पंकज गहलोत और श्याम पंचारिया की टीमों के बीच हुई रोमांचक रस्साकशी, 21 बच्चों को मिले विशेष दिवाली उपहार; पटाखों, प्रसाद और मिट्टी के दीपकों के साथ दिया ‘वोकल फॉर लोकल’ का संदेश
बीकानेर। दीपावली के उत्सव को खेल, फिटनेस, पारिवारिक सहभागिता और सामाजिक जागरूकता से जोड़ने की अनूठी पहल के तहत रविवार को लिलिपॉन्ड में दिशोदय स्पोर्ट्स फाउंडेशन (DSF) के तत्वावधान में खेलो बीकानेर क्लब द्वारा विशेष ‘खेल वाली दिवाली – संडे स्पोर्ट्स लैब’ का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बच्चों, अभिभावकों और गणमान्य नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भागीदारी निभाई। पूरे आयोजन में खेल, मस्ती, पारिवारिक जुड़ाव और सामाजिक सरोकारों का सुंदर संगम देखने को मिला।
डीएसएफ की निदेशक निशा लिम्बा ने बताया कि कार्यक्रम में बीकानेर देहात जिला अध्यक्ष श्याम पंचारिया, उपमहापौर पंकज गहलोत, पूर्व यूआईटी चेयरमैन महावीर रांका, युधिष्ठिर सिंह भाटी, राधा, किशन, मनोज एवं मंदीप जी सहित अनेक गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे। सभी अतिथियों ने बच्चों के साथ खेल गतिविधियों में भाग लेकर उनका उत्साहवर्धन किया तथा खेल वाली दिवाली के संकल्प को आगे बढ़ाया।
कार्यक्रम के दौरान बच्चों के लिए विभिन्न मनोरंजक खेल एवं फिटनेस गतिविधियाँ आयोजित की गईं। बच्चों ने पूरे उत्साह के साथ खेलों में भाग लिया, वहीं अभिभावकों ने भी अपने बच्चों के साथ मैदान में उतरकर खेल गतिविधियों का आनंद लिया। आयोजन का सबसे रोमांचक आकर्षण रस्साकशी (टग ऑफ वॉर) प्रतियोगिता रही, जिसमें उपस्थित अतिथियों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। मुकाबले में एक ओर उपमहापौर पंकज गहलोत की टीम और दूसरी ओर श्याम पंचारिया जी की टीम रही। दोनों टीमों के बीच जोरदार टक्कर देखने को मिली। इस रोचक मुकाबले ने मैदान में उत्साह और उमंग का माहौल बना दिया। अतिथियों को बच्चों के साथ खेलते देखकर बच्चों का उत्साह भी दोगुना हो गया।
कार्यक्रम के विशेष आकर्षण के रूप में 21 बच्चों को उनकी सक्रिय भागीदारी, उत्साह और खेल भावना के लिए विशेष दिवाली उपहार प्रदान किए गए। इसके साथ ही बच्चों को दीपावली का प्रसाद, पटाखे और मिट्टी के पारंपरिक दीपक भी वितरित किए गए। बच्चों को पटाखों के साथ मिट्टी के दीपक देने का उद्देश्य स्थानीय कुम्हारों एवं मेहनतकश कारीगरों को प्रोत्साहित करना रहा। इस पहल के माध्यम से ‘वोकल फॉर लोकल’ को बढ़ावा देते हुए बच्चों और अभिभावकों को स्थानीय उत्पादों को अपनाने तथा अपनी पारंपरिक संस्कृति और स्थानीय हुनर का सम्मान करने का संदेश दिया गया।
इस अवसर पर सभी बच्चों एवं अभिभावकों से विशेष अपील की गई कि इस दीपावली अपने बच्चों को पटाखों के साथ कम से कम एक खेल उपकरण या खेल से जुड़ी सामग्री का उपहार अवश्य दें। बच्चों को मोबाइल स्क्रीन तक सीमित रखने के बजाय खेल के मैदान से जोड़ें, ताकि उनमें शारीरिक क्षमता, अनुशासन, आत्मविश्वास, एकाग्रता और टीम भावना का विकास हो सके।
