आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मानव जीवन के लिए वरदान या अभिशाप – विषय पर अंतर महाविद्यालय वाद-विवाद प्रतियोगिता का आयोजन

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(AI) आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मानव जीवन के लिए वरदान या अभिशाप – विषय पर अंतर महाविद्यालय वाद-विवाद प्रतियोगिता का आयोजन – मुख्य अतिथि गजेंद्र सिंह राठौड़

बीकानेर। भारत विकास परिषद, बीकाणा इकाई द्वारा महाविद्यालय स्तर की अंतर महाविद्यालय हिंदी वाद विवाद प्रतियोगिता एवं आशु भाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम के अवसर पर मुख्य अतिथि शिक्षाविद एवं समाजसेवी गजेंद्र सिंह राठौड़ एवं भारत विकास परिषद, बीकाणा इकाई अध्यक्ष नरेश खत्री (छाबड़ा) ने बताया कि (AI) आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मानव जीवन के लिए वरदान या अभिशाप – विषय पर अंतर महाविद्यालय वाद-विवाद प्रतियोगिता का सफल आयोजन किया गया।

कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथि शिक्षाविद एवं सफल व्यवसायी गजेंद्र सिंह राठौड़, विशिष्ट अतिथि शिक्षाविद अशोक सोनी, अप्रितम क्लब अध्यक्ष ऍम. पी. अग्निहोत्री, राजकुमारी व्यास, निर्णायक जज विपिन जैन, रफी अहमद, मनोज जाखड़ एवं कार्यक्रम अध्यक्ष नरेश खत्री (छाबड़ा) के द्वारा भारत माता और स्वामी विवेकआनंद जी के चित्रों के समक्ष दीप प्रज्वलित कर की गई।

कार्यक्रम की शुरुआत में संपर्क संयोजक लीला कृष्ण चावला एवं पर्यावरण संयोजक कौशलेश गोस्वामी के नेतृत्व में सभी अतिथियों का ओपरना पहनाकर स्वागत किया।

विशिष्ट अतिथि अशोक सोनी एवं सचिव विक्रांत कच्छावा ने बताया कि बीकानेर के 8 महाविद्यालयो ने भाग लिया जिसमे राजकीय महाविद्यालय गंगाशहर, बीकानेर की वंशिका मेघवाल, चंचल शर्मा, सुमित नायक ने प्रथम स्थान प्राप्त किया।

महिला सहभागिता विभाग से रश्मि कल्ला और जय भीम संस्थान के व्यवस्थापक के अनुसार प्रतियोगिता में द्वितीय स्थान पर श्री नेहरू शारदा पीठ महाविद्यालय के चेतन सैनी, ज्योति उपाध्याय, वीणा सुथार रहे।

विजय कपूर और मातृशक्ति चाँद खाँ ने सभी विद्यार्थियों को शुभकामनाएं दी।

निर्णायक के रूप में मौजूद विपिन जैन, रफी अहमद एवं मनोज जाखड़ ने (AI) आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मानव जीवन के लिए वरदान है इसके पक्ष की और विपक्ष की संक्षिप्त जानकारी दी।

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