Bikaner update

तहसीलदारों और पटवारियों ने मिलकर फर्जीवाड़े से बेची जमीन:सरकारी खजाने को करीब तीन सौ करोड़ का नुकसान, 19 के खिलाफ मामला दर्ज

TIN NETWORK
TIN NETWORK

तहसीलदारों और पटवारियों ने मिलकर फर्जीवाड़े से बेची जमीन:सरकारी खजाने को करीब तीन सौ करोड़ का नुकसान, 19 के खिलाफ मामला दर्ज

बीकानेर

बीकानेर के छत्तरगढ़ थाना क्षेत्र में जमीन के फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। पिछले पांच साल में छह हजार बीघा जमीन फर्जी लोगों के नाम कर दी गई। इससे सरकारी खजाने को करीब तीन सौ करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है।

फर्जीवाड़े में छत्तरगढ़ में पदस्थापित रहे अधिकांश तहसीलदार, नायब तहसीलदार और पटवारियों की भूमिका रही। एसपी तेजस्वनी गौतम के आदेश पर छत्तरगढ़ की वर्तमान तहसीलदार राजकुमारी की रिपोर्ट पर 19 जनों के खिलाफ नामजद एफआईआर की गई है। इसके साथ ही जमीन खरीदने वाले 52 जनों के खिलाफ भी मामला दर्ज कराया गया है।

आरोप है कि पांच साल में आए अधिकांश तहसीलदार, नायब तहसीलदार और पटवारियों ने मिलकर सरकारी जमीन का मालिक किसी फर्जी नाम से दर्ज कराया गया। बकायदा उसका इंतकाल चढ़ाया गया। बाद में इसी जमीन को किसी अन्य को बेच दिया गया। कई लोगों को आवंटन फर्जी कागजातों के आधार पर किया गया। छह हजार 125 बीघा जमीन का ये आवंटन पूरी तरह फर्जी पाया जाने पर कलेक्टर के आदेश पर एफआईआर के आदेश दिए गए।

इनके खिलाफ मामला

पुलिस ने अब तत्कालीन तहसीलदार दीप्ति (वर्तमान में मकराना में तहसीलदार), सुरेंद्र जाखड़ (वर्तमान में श्रीगंगानगर में तहसीलदार), कुलदीप सिंह (वर्तमान में श्रीगंगानगर में तहसीलदार), नायब तहसीलदार राजेश शर्मा (वर्तमान में राजियासर तहसीलदार), सरवरद्दीन (हाल भू निरीक्षक कोलायत), तत्कालीन भू निरीक्षक मकसूद अहमद (बीकानेर निवासी), भू निरीक्षक सत्तासर सुभाष जांगिड़, तत्कालीन भू निरीक्षक सत्तासर मुकेश गोदारा (वर्तमान में भू निरीक्षक टिब्बी हनुमानगढ़), खरबारा पटवारी जसवीर, सत्तासर के भू निरीक्षक सुरेंद्र कुमार गोयल, तत्काली पटवारी मोतीगढ़ सुशील मीना (वर्तमान में सिरोही), मोतीगढ़ के पटवारी वीरेंद्र सिंह व अजेंद्र सिंह, खारबरा के पटवारी जसवीर, तत्कालीन पटवारी सत्तासर जयसिंह गुर्जर (हाल कोटपुतली), तत्काली घेघड़ा पटवारी देवराज (निवासी बीकानेर), विकास पूनिया, कुंडा पटवारी अनिता शर्मा व तहसीलदार कार्यालय के कर्मचारी पेमाराम सारण के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।

इन गांवों की जमीन बेची

छत्तरगढ़ तहसील के अधिकारियों और कर्मचारियों ने छत्तरगढ़, मोतीगढ़, नापासरिया, सरदारपुरा, राजासर भाटियान, कुंडा, घेघड़ा, सत्तासर, लूण खान गांव की 1557 हेक्टेयर यानी छह हजार 112 बीघा सरकारी जमीन का फर्जी आवंटन किया। बाजार दर से ये भूमि करीब तीन सौ करोड़ रुपए की थी।

चल रही थी जांच

जमीन घोटाले की शिकायत पहले भी की गई थी, जिसके आधार पर कलेक्टर की ओर से जांच करवाई जा रही थी। जांच रिपोर्ट अब प्राप्त हुई है, जिसके आधार पर वर्तमान कलेक्टर नमृता वृष्णि ने एफआईआर के आदेश दिए।

खरीदारों पर भी मामला दर्ज

इस मामले में दो एफआईआर वर्तमान तहसीलदार ने दर्ज कराई है। एक में सरकारी कर्मचारियों को नामजद कराया गया है, वहीं दूसरी एफआईआर में खरीदारों को मुल्जिम बनाया गया है। ऐसे 52 लोगों पर मामला दर्ज हुआ है, जिन्होंने पिछले पांच साल में सरकारी जमीनों को फर्जी कागजात के आधार पर खरीदा है। इनमें बड़ी संख्या में महिलाएं हैं, जिन्होंने फर्जी कागजात का सहारा लेकर आवंटन करवाया है।

About the author

THE INTERNAL NEWS

Add Comment

Click here to post a comment

CommentLuv badge

Topics

Translate:

Google News
Translate »
error: Content is protected !!