंद दैया, सुरेंद्र डागा, ओमप्रकाश पारख, चंद्रप्रकाश गहलोत, पवन सुराणा, विमल सिंह चोरड़िया,माणक चंद सामसुखा, मेघराज जी बोथरा,ईश्वर जी बोथरा, मोहन जी भंसाली एवं आसकरण सुराणा सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

आयोजन की सफलता में इनका रहा महत्त्वपूर्ण योगदान

जन्म जयंती समारोह को सफल बनाने में इंदरचंद गोलछा, नवरत्न बोथरा, मनीष बाफना, राजेश बेद,राजेश बुच्चा,शिखरचंद डागा, मनोज पारख, सुधीर लुणावत, गोविंद सारस्वत, सुरेंद्र प्रजापत, बच्छराज गुलगुलिया, करणीदान रांका, मनोज सेठिया एवं डालचंद बुच्चा सहित अनेक कार्यकर्ताओं का अथक परिश्रम एवं सहयोग रहा।

कार्यक्रम के अंतिम चरण में मुख्य अतिथियों, विशिष्ट अतिथियों, मुख्य वक्ताओं एवं श्री किशन सोनी का गंगाशहर विकास मंच की ओर से दुपट्टा पहनाकर तथा महाराजा गंगासिंह जी का चित्र भेंट कर सम्मान किया गया।

आभार ज्ञापन मनोज सेठिया ने किया तथा कार्यक्रम का कुशल संचालन मनीष बाफना ने किया।

गंगाशहर विकास मंच का संदेश

महाराजा गंगासिंह जी की दूरदर्शी सोच से प्रेरणा लेकर गंगाशहर को स्वच्छ, सशक्त एवं विकसित बनाने की दिशा में जनभागीदारी, सामाजिक समरसता और सामूहिक प्रयासों के साथ आगे बढ़ना ही इस आयोजन का मूल उद्देश्य रहा।

Categories:
error: Content is protected !!