इसे प्रेस नोट में इस तरह जोड़ सकते हैं:
कार्यक्रम के दौरान खुशियों का माहौल उस समय और बढ़ गया, जब दो बच्चों का जन्मदिन भी सभी ने मिलकर केक काटकर मनाया। साथ ही तिथि के अनुसार पूर्व UIT अध्यक्ष श्री महावीर रांका जी का जन्मदिन भी केक काटकर हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। बच्चों और अतिथियों ने एक-दूसरे को शुभकामनाएँ दीं और खेल के मैदान पर दिवाली के साथ जन्मदिन की खुशियाँ भी साझा कीं।
कार्यक्रम में उपमहापौर पंकज गहलोत ने कहा कि वे स्वयं खेलों से जुड़े हुए हैं और प्रत्येक रविवार इस पहल में शामिल होने का प्रयास करेंगे, जिससे वे नियमित रूप से फिट रह सकें और बच्चों के साथ जुड़कर उनका उत्साह भी बढ़ा सकें। उनका यह संकल्प उपस्थित खिलाड़ियों और अभिभावकों के लिए प्रेरणादायक रहा।
दिशोदय स्पोर्ट्स फाउंडेशन के वरिष्ठ निदेशक उमाशंकर लिम्बा ने सभी गणमान्य अतिथियों का स्वागत एवं अभिनंदन किया तथा कार्यक्रम में भाग लेने वाले अभिभावकों के प्रति विशेष आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि बच्चों को खेलों से जोड़ने की इस पहल में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका माता-पिता की है। आज बच्चों को मैदान तक लाने और इस अभियान से जोड़ने में अभिभावकों का प्रयास सबसे बड़ी ताकत बनकर सामने आया है।
उन्होंने कहा कि जब परिवार अपने बच्चों के साथ खड़ा होता है, उन्हें प्रोत्साहित करता है और सही मार्गदर्शन उपलब्ध करवाता है, तो खिलाड़ी के लिए अपने लक्ष्य तक पहुँचना आसान हो जाता है। किसी भी खिलाड़ी की सफलता के पीछे उसके परिवार का विश्वास, सहयोग और निरंतर प्रोत्साहन महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। संस्था का उद्देश्य केवल खेल गतिविधियाँ आयोजित करना नहीं, बल्कि परिवारों को खेल संस्कृति से जोड़कर एक स्वस्थ, सक्रिय और नशामुक्त समाज का निर्माण करना है।
कार्यक्रम में रीस्टार्ट जिमनास्टिक्स एकेडमी, बीकानेर के बच्चों ने भी उत्साहपूर्वक सहभागिता निभाई। आयोजन को सफल बनाने में खेलो बीकानेर क्लब एवं डीएसएफ की टीम के महावीर, रवि, कविता, संतोष, कोमल, रामनिवास, प्रेक्षा, हिताशा, साक्षी, कुसुम, निशा, रुद्राक्ष, अभिषेक, प्रियांशु, विष्णु, श्रेया, सुमन, ऋषिता सहित अन्य सदस्यों की सक्रिय भूमिका रही।
कार्यक्रम के माध्यम से खेलों के साथ-साथ परिवार, फिटनेस, नशामुक्ति और स्थानीय संस्कृति को अपनाने का संदेश दिया गया। आयोजकों ने कहा कि जब बच्चे, अभिभावक और समाज एक साथ खेलों को अपनाएँगे, तभी एक स्वस्थ, सशक्त और सकारात्मक पीढ़ी का निर्माण संभव होगा।
संकल्प – हर घर में एक खिलाड़ी, हर बच्चा मैदान में।
नशे को ना, खेलों को हाँ!
स्क्रीन डाउन, गेम ऑन!
खेलो, जीतो और रोशनी फैलाओ!








