पंजाब के पूर्व डिप्टी CM गिरफ्तार:ओपी सोनी को आय से अधिक संपत्ति मामले में विजिलेंस ने पकड़ा

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पंजाब के पूर्व डिप्टी CM गिरफ्तार:ओपी सोनी को आय से अधिक संपत्ति मामले में विजिलेंस ने पकड़ा

पंजाब के पूर्व डिप्टी CM ओमप्रकाश सोनी को विजिलेंस ने गिरफ्तार कर लिया है। उन्हें 2016 से 2022 के बीच आय से अधिक संपत्ति केस में पकड़ा गया है। ​​​​​​विजिलेंस सोमवार को उन्हें कोर्ट में पेश करेगी।

शिकायत मिलने के बाद सोनी को 25 नवंबर 2022 को पहले बार विजिलेंस ने तलब किया था। करीब 8 महीने इंक्वायरी के बाद विजिलेंस ऑफिस अमृतसर में रविवार को FIR दर्ज की गई।

सोनी पर एंटी करप्शन एक्ट की धाराएं लगाई गई हैं।

साल 2016 से 2022 के बीच की जांच
1 अप्रैल 2016 से 31 मार्च 2022 तक पूर्व डिप्टी सीएम सोनी और उनके परिवार की आय 4.52 करोड़ रुपए थी, जबकि खर्च 12.48 करोड़ रुपए था। उनका खर्च आय के अज्ञात सोर्स से 7.96 करोड़ रुपए ज्यादा था।

इस दौरान सोनी ने अपनी पत्नी सुमन सोनी और बेटे राघव सोनी के नाम पर संपत्तियां खरीदीं।

पांच बार के विधायक हैं ओपी सोनी
2021 में कैप्टन अमरिंदर सिंह के इस्तीफे और चरणजीत सिंह चन्नी के मुख्यमंत्री बनने के बाद ओपी सोनी को उप मुख्यमंत्री का पद दिया गया था। ओपी सोनी 1997, 2002, 2007, 2012 और 2017 में पंजाब विधानसभा के चुनाव जीत चुके हैं। 2017 के विधानसभा चुनाव में सोनी ने अमृतसर सेंट्रल सीट से भाजपा के तरुण चुग को 21 हजार से ज्यादा वोटों से हराया था।

वे 1991 में अमृतसर के पहले मेयर बने थे। वे पंजाब कांग्रेस पब्लिक कमिटी के महासचिव और दो वर्ष तक ऑल इंडिया काउंसिल ऑफ मेयर के चेयरमैन भी रह चुके हैं। इसके अलावा वे विधानसभा में पब्लिक अकाउंट कमिटी के सदस्य और 2017-18 में पंजाब विधानसभा के लोकल बॉडीज और कमिटी ऑन पब्लिक अंडरटेकिंग्स के भी चेयरमैन रह चुके हैं।

विवादों से रहा है नाता
ओपी सोनी के मंत्री बनने के बाद से ही वह विवादों में रहे। शिक्षा मंत्री बने तो टीचर्स एसोसिएशन उनके खिलाफ लड़ती रही। सेहत मंत्री बने तो ब्यूरोक्रेट्स के साथ उनका विवाद रहा। वहीं दो घोटालों में भी उनका नाम बार-बार उछला।

सैनिटाइजर घोटाला
पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार के आते ही ओम प्रकाश सोनी पर सैनिटाइजर घोटाले के आरोप लगे थे। जिसमें कहा जा रहा था कि सेहत विभाग ने सैनिटाइजर महंगे दामों पर खरीदे। वहीं राज्य चुनाव आयोग ने पंजाब हेल्थ सिस्टम कॉर्पोरेशन के माध्यम से सैनिटाइजर भी खरीदा, जो सस्ता था।

चुनाव आयोग के लिए 1.80 लाख बोतलें 54.54 रुपए प्रति बोतल की दर से खरीदी गईं, जबकि सेहत विभाग ने तीन गुना कीमत पर 160 रुपए प्रति बोतल के हिसाब से सैनिटाइजर खरीदा। सेहत विभाग के लिए सैनिटाइजर की खरीद की फाइल पर मंजूरी पूर्व मंत्री सोनी ने दी थी।

सर्किट हाउस PPP मोड पर देने में धांधली
AAP विधायक कुंवर विजय प्रताप ने विधानसभा में पंजाब के तीन सर्किट हाउस का मुद्दा उठाया था। इसमें उन्होंने आरोप लगाए थे कि पिछली कैप्टन सरकार ने अमृतसर, लुधियाना और जालंधर के सर्किट हाउस PPP मोड पर दे दिए थे।

इन सर्किट हाउस की देखरेख की जिम्मेदारी चमन लाल एंड संस, सर्व एलायंस हॉस्पिटिलिटी और सरोवर होटल अमृतसर को दी गई। कुंवर ने आरोप लगाया कि इनमें से 2 कंपनियां ओपी सोनी के रिश्तेदारों की हैं।

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