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पाली के इतिहासकार विजय नाहर मौलिक इतिहास संरक्षण व लेखन के लिए “पण्डित रविशंकर लोकजन इतिहास सम्मान” से सम्मानित

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उदयपुर। लोकजन सेवा संस्थान एवं जनार्दनराय नागर राजस्थान विद्यापीठ के संयुक्त तत्वावधान में मेवाड़ महाराणा भूपाल सिंह जयंती समारोह 2022 के तहत “15 वां महाराणा भूपाल सिंह सम्मान समारोह” आयोजित किया गया।

पाली के इतिहासकार एवं लेखक विजय नाहर को भारतीय इतिहास संरक्षण व मौलिक इतिहास लेखन के लिए “पण्डित रविशंकर लोकजन इतिहास सम्मान” द्वारा नवाजा गया। पाली के लेखक नाहर ने भारतीय इतिहास के 600 ई. से 1200 ई के कालखंड जिसे अंधकार का इतिहास कहते है पर 17 पुस्तकें लिखी है जिनमें सम्राट यशोवर्मन, सम्राट मिहिर भोज, शीलादित्य सम्राट हर्षवर्धन , सम्राट भोज परमार, प्रारम्भिक इस्लामिक आक्रमणों का भारतीय प्रतिरोध, युगपुरुष बप्पारावल, सम्राट पृथ्वीराज चौहान प्रमुख है। राजस्थान के लोकसंतो व सम्राटो के इतिहास को भी लेखक विजय नाहर ने संरक्षित किया है । इन पुस्तकों में मेवाड़ महाराणा प्रताप, नागौर की महासती रानाबाई, राव सिन्हा जी, आचार्य भिक्षु, आचार्य तुलसी, आचार्य महाप्रज्ञ, शासनमाता कनकप्रभा प्रमुख है। लेखक पाली के इतिहास के भी लेखन का कार्य कर रहे है। संस्थान के मुख्य सलाहकार डॉ देव कोठारी ने महाराणा भूपाल सिंह जयंती 2022 के अवसर पर कहा कि नाहर भारतीय इतिहास को मुस्लिम व विदेशी लेखको द्वारा जकड़ीत बेडियों से मुक्त कर भारत को ऐतिहासिक स्वतंत्रता देने का कार्य कर रहे है। जो कि प्रशंसनीय कार्य है । नाहर द्वारा उदयपुर में आपातकाल के दौरान किये गए संघर्ष को याद किया । इस कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य कर रहे 32 लोगों को सम्मानित किया गया।इस अवसर पर लेखक विजय नाहर ने राजस्थान विद्यापीठ के कुलपति को अपने ग्रंथ भेंट किये। नाहर महाराणा भूपाल सिंह जयन्ती पर आयोजित राष्ट्रीय गोष्टी “राजस्थान की विभूतिया” में मुख्य अतिथि भी थे । उन्होंने अपने उद्बोधन में राजस्थान के इतिहास को संरक्षित करने के लिए युवाओं को प्रेरणा दी।

